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1 एकोबाद मीना स्वर्ग म मानलेव बड़ी भीड़ ख बड़ी जोर से असो कहते सुनियो, “हल्‍लिलूय्याह! उध्दार अर महेमा अर सामर्थ्य हमारो परमेस्वर ही की हैं। 2 काहेकि ओखा निर्नय सच्चा अर भला हैं। ओ ना वा बड़ी वेस्या ख, जो अपनो गलत काम कि चाल चलन से दुनिया ख असुध्द करत रहा, न्याय करियो अर ओ ना अपना दास हुन को खून बदला लियो हैं।” 3 फिर दुसरी बार उनना कय्हो, “हालेलूय्या! ओको जलन को धुआँ युगयुग उठते रहेगो।” 4 तब चोबीस सियाना अदमी हुन [a] अर चारी जीव हुन न गिर ख परमेस्वर ख पाय पड़िया, जो सिंहासन पा बठो हतो, अर कय्हो, “आमीन! हालेलूय्या!”

मेम्ना की सादी
5 एकोबाद सिंहासन म से एक सब्द निकलो, “अरे हमरा परमेस्वर से डरनवाला दासहुन, का छोटा, का बड़ा; तुम सब ओकी महेमा[b] करो।” 6 फिर मीना बड़ी भीड़ को जसो ढ़ेर सारो पानी को सो सब्द, अर गर्जन को सो बड़ो सब्द सुनियो; “हालेलूय्या!” काहेकि प्रभु हमारो हैं परमेस्वर सक्तिमान राज्य करा हैं। 7 आव, अपुन खुस अर मगन होय, अर ओकी स्तुति करे, काहेकि मेम्ना की सादी आ गई हैं, अर ओकी दुलिन न खुद ख तैयार कर लियो हैं। 8 ओखा सुध्द अर चमकदार महीन मलमल पहिननो को अधिकार दियो गयो काहेकि उ महीन मलमल को मतलब सुध्द अदमी हुन को धर्मी का काम हैं।

9 तब स्वर्ग दूत न मोसे कय्हो, “असो लिख, कि धन्य वी हैं, जो मेम्ना को भोज म बुलायो गया हैं।” फिर ओ ना मोसे कय्हो, “यी वचन परमेस्वर ख सच वचन आय।” 10 तब मी ओखा पाय पड़न को लाने ओखा पाय हुन पा गिड गयो। ओ ना मोसे कय्हो, “देख असो मत करा,” मी तोरो अर तोरा भई हुन को संगी दास आय जो यीसु कि गवाई देन पा खड़ो हैं। परमेस्वर ही ख भजन करजे, [c] काहेकि यीसु कि गवाई भविस्यवानी की आत्मा आय।

उजरो घोड़ा को सवार
11 फिर मीना स्वर्ग को खुल्यो देखो, देखु हैं कि एक सफेद घोड़ा हैं; अर ओपर एक सवार हैं, जो भरोसा को कबील[d] अर सच्चो कहलाय हैं; अर उ धर्म को संग न्याय अर युध्द करा हैं। 12 ओकी आँखी आग कि ज्वाला हैं, अर ओकी मुंडी पा ढ़ेर सारा राजमुकुट हैं। ओपर एक नाम लिख्यो हैं, जेका ओखा छोड़ अर कोई नी जाना। 13 उ खून छिडकियो वालो कपड़ा पहिन ख हैं, अर ओको नाम परमेस्वर को वचन हैं, 14 स्वर्ग की सेना उजरो[e] घोड़ा पा सवार अर उजरो[f] अर सुध्द मलमल पहिन ख ओको पीछु-पीछु हैं। 15 जाति जाति ख मारन को लाने ओको मुंड़ो से एक चोक्खी तलवार निकला हैं। उ लोहा को राजदण्ड लेका उन पा राज करेगों, अर सर्वसक्तिमान परमेस्वर को भयानक प्रकोप की पानी जलाहट की मदिरा को रसकुण्ड म अंगूर खोदेगो। 16 ओको कपड़ा अर जाँघ पा असो नाम लिख्यो हैं, “राजा हुन को राजा अर प्रभु हुन को प्रभु।”

17 फिर मीना एक स्वर्ग दूत ख सूरज पा खड़ो होते हुए देख्यो। ओ ना बड़ी जोर से चिल्लाया ख बददल को बीच म से उड़न वाला सब चिड़िया हुन से कय्हो, “आव, परमेस्वर को बड़ो भोज को लाने इकजुट हो जाव, 18 जसो तुम राजा हुन को मांस, अर सरदारहुन को मांस, अर बलसाली इंसान हुन को मांस, अर घोड़ा हुन को अर उनको उपर क सवारहुन को मास अर का स्वतरत का दास, का छोटा का बड़ा, सब अदमी हुन को मांस खाव।”

19 फिर मीना उ जानवर, अर जमीन ख राजा हुन अर उनकी सेना हुन ख उ घोड़ा को सवार अर ओकी सेना से लड़न को लाने एकजुट देख्यो। 20 उ जानवर, अर ओको संग उ झूटा भविस्यवक्ता पकड़ा गयो जेना उनको जोने असा चिन्ह दिखायो रहा जोको दुवारा ओ ना उनका भरमायो जिन पा उ जानवर की छाप हती अर जो ओकी मूर्ति की पूजा करत रहा। यी जिन्दा ही वी आग की झील म, जो गन्धक से जला हैं, डाल्या गया। 21 बचियो वाला उ घोड़ा को सवार की तलवार से, जो ओको मुंड़ो से निकला हैं, मार डाल्या गया; अर सब चिड़िया हुन न उनको मांस हुन से पेट भर लियो।

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