11 [f]“धन्य तुम हौ, जब लोग तुमरी बुराई करथैं और तुमकै सताथैं और तुमरे खिलाप सबै तरह के झूठ बोलथैं काहैकि तुम मेरे अनुयायी हौ। 12 [g]धन्य और रहबौ काहैकि स्वर्ग मैं तुमरे ताहीं एक बड़ो इनाम रखो गौ है, बे तारन को अध्ययन करन बारे भविस्यवक्तन कै जो तुमसे पहले एसेई सताव गौ रहै।”
13 [h]“तुम, पूरी इंसान जाति के ताहीं पृथ्वी के नमक के तरह हौ। लेकिन अगर नमक अपने नुनियानपन कै खाए देथै, तौ बाकै दुबारा से नुनियान बनान को कोई तरीका नाय है; जौ पक्का बेकार हुई गौ है, तभई जाकै बहार फेंक दौ जाथै और लोग बाकै रौंद देथैं।”
14 [i]“तुम पूरी दुनिया के ताहीं उजियारो के हानी हौ। पहाड़ मैं बनो सहर छिप नाय सकथै। 15 [j]और लोग दिया जलायकै छपरिया के तरे नाय रखथैं लेकिन डीट मैं रखथैं, तौ बाके उजीते से घर के सब लोगन कै उजियारो मिलथै। 16 [k]बैसिये लोगन के सामने तुमरो उजियारो ऐसे चमकै कि तुमरे अच्छे कामन कै देख तुमरे स्वर्गिय, दऊवा की बड़ाँईं होबै।”
25 “अगर तुमरे खिलाप कोई मुकदमा चलाथै और तोकै अदालत मैं लै जाथै, तौ अदालत मैं पहोंचन से पहले जौ बात कै बाकै सुलझा, नाय तौ एक बार अगर तुम हूँना पौहौंच गै, तौ तुमकै न्यायधीस कै सौंप दौ जागो, जो तोकै सिपईय्यन कै सौंप देगो, और बौ तुमकै कैदखाना मैं डार देगो। 26 मैं तुमसे सच कहथौं, तैं जेल से तब तक छूट नाय पागो जबले तैं पैसा पाई-पाई नाय चुकाए देगो तौले हूँना से छुट ना पायगो।”
31 [q]“जौ भी कहो गौ रहै, ‘जो कोई भी अपनी बईय्यर कै तलाक देथै, बाकै तलाक को लिखत रूप मैं तलाक देनो चहाईये।’ 32 [r]लेकिन मैं तुमसे कहथौं: हर बौ आदमी अपनी बईय्यर कै तलाक देथै, अगर बौ जौ तलाक बाके व्यभिचारी आचरड़ के बजह से नाय दियो गौ है तौ जब बौ दुसरो बिहा करथै तौ बौ आदमी बासे व्यभिचार करवाथै। और जो कोई बौ छोड़ी भइ बईय्यर से बिहा करथै तौ बौ भी व्यभिचार करथै।”
38 [v]“तुम सुने हौ कि जौ कहो गौ रहै, ‘एक आँखी के बदले एक आँखी, और दाँत के बदले दाँत।’ 39 लेकिन अब मैं तुमसे कहथौं: बुरे आदमी को बिरोध मत करौ। अगर कोई तुमरे दहने गलऊवा मैं चाँटा मारै तौ बाकै अपने बाँए गलऊवा मैं भी चाँटा मारन दे। 40 और अगर कोई तेरे ऊपर तुमकै अपनो कुरता को फैसला के ताहीं मुकदमा करकै अदालत मैं लै जाथै, तौ बाकै अपनो झगिया भी दैदे। 41 अगर तुम मैं से कोई एक तोकै कोस भर बेगार मैं लै जाबै तौ बाके संग दुई कोस चलो जा। 42 जब कोई तोसे कछु माँगै, तौ बाकै दैदे; जब कोई कुछ उधार लेनो चाहबै, तौ बाकै उधार दैदे।”
43 [w]“तुम सुने हौ कि जौ कहो गौ रहै, ‘अपने दोस्तन से प्यार करौ, और अपने बैरियन से बैर करौ।’ 44 लेकिन मैं तुमसे कहथौं: अपने बैरियों से प्यार करौ और बे आदमिन के ताहीं प्रार्थना करौ जो तुमकै सताथैं, 45 [x]ताकी स्वर्ग मैं तुम अपने परम दऊवा के बालका बन सकौ। काहैकि बौ भले और बुरे दोनों के ऊपर अपनो सूरज चमकाथै, और जो धर्मी और अधर्मी के ऊपर मेंहें बरसाथै। 46 अगर सिरफ तुम बे आदमिन से प्यार करथौ, जो तुमकै प्यार करथैं, तौ परमेस्वर काहे तुमकै इनाम देगो? हिंयाँ ले कि लगान लेन बारे ऐसोई नाय करथैं! 47 अगर तुम अपने भईय्या बन्धू कै ही नमस्ते करैगे तौ तैं औरौ से जाधे का जाधे का कर रहो है? ऐसो तौ गैर यहूदि भी करथैं! 48 [y]तुम सिद्ध बनौ जैसे कि तुमरो स्वर्गिय दऊवा सिद्ध है।”
<- मत्ती 4मत्ती 6 ->- a 5:4 यसायाह 61:2
- b 5:5 भजन संहिता 37:11
- c 5:6 यसायाह 55:1,2; 24:21
- d 5:8 भजन संहिता 24:3
- e 5:10 1 पतरस 3:14
- f 5:11 1 पतरस 4:14
- g 5:12 2 इतिहास 36:16; 2:8; प्रेरितो 7:52
- h 5:13 मरकुस 9:50; लूका 14:34,35
- i 5:14 यूहन्ना 8:12; 9:5
- j 5:15 मरकुस 4:21; लूका 8:16; 11:33
- k 5:16 1 पतरस 2:12
- l 5:18 सबै चीजन को अंत; या जाके सबै उपदेस सच हैं।
- m 5:21 निर्गमन 20:13; व्यवस्थाविवरन 5:17
- n 5:27 निर्गमन 20:14; व्यवस्थाविवरन 5:18
- o 5:29 मत्ती 18:9; मरकुस 9:47
- p 5:30 मत्ती 18:8; मरकुस 9:43
- q 5:31 मरकुस 10:4
- r 5:32 मत्ती 19:9; मरकुस 10:11,12; लूका 16:18; 1 कुरिन्थियों 7:10,11
- s 5:33 लैव्यवस्था 19:12; व्यवस्थाविवरन 23:21
- t 5:34 5:12; यसायाह 66:1; मत्ती 23:22
- u 5:35 यसायाह 66:1; भजन संहिता 48:2
- v 5:38 निर्गमन 21:24; लैव्यवस्था 24:20; व्यवस्थाविवरन 19:21
- w 5:43 12:4-7
- x 5:45 4:10
- y 5:48 लैव्यवस्था 19:2; व्यवस्थाविवरन 18:13
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