2 पर समूएल ह कहिस, “मेंह कइसे जा सकत हंव? यदि साऊल ह ये बात ला सुनही, त ओह मोला मार डारही।”
4 समूएल ह वइसने करिस, जइसने यहोवा ह कहिस। जब समूएल ह बैतलहम हबरिस, त ओ नगर के अगुवामन ओकर ले मिलके कांपे लगिन। ओमन पुछिन, “का तें सांत मन से आय हवस?”
5 समूएल ह कहिस, “हव, सांति मन से; मेंह यहोवा ला बलिदान चघाय बर आय हवंव। तुमन अपनआप ला पबितर करके मोर संग बलिदान चघाय बर आवव।” तब ओह यिसै अऊ ओकर बेटामन ला पबितर करिस अऊ बलिदान चघाय बर ओमन ला नेवता दीस।
6 जब ओमन आईन, त ओह एलीआब ला देखिस अऊ सोचिस, “निस्चय, ये जो यहोवा के आघू म हवय, ओही ह ओकर अभिसिक्त जन अय।”
7 पर यहोवा ह समूएल ला कहिस, “ओकर रूप अऊ ओकर कद के ऊंचई के बारे म झन सोच, काबरकि मेंह ओला अस्वीकार करे हंव। यहोवा ह मनखेमन सहीं नइं देखय। मनखेमन तो बाहिरी रूप ला देखथें, पर यहोवा ह मनखे के मन ला देखथे।”
8 तब यिसै ह अबीनादाब ला बलाईस अऊ ओला समूएल के आघू म पठोईस। पर समूएल ह कहिस, “यहोवा ह येला घलो नइं चुने हवय।” 9 यिसै ह तब सम्मा ला पठोईस, पर समूएल ह कहिस, “यहोवा ह येला घलो नइं चुने हवय।” 10 ये किसम ले, यिसै ह अपन सात बेटामन ला समूएल के आघू म पठोईस, पर समूएल ह यिसै ला कहिस, “यहोवा ह येमन ला नइं चुने हवय।” 11 एकरसेति ओह यिसै ले पुछिस, “का तोर अतकेच बेटामन हवंय?”
12 तब यिसै ह ओला बलाय बर एक झन ला पठोईस अऊ ओला लाय गीस। ओकर देहें ह दमकत रहय अऊ रूप ह सुघर अऊ सुडौल रहय।
13 एकरसेति समूएल ह तेल ले भरे सींग ला लीस अऊ ओकर भाईमन के आघू म ओकर अभिसेक करिस, अऊ ओ दिन ले लेके आघू घलो यहोवा के आतमा दाऊद ऊपर बल से उतरे लगिस। समूएल ह तब उठके रामा ला वापिस चल दीस।
15 साऊल के अधिकारीमन ओला कहिन, “देख, परमेसर कोति ले एक दुस्ट आतमा तोला सतावत हवय। 16 हमर मालिक ह इहां अपन सेवकमन ला हुकूम देवय कि ओमन कोनो बने बीना बजइया ला खोजके लानंय। जब-जब परमेसर कोति ले दुस्ट आतमा तोर ऊपर आवय, तब-तब ओह बीना बजावय, ताकि तोला बने लगय।”
17 एकरसेति साऊल ह अपन सहायकमन ला कहिस, “एक बने बीना बजइया ला खोजव अऊ ओला मोर करा लानव।”
18 तब सेवकमन ले एक झन ह जबाब देवत कहिस, “मेंह बैतलहम के रहइया यिसै के एक बेटा ला देखे हंव, जऊन ह बीना बजाय बर जानथे। ओह एक बहादुर मनखे अऊ योद्धा घलो अय। ओह समझ से गोठियाथे अऊ दिखे म सुघर हवय। अऊ यहोवा ह ओकर संग हवय।”
19 तब साऊल ह दूतमन के हांथ म यिसै करा ये खबर पठोईस, “अपन बेटा दाऊद ला मोर करा पठो, जऊन ह भेड़मन के संग म हवय।” 20 तब यिसै ह रोटी ले लदे एक गदहा, चाम के थैली म अंगूर के मंद अऊ बकरी के पीला लीस अऊ येमन ला अपन बेटा दाऊद के हांथ म साऊल करा पठो दीस।
21 दाऊद ह साऊल करा आईस अऊ ओकर सेवा म लग गीस। साऊल ह ओला बहुंत पसंद करिस, अऊ दाऊद ह साऊल के एक हथियार ढोवइया बन गीस। 22 तब साऊल ह यिसै करा ये खबर पठोईस, “दाऊद ला मोर सेवा म रहन दे, काबरकि मेंह ओकर ले खुस हवंव।”
23 जब भी परमेसर कोति ले साऊल ऊपर आतमा आवय, तब दाऊद ह अपन बीना ला लेके बजावय। तब साऊल ला अराम मिलय, ओला बने लगय, अऊ ओ दुस्ट आतमा ह ओला छोंड़ देवय।
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