1 ईसु फिर सभाघर मैं गौ[a], और हुँआँ एक आदमी रहै, जोके हात मैं फालिस मार दई रहै, 2 और कुछ लोग ईसु ऊपर इल्जाम लगान के ताहीं बाके ऊपर घात लगाएकै बैठे रहैं, कि देखैं तौ, बौ साबत के दिन बाकै अच्छो करथै की नाय। 3 ईसु फालिस मारे भै आदमी से कही, “बीच मैं ठाड़ जा।” 4 फिर बौ लोगन से पूँछी, “हमरो नियम साबत के दिन का कहथै? अच्छो करन ताहीं, कि बुरो करन ताहीं? कोई की ज्यान बचान ताहीं या मारन ताहीं?” पर बे सब चुप रहे।
5 ईसु उनको कर्रो मन देखकै उदास हुईकै, उनकै गुस्सा से सब घाँईं देखी, और बौ आदमी से कही, “अपनो हाथ अग्गु कर।” बौ अग्गु करी, और बाको हाथ फिर से अच्छो हुई गौ। 6 तौ फरीसी सभाघर से दुआरे जाएकै तुरंतै राजा हेरोद के संग ईसु मसीह के खिलाप मैं सलाह मस्वरा करन लागे कि बाको कैसे करकै नास करैं।
12 और ईसु प्रेत आत्मा कै आग्या दैकै कही, कि जौ बात को जिकर कोई से नाय करै।
13 फिर ईसु पहाड़ मैं चढ़गौ, और जोकै बौ चहात रहै उनकै अपने झोने बुलाई; और बे बाके झोने आए।[c] 14 तौ बौ बारह आदमिन कै छाँटी और उनकै प्रेरित नाओं दई। और उनसे कही “मैं तुमकै मेरे संग रहेन ताहीं चुनो हौं, मैं तुमकै प्रचार करन ताहीं पनारंगो, 15 और प्रेत आत्मा कै निकारन को अधिकार तुमरे पास होगो।”
16 बे बारह छाँटे भै प्रेरितन के नाओं जे रहैं: सिमौन जोको नाओं बौ पतरस रखी,[d] 17 और जब्दी को लौड़ा याकूब और याकूब को भईय्या यूहन्ना, इन भईय्यन को नाओं बौ बुअनरगिस मतलब “गरजन को लौड़ा” रखी; 18 और अन्द्रियास, और फिलिप्पुस, और बरतुल्मै, और मत्ती, और थोमा, और हलफई को लौड़ा याकूब, और तद्दै, और सिमौन कनानी[e], 19 और यहूदा इस्करियोती, जो ईसु कै बाद मैं पकड़बाई रहै।
20 तौ फिर ईसु घरै आओ: और हूँना पर ऐसी भीड़ जुरानी, कि ईसु और बाके चेला खानु तक नाय खाए पाईं।[g] 21 जब ईसु के घर बारे जौ बात सुनीं, तौ बे बाकै लेन कै चल दईं; काहैकि लोग-बाग कहेन डटे रहैं कि, बाकी अकल खराब हुई गई है।
22 थोड़ी यहूदि नियम के सिक्छक जो यरूसलेम से आए रहैं, ऐसे कहेत रहैं, “की बाके भीतर बालजबूल है,” और बहे अपने अधिकार से प्रेत आत्मा कै निकारन के ताहीं ईसु कै ताकत देथै।
23 और ईसु उनकै अपने झोने बुलाएकै उनसे कहानी[h] के जरिये कहेन लगो:[i] “सैतान कै सैतान कैसे निकार सकथै?” 24 और अगर कोई राज्य मैं फूट पड़ जाबै, तौ बौ राज्य कैसे टिको रह सकथै? 25 और अगर कोई के घर मैं फूट पड़ जाबै, तौ बौ घर कैसे टिको रह सकथै? 26 और अगर सैतान अपनेई खिलाप हुईकै और अपनेई मैं फूट डारै, तौ बौ कैसे टिको रह सकथै? बाको तौ नामो निसान खतम हुई जातो।
27 “पर कोई इंसान, कोई तगड़े आदमी के घर मैं घुसकै बाको माल जेबर नाय लूट सकथै, जबले की पहले बौ तगड़े आदमी कै भाँद ना लेबै; तौ जाएकै बाको घर लूट पागो।”
28 “मैं तुमसे सच्ची कहथौं कि इंसानन की औलादन के सब पाप और बुराई जो बे करथैं, बे माफ करे जांगे, 29 पर जो कोई पवित्र आत्मा के खिलाप बुराई करैगो, बौ अनंतकाल तक माफ न करो जागो[j]: और बौ कहु ना खतम होन बारो पाप को कसूरवार मानो जागो।” 30 ईसु जौ कही, काहैकि बे जौ कहेत रहैं, कि “ईसु मैं प्रेत आत्मा है।”
31 तभईये ईसु की अईय्या और बाके भईय्या आए, और दुआरे ठाड़कै ईसु कै मस्कान ताहीं एक जनी कै पनारीं। 32 भीड़ बाके आसपास बैठी रहै, और बे बासे कहीं, “देख तेरी अईय्या और तेरे भईय्या-बहेनिया तोकै दुआरे ढूँड़ रै हैं।”
33 ईसु उनकै जबाब दई, “मेरी अईय्या और मेरो भईय्या कौन है?” 34 और जो ईसु के आसपास बैठे रहै, उनके घाँईं देखकै बौ कही, “देखौ, मेरी अईय्या और मेरे भईय्या जे हैं। 35 परमेस्वर जो कहथै बहे बौ करैगो, बहे मेरो भईय्या, मेरी बहेनिया, और मेरी अईय्या है।”
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