4 एकरसेति साऊल ह मनखेमन ला बलाके ओमन ला तलाईम सहर म जूरे बर कहिस—उहां ओमन दू लाख पैदल चलइया सैनिक अऊ दस हजार यहूदा के मनखे रिहिन। 5 साऊल ह अमालेक सहर म गीस अऊ घाटी म घात लगाके बईठिस। 6 तब ओह केनीमन ले कहिस, “इहां ले चले जावव, अमालेकीमन ला छोंड़के चले जावव, ताकि मेंह तुमन ला ओमन के संग नास झन करंव; काबरकि तुमन जम्मो इसरायलीमन ऊपर दया करे रहेव, जब ओमन मिसर देस ले निकलके आवत रिहिन।” एकरसेति केनीमन अमालेकीमन के बीच म ले अलग हट गीन।
7 तब साऊल ह हवीला के इलाका ले लेके मिसर के पूरब के सीमना के लकठा म सूर तक, अमालेकीमन ऊपर हमला करिस। 8 ओह अमालेकीमन के राजा अगाग ला जीयत पकड़िस, अऊ ओकर जम्मो मनखेमन ला तलवार ले नास कर दीस। 9 पर साऊल अऊ ओकर सेना ह अगाग अऊ जम्मो बने चीजमन ला नइं मारिन, जइसे कि बने भेड़ अऊ गाय-बईला, मोटहा बछेड़ा अऊ मेढ़ा-पीलामन ला। येमन ला ओमन नास करे बर नइं चाहत रिहिन, पर जऊन चीजमन तुछ अऊ कमजोर रिहिन, ओमन ला साऊल अऊ ओकर सेना ह पूरा नास कर दीस।
10 तब यहोवा के ये बचन समूएल करा आईस: 11 “मेंह साऊल ला राजा बनाके पछतावत हंव, काबरकि ओह मोर पाछू चलना छोंड़ दे हवय अऊ मोर हुकूममन ला नइं मानत हवय।” समूएल ह गुस्सा होईस, अऊ ओ रात भर ओह यहोवा ले गोहार पारिस।
12 दूसर दिन बड़े बिहनियां समूएल ह उठिस अऊ साऊल ले भेंट करे बर गीस, पर ओला ये बताय गीस, “साऊल ह करमेल नगर ला चल दे हवय। उहां ओह अपन आदर म एक स्मारक बनवाय हवय अऊ लहुंटके खाल्हे गिलगाल चल दे हवय।”
13 जब समूएल ह साऊल करा हबरिस, त साऊल ह कहिस, “यहोवा ह तोला आसीस देवय! मेंह यहोवा के बचन ला पालन करे हवंव।”
14 पर समूएल ह कहिस, “तब भेड़मन के ये मिमियाना, जऊन ह मोर कान म पड़त हे, येह का ए? अऊ गाय-बईलामन के रम्भाना, जेला मेंह सुनत हंव, ये का ए?”
15 साऊल ह जबाब दीस, “सैनिकमन येमन ला अमालेकीमन ले इहां लाने हवंय; ओमन सबले बने भेड़ अऊ गाय-बईलामन ला बचाके रखे हवंय कि ओमन ला यहोवा तोर परमेसर ला बलिदान चघावंय, पर बाकि जम्मो ला हमन पूरा नास कर दे हवन।”
16 समूएल ह साऊल ला कहिस, “भइगे! बीते रथिया यहोवा ह मोला का कहिस, मेंह तोला बतावत हंव।”
17 समूएल ह कहिस, “हालाकि एक समय तेंह खुद अपन नजर म छोटे रहय, पर का तें इसरायल के गोत्रमन के मुखिया नइं बन गे? यहोवा ह इसरायल ऊपर राजा के रूप म तोर अभिसेक करिस। 18 अऊ यहोवा तोला एक खास काम करे बर ये कहिके पठोईस, ‘जा अऊ ओ दुस्ट अमालेकी मनखेमन ला पूरा नास कर दे; अऊ जब तक ओमन खतम नइं हो जावंय, तब तक ओमन के बिरूध लड़ई करते रह।’ 19 त फेर तेंह यहोवा के बात काबर नइं मानय? तेंह काबर लूट के चीजमन ऊपर टूट पड़य अऊ यहोवा के नजर म खराप काम करय?”
20 तब साऊल ह कहिस, “पर मेंह तो यहोवा के बात ला माने हंव। जऊन खास काम यहोवा ह मोला दे रिहिस, ओला करे बर मेंह गेंव। मेंह अमालेकीमन ला पूरा नास कर देंव अऊ ओमन के राजा अगाग ला वापिस ले आनेंव। 21 पर सैनिकमन लूट म ले भेड़ अऊ गाय-बईलामन ला ले लीन, याने कि परमेसर के भक्ति म सबले बने चीजमन, ताकि ओ चीजमन ला गिलगाल म यहोवा तोर परमेसर बर बलिदान चघावंय।”
22 पर समूएल ह जबाब दीस:
24 तब साऊल ह समूएल ला कहिस, “मेंह पाप करे हवंव। मेंह यहोवा के हुकूम अऊ तोर बात ला नइं मानेंव। मेंह मनखेमन ले डरके ओमन के बात मानेंव। 25 पर अब मेंह तोर ले बिनती करत हंव कि मोर पाप ला छेमा कर अऊ मोर संग वापिस चल, ताकि मेंह यहोवा के अराधना करंव।”
26 पर समूएल ह ओला कहिस, “मेंह तोर संग वापिस नइं जावंव। तेंह यहोवा के बचन ला अस्वीकार करय, त यहोवा ह तोला इसरायल के राजा के रूप म अस्वीकार करे हवय।”
27 जब समूएल ह जाय बर मुड़िस, त साऊल ह ओकर कपड़ा के छोर ला धरिस, अऊ ओह चीरा गीस। 28 तब समूएल ह ओला कहिस, “यहोवा ह आज तोर ले इसरायल के राज ला टोर दीस अऊ येला तोर एक परोसी इसरायली ला दे दीस, जऊन ह तोर ले बने हवय। 29 जऊन ह इसरायल के महिमामय परमेसर अय, ओह लबारी नइं मारय या अपन मन ला नइं बदलय; काबरकि ओह कोनो मनखे नो हय कि अपन मन ला बदलय।”
30 साऊल ह बिनती करिस, “मेंह पाप करे हवंव; पर किरपा करके मोर मनखेमन के अगुवामन के आघू म अऊ इसरायल के आघू म मोर आदर कर; मोर संग वापिस चल, ताकि मेंह यहोवा तोर परमेसर के अराधना करंव।” 31 एकरसेति समूएल ह साऊल के संग वापिस गीस, अऊ साऊल ह यहोवा के अराधना करिस।
32 तब समूएल ह कहिस, “अमालेकीमन के राजा अगाग ला मोर करा लान।”
33 पर समूएल ह कहिस,
34 तब समूएल ह अपन घर रामा ला चल दीस, पर साऊल ह अपन नगर गिबा म अपन घर गीस। 35 एकर बाद, समूएल ह अपन जिनगी भर फेर कभू साऊल ले भेंट करे बर नइं गीस, हालाकि समूएल ह साऊल बर दुखी होवत रिहिस। अऊ यहोवा ह साऊल ला इसरायल के राजा बनाके पछताईस।
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