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2
महान उध्दार
1 यो कारण होनु कि हम उन सच्ची बातहोन पर जो हम ने सुनी हइ, अरु भी चेतावनी से मन लगाए, असो नी हुये कि भैयकी खे उनसे दुर चली जाये . 2 जो सुसमाचार हमारा बापदादा का स्वर्गदूत से मील्यो उ सच्चो जेन्हे ओको अनुकरन नी कर्‍यो उनखे अच्छी शिक्षा मीली. 3 ते हम कसा बची सकस हइ अगर हम महान उध्दार पर हमारो ध्यान नी जेका बारे मे हमखे पैयले प्रभु ने बतायो, अरु जेने ओखे सुन्यो ओने हमखे यो साबित कर्यो कि उ उध्दार सच्चो हइ. 4 अरु साथ ही परमेश्वर भी अपनी इच्छा का अनुसार चिन्हहोन, अरु अदभुत कामहोन का अरु नाना प्रकार का सामर्थ्य का कामहोन अरु पवित्र आत्मा का वरदानहोन खे बाटन का वजेसे येकी गवय देतो र्‍हियो.
हमारो उध्दारकर्तो परमेश्वर
5 परमेश्वर ने उ आन आला जगत की जेकी बातचीत हम करी र्‍हा हइ, स्वर्गदूत का अधीकार मे नी कर्यो.
6 क्युकी कोय ने बोली खे या गवय दी हइ, ते इन्सान
को हइ कि तू ओकी याद करस हइ या इन्सान को हइ कि तू ओकी चिन्ता करस हइ.
7 तोने ओखे स्वर्गदूत
से कम कर्यो; तो ने ओका पर महिमा अरु आदर को मुकुट रख्यो. भजन 8.6
8 तोने ओखे अपना हाथहोन का कामहोन पर अधिकार दियो.
येकालिये जब कि ओने सब कुछ भी रखी नी छोड्यो जो ओका अधीन नी हइ. पर हम अब तक सब कुछ ओका अधीन नी देखे. 9 पर हम यीशु मसीह खे जो स्वर्गदूत से कुछ काम कर्यो गयो थो, मरन को दुख उठान का कारण महिमा अरु आदर कि टोपी पेनी हुयो हइ ताकी परमेश्वर को अनुग्रह से उ हर एक इन्सान का लिये मऱ्यो. 10 यो परमेश्वर का लिये सही लग्यो जेने सब बातहोन खे बनय खे सब सम्भाल्यो यीशु खे भी दुखहोन का वजेसे ताकि भोत सो सनातन ओकी महिमा मे भागी हुये क्युकि यीशु हि उ एक हइ उनका उध्दार का तरफ लीखे आस हइ.

11 उ इन्सानहोन खे पापहोन से पवित्र करस हइ अरु उ जो पवित्र कर्या हुया सब को बाप एक हि हइ येकालिये यीशु उनखे अपनो परिवार बोलना से नी लाजु.

12 उ परमेश्वर बोलस हइ “मी तरो नाम
अपना भैइ अरु बहीन खे सुनायु मंडली का बीच मे मी तरी प्रशंसा कर्यु.”

13 अरु उ यो भी बोलस “मी मरो विश्वास परमेश्वर पर रख्यु.” अरु मी ह्या परमेश्वर ने दिया हुया “सन्तान का साथ हइ .”

14 येकालिये जब कि दुन्या मास अरु खुन का हिस्सेदार हइ, ते उ तुम भी उनका समान उनको मीलन हुइ गयो. ताकि मरन का वजेसे ओखे जेखे मरन पर शक्ति मीली भी, मनजे सैतान खे खत्म करी दे. 15 अरु जेत्ता मरन को डर का कारण जिवन भर गुलामी मे फस्या था, उनखे छुड्य लेनु. 16 क्युकि यो स्पष्ट नी हइ कि स्वर्गदूत खे नी क्युकी अब्राहम का बस खे मदत करस हइ. 17 यो कारन उनखे होनु थो, कि सब बातहोन मे अपना भैइ का जसा बन्नु; जेकासे वे बातहोन मे जो परमेश्वर से सम्बन्ध रखस हइ, एक दयालु अरु विश्वासयोग्य महायाजक बन्नू ताकि दुन्या का पापहोन कि माफी का लिये प्रायश्चित बन्नु. 18 क्युकि जब सैतान ने परिक्षा की हालत मे दुख उठायो, ते उ ओकि भी मदत करी सकस हइ जेकी परिक्षा होस.

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