11 कोई नी, “प्रभु, ओ ना जुवाब दियो। ठीक हैं, फिर, यीसु न बोल्यो, मी भी तोखा सजा नी देऊ, जा पर अब फिर से पाप मत करजे।”
12 यीसु न फरीसी हुन से फिर बात करी। मी “संसार को उजियारो आय, ओ ना कयो। जो कोई मोरो पिछु चलेगो, ओको जोने जीवन को उजेरो होयगो अऊर उ कभी इंधारो म नी चलन को।”
13 फरीसी हुन न ओसे कही, “तू खुद को बारे म गवाई दे रयो हैं; तोरी गवाई सच्ची नी हाय।”
14 यीसु न उनका जुवाब दियो, “तू खुदकी गवाई खुद दे हैं, तोरी गवाई सच्ची नी हाय।” 15 तुम सरीर को अनुसार न्याय करत हो मी कोई को न्याय नी करत। 16 लेकिन अगर मी असो करन लगीयो, ते मोरो न्याय सच्ची हैं; काहेकि मी ऐमन अकेलो नी हाय, मोखा भेजन वालो बाप मोरो संग म हैं। 17 तुमरी नेम की किताब म भी लिखो गयो हैं कि जब दो झन गवाई देन ख सामिल होवा हैं, ते वी जो कुछ भी बोला हैं उ सच्ची हैं; 18 एक तो मी अपनो तुम गवाई देऊ हैं, अऊर दुसरी बाप (परमेस्वर पिता) मोरी गवाई देवा हैं जोना मोखा भेजो।
19 उनना ओसे कहयो, “तोरो बाप किते हैं?” यीसु न जवाब दियो, “न तुम मोखा जाना हैं।”
20 यीसु न असी बात कही, जसो कि ओ ना मन्दिर म सिखायो, उ कमरा म जहाँ भण्ड़ार घर जेमा भेट रखी जावत रहा। पर कोई न ओखा नी पकडियो, काहेकि ओको बखत अबा लक नी आयो रह।
22 ये पर यहूदी हुन न कय्हो, “का उ अपनो तुम का खत्म कर देहे, जो बोला हैं, ‘जहाँ मी जाऊ हैं उते तुम नी आ सका’?”
23 ओ ना उनसे कय्हो, “तुम नीचे का हैं, मी ऊपर को हैं; तुम संसार का हैं, मी दुनिया को नी। 24 एकोलाने मी न तुम से कय्हो कि तुम अपनो पाप म मरेगो, काहेकि अदि तुम भरोसा नी करन का कि मी उईच आय ते अपना पाप म मरेगो।”
25 उनना ओसे कय्हो, “तू कोन आय?” यीसु न उनसे कय्हो, “उईच आय जो सुरू से तुम से कहते आयो हैं। 26 तुमरो बारे म मोखा ढ़ेर सारो कहेनो हैं, अऊर न्याय करनु हैं पर जेना मोखा भेज्यो हैं उ सच्छो हैं; अऊर जे कुछ भी मिना ओसे सुनायो हैं उसी ही दुनिया वाला ख बताऊँ हैं।”
27 पर वी यू नी समझीया कि यीसु उनसे परमेस्वर बाप को बारे म बोल रयो हैं। 28 एकोलाने यीसु न कय्हो, “जब तुम इंसान को पोरिया ख ऊँचो पर चढ़ायगो, ते तब यु जान जाहे कि ‘मी उईच आय’ अऊर मी अपनी ओर से कुछ नी कर सकू। पर मी जो कुछ कहूँ हैं वसो ही करूँ हैं जसो परमेस्वर बाप न मोखा सिकायो हैं। 29 जेना मोखा भेज्यो हैं, उ मोरो संग म हैं ओ ना मोखा अकेलो नी छोड़यो; काहेकि मी हमेसा उई करू हैं, जो ओखा अच्छो लगा हैं।”
30 उ जब यू बात कहत ही रहा कि तब ढ़ेर सारा न ओपर भरोसा करियो
33 उनना ओखा जवाब दियो, “हम तो अब्राहम कि संतान आय, हम कभी कोई का गुलाम नी रया। फिर तू कसो बोला हैं कि तुम छुट जाएगो?”
