14 यहूदी आराधनालय के मुखिया गुस्साय जथै काखे यीसु सुस्ताय कर रोज ऊ डउकी के निक्खा करे रथै, यीसु मनसेन लग कथै, “छय रोज हबै जेहमा काम करै के सही हबै, इहैनिता उहै रोज निक्खा होय के निता आबा सुस्ताय कर रोज नेहको।”
15 पय परभु जबाब दइस, “ढोंगहा का तुम्हर मसे सबझन सुस्ताय कर रोज अपन बइला अउ गदहा के ढील के उके पानी पिलामै नेहको लइ जथै? 16 अउ का हइ डउकी के जउन अब्राहम के टोरिया हबै जेही भुतवा अठारा साल लग बांध रखथै, का उके सुस्ताय कर रोज इके बन्धन लग छंडामै के सही नेहको रहिस?” 17 यीसु के बात सुनके सगलू बिरोधी लजाय गइन, पय सगलू मनसे ओखर काम के देखके मगन होथै।
राई दाना कर किस्सा
(मत्ती 13:31-32; मरकुस 4:30-32)
18 यीसु कथै, “भगवान कर राज केखर जसना हबै? मै एखर बराबरी केखर लग करव? 19 भगवान कर राज राई दाना के बिजहा के जसना हबै, जेही कउनो मनसे अपन बारी हे बोथै, अउ बिजहा जम के अक्ठी रूख बन जथै, इहां तक कि बादर के चिरइया आयके ओखर डगइल हे बसेरा करै आथै[c]”
खमीर कर किस्सा
(मत्ती 13:33)
20 यीसु फेरै कथै, “मै भगवान कर राज के बराबरी केखर लग करो? 21 ऊ उस खमीर के जसना हबै, जेही लइके कउनो डउकी दस किलो पिसान हे मिलाय दइस अउ ऊ सगलू पिसान खमीर हे बदल गइस।”
सांकर गली
(मत्ती 7:13; 14:21-23)
22 यीसु सहर-सहर अउ गांव-गांव हे सिक्छा देत, यरुसलेम सहर के पल्ला जथै। 23 कउनो मनसे यीसु लग सबाल पूछथै, “परभु का चुटु हस मनसे मुकति पइहीं?” यीसु जबाब दइस, 24 सांकर दूरा लग जाय के, पूर परयास करा, काखे मै तुम्हर लग कथो परयास करै लग बोहत लग मनसे परवेस नेहको कर पइहिन। 25 जब घर के मालिक उठके कंवाड ढाक चुके होही, ता तुम बाहिर ठाड हुइके कंवाड ठोकठोकाउत अउ कइहा, परभु हमर निता कंवाड उघाड दे, ऊ तुमके हरबी जबाब दइ, मै तुमके नेहको जानथो, तुम कछो लग आय हबा। 26 तब तुम कइहा, हम तोर संग खाय पिय रहन, अउ तै हमर बजार हे सिक्छा दय रथस, 27 पय यीसु तुम्हर लग कही, मै तुमके नेहको जानथो, कि तुम कछो लग आय हबा, कुकरमी तुम सगलू मोर लिघ्घो लग दुरिहां हटा[d]। 28 जब तुम अब्राहम, इसहाक, याकूब अउ सगलू ग्यानी मनसे के, भगवान कर राज हे देखिहा अउ तुमके खुदय बाहिर ढकेल दय जही, तब तुम रोइहा अउ दांत पिसिहा। 29 चारो दिसन लग मनसे आयके, भगवान कर राज के भोज हे सहभागी होही[e]। 30 अउ सच्चाई हइ हबै कि जउन पाछू हबै, ऊ आगू करे जही अउ जउन आगू हबै ऊ पाछू करे जही।
32 यीसु उनखर लग कथै, जायके ऊ सिकटा लग गुठेबा, मै आज अउ कल भुतवा के निकाडहूं, अउ मनसेन के चंगा करिहों अउ तीसर रोज मोर काम पूर हुइ जही। 33 तउमा हइ जरूरी हबै, कि आज, कल अउ परसो यातरा करव, काखे हइ नेहको हुइ सकथै, कि कउनो ग्यानी मनसे के यरुसलेम सहर के बाहिर मारे जाय।
यरुसलेम के निता परभु यीसु कर माया
34 “हे यरुसलेम, हे यरुसलेम, तै ग्यानी मनसेन के हत्या करथस अउ अपन लिघ्घो पठोय हर संदेस देय बालेन के पथरन लग मार डारथस, मै केतका बेर चाहो कि तोर लरका के अक जिघा कर लो, जसना कुकडी अपन लरकन के अपन डेखना के तरी अक जिघा कर लेथै, पय तै मोके हइ करै नेहको दय। 35 इहैनिता तुम्हर घर तुम्हर निता छांड दय जही, मै तुम्हर लग कथो, तब तक मोके नेहको देखिहा, जब तक ऊ टेम नेहको आ जाय, तुम हइ नेहको कइहा, धन्य हबै, ऊ जउन परभु के नाम लग आथै[f]।”
<- लूका 12लूका 14 ->