1 जाके बाद मैं स्वर्ग मैं लोगन की एक बड़ा बड़ी भीड़ को गरजन की अबाज के तराहनी सुनो, जो कहत रहै, “परमेस्वर की स्तुति करौ! उद्धार, महिमा, और सामर्थ्य हमरे परमेस्वर के हैं! 2 सच्चाई और न्याय के काम बाके खुद के है! बौ बे वेस्या की बुराई करी जो व्यभिचार से धरती कै भ्रस्ट करत रहै, परमेस्वर बाकै सजा दई है काहैकि बौ बाके सेवकन को खून करी रहै।”[a] 3 बे फिर चिल्लाईं, “परमेस्वर की स्तुति करौ! आगी की लपट को धुआँ जो बौ बड़े से बड़े सहर कै सुहा कर देथै जो बौ हमेसा और हमेसा ऊपर उठत रहथै!”[b] 4 चौबीस बड़े-बूढ़े और चारौ जीव गिरकै परमेस्वर की आराधना करन लगे। जो सिंहासन मैं बैठो रहै, बे कहीं, “आमीन! परमेस्वर की स्तुति होबै!”
9 फिर स्वर्गदूत मोसे कही, जौ लिख: खुसनसीब हैं बे, जिन्हैं मेम्ना के बिहा के खाने मैं न्युतो दौ गौ है। और स्वर्गदूत जासे अग्गु भी कही, “जे परमेस्वर के सच्चे बचन हैं।”
10 मैं बाकी आराधना करन के ताहीं बाके पाँव झोने गिर पड़ो, लेकिन बौ मोसे कही, “ऐसो मत कर! मैं तुमरे संग और दुसरे विस्वासी भईय्यन को संगी दास हौं, काहैकि ईसु की गभाई भविस्यवाँड़ी की आत्मा है। परमेस्वर की आराधना करौ!”
17 फिर मैं एक स्वर्गदूत कै सूरज के ऊपर ठाड़ो भौ देखो। बौ बड़े ऊँची अबाज मैं आसमान के बीच मैं से सब उड़न बारे पक्छी से कही: “आबौ और परमेस्वर की महान दावत के ताहीं इखट्टे हुई जाबौ! 18 आबौ और राजाओं, सेनापतियों और सरदारन को मास, घोड़न को और उनमैं सवारन को मास, सब लोगन को मास और का स्वतंत्र का दास, का छोटे का बड़े, सब लोगन को मास खाबौ!”
19 फिर मैं बौ जानवर और पृथ्वी के राजन और उनकी सेना कै बे घोड़ा के सवार और बाकी सेना से लड़न के ताहीं इखट्टे देखो। 20 बौ झूठो भविस्यवक्ता जो बाकी मौजूदगी मैं चिन्ह चमत्कार के काम करी रहै, जानवर कै बंधी बनाये लौ गौ रहै, जौ बे चमत्कार से रहै कि बौ बे लोगन कै धोका दई रहै जिनके पास जानवर को छाप रहै और जो कोई जानवर की मूर्ति की आराधना करी रहै। जानवर और झूठे भविस्यवक्ता दोनों कै जिंदोई गंधक से जलत भै आगी मैं फेंक दौ गौ।[h] 21 उनके गुट बौ तलवार से मारे गै जो घुड़सवार के मोहों से निकरथै; और सब पक्छी उनके मास खाएकै सन्तुस्ट हुईगै।
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