34 यीसु न उनका जवाब दियो, “मी तुम से सच्ची-सच्ची कहूँ हैं कि जे कोई पाप करा हैं वी पाप का दास हैं। 35 नउकर हमेसा घर म नी रहवा; पोरिया हमेसा रहवा हैं। 36 एकोलाने अदि पोरिया तुमका छोड़ देहे, ते सच्ची म तुम छुट जाहेगो। 37 मी जानु हैं कि तुम अब्राहम कि संतान आय; फिर भी तुम मोखा मार ड़ालन की ताक म लग्या रहवा हैं, तेभी मोरी कही बात तुमरो मन म समझ नी आत आय। 38 मीना अपनो परमेस्वर बाप को यहाँ जो देख्यो हैं, उईच करूँ हैं तुम इंसान हुन न अपनो बाप से जो सुनायो हैं, उइच करा हैं।”
39 उनना ओखा जवाब दियो, “हमारो बाप तो अब्राहम आय।”
42 यीसु न उनसे बोल्यो, “अदि परमेस्वर तुमरो बाप होतो, ते तुम मोसे प्रेम रखता; काहेकि मी परमेस्वर कि तरफ से निकलियो अऊर इते आयो हैं। मी अपनी मर्जी से नी आयो हैं, मोखा उईच न भेज्यो हैं। 43 तुम मोरी बात काहे नी समझत आय? मतलब यु हैं कि तुम वचन सहन नी कर सका। 44 तुम तो अपनो बाप सैतान से आय अऊर अपनो बाप की इच्छा का पुरी करन कि सोचा हैं। उ तो सुरू से ही हत्यारो हैं उ सच्चई पर खड़ो नी रह सका, काहेकि ओमन इमानदारी तो हइच नी हाय। जब उ झुठ बोला हैं, ते अपनो स्वभाव ही से बोला हैं; काहेकि उ झूठो हैं अऊर झूठ को बाप हैं। 45 पर मी जो सच बोलू हैं, एकोलाने तुम मोरो भरोसा नी करा। 46 तुम म से कोन मोपर पाप को आरोप लगा सका हैं? अदि मी सच कहूँ हैं, ते तुम मोरो भरोसा काहे नी करा? 47 जो परमेस्वर को हैं, उ परमेस्वर को वचन सुना हैं।; तुम इंसान एकोलाने नी सुना हैं कि तुम परमेस्वर ख नी आय।”
49 यीसु न जवाब दियो, “मोरो म दुस्टात्मा नी हाय। मी अपनो बाप कि इज्जत करू हैं, पर तुम मोरी बेज्जती करा हैं। 50 पर मी अपनी इज्जत नी चाहत आय; पर हाँ, एक हैं जो चाहवा हैं अऊर उईच न्याय करा हैं। 51 मी तुम से सच्ची-सच्ची कहूँ हैं: अदि कोइ मोरो वचन को पालन करे, ते उ अनन्त काल को जीवन तक मोत का नी देखन-को।”
52 यहूदी धरम गुरू हुन न ओसे कय्हो, “अब हमना पक्को समझ लियो कि तोरो आँग म भूत हैं। अब्राहम, अऊर भविस्यवक्ता भी मर गया हैं; पर तू बोला हैं, ‘अदि कोई मोरो वचन पर चले, ते उ कभी माऊत को स्वाद नी चखन को।’ 53 का तू हमारो बाप दादा अब्राहम से भी बड़ ख हैं? उ मर गयो। अऊर भविस्यवक्ता भी मर गया। तू अपनो तुमरो का समझा हैं?”
54 यीसु न जवाब दियो, “अदि मी अपनो तुम ख बड़ो बनाऊँ, ते मोरो बड़ो बननो कुछ काम को नी हाय; पर मोरी बड़ाई करन वालो मोरो बाप परमेस्वर हैं, जेका तुम बोला हैं कि उ तुमारो परमेस्वर आय 55 तुम न तो ओखा नी जानो; पर मी न ओखा जानियो हैं। अदि मी ओखा बोलू हैं कि मी ओखा नी जानू, ते मी तुमारो जसो झूठो ठहरूँ; पर मी ओखा जानू अऊर ओको वचन पर चलू हैं। 56 तुमरो बाप दादा अब्राहम यू जान ख खुस भयो कि उ मोरो दिन देखेगो अऊर उ ओखा देख ख मगन हो गयो।”
57 यहूदी धरम ख गुरू हुन न यीसु से कय्हो, “अबा लक तू पचास साल को नी भयो, फिर भी तुना अब्राहम का देखो हैं?”
58 यीसु न उनसे कय्हो, “मी तुम से सच्ची-सच्ची कहूँ हैं कि एको पहलो की अब्राहम उत्पन्न भयो, मी हतो।”
59 येरप इंसानहुन न यीसु ख मारन को लाने पत्थर उठायो, पर यीसु लुक का मन्दिर से निकल गयो।
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