6 तौ प्रभु कही, “सुनौ बौ अधर्मी न्याई का कही। 7 का परमेस्वर अपने चुने भै को न्याय करैगो, जो दिन-रात गिड़-गिड़ात रहथैं, और का बौ उनके बारे मैं देर करैगो? 8 मैं तुमसे कहथौं, बौ तुरंतै उनको न्याय करैगो। लेकिन इंसान को लौड़ा जब आगो तौ का बौ धरती मैं बिस्वास पाएगो?”
11 फरीसी अपने आप से अलग ठाड़गौ और प्रार्थना करी, ‘मैं तोए धन्यवाद देथौं, परमेस्वर, कि मैं लालची, अधर्मी या व्यभिचारी नाय हौं, जैसो कि सबै कोई करी है। मैं तोए धन्यवाद देथौं कि मैं हूँना बौ लगान लेन बारे के तराहनी नाय हौं। 12 मैं सप्ताह मैं दुई बार बर्त रखथौं, और मैं अपनी कमाई को दसमों भाग भी देथौं।’ 13 लेकिन लगान लेन बारो दूरै से ठाड़कै, स्वर्ग के घाँईं अपनी सकल भी नाय करी, बल्किन अपनी छाती पीट-पीटकै कहथै, ‘परमेस्वर मैं तौ पापी हौं मेरे ऊपर दया कर!’ ” 14 ईसु कही, मैं तुमसे कहथौं, “कर लेन बारो आदमी ना कि फरीसी परमेस्वर के हिंयाँ जागो। काहैकि जो कोई खुदकै बड़ो बनागो बौ छोटो करो जागो, और जो खुदकै छोटो बनागो बौ बड़ो करो जागो।”
15 तौ लोग अपने बालकन कै ईसु के झोने लान लगे कि बौ उनके ऊपर हात धरै। तौ चेला उन्हैं देखकै झुकाईं, 16 लेकिन ईसु बालकन कै झोने मस्काए कै कहथै, “बालकन कै मेरे झोने आन दियौ, और उन्हैं मना मत करौ, काहैकि परमेस्वर को राज्य ऐसियन को है। 17 मैं तुमसे सच्ची मैं कहथौं, कोई भी परमेस्वर को राज्य जे बालकन के हानी नाय अपनागो बौ स्वर्ग के राज्य मैं कहुए घुस नाय पागो।”
18 एक यहूदिन को अधिकारी ईसु से पूँछथै, “अच्छो गुरुजी, अनंत जिंदगी पान के ताहीं मैं का करौं?”
19 ईसु बासे कहथै, “तू मोए अच्छो काहे कहथै? कोई अच्छो नाय है, परमेस्वर के अलावा। 20 तू कानून और आग्या कै तौ जानतै है, ‘व्यभिचार मत करीये; हत्या मत करीये, चोरी मत करीये, और अपने अईय्या-बाबा को आदर करीये।’ ”
21 बौ आदमी जबाब दई, “मैं तौ जे सब आग्या छोटे से मानत आओ हौं।”
22 जौ सुनकै ईसु, बासे कहथै, तेरे भीतर अभै भी एक कमी की बात है, “तू अपनो सबै कुछ बेंच कै गरीबन मैं बाँट दे, और तोए स्वर्ग मैं धन मिल जागो, और आयकै मेरे पच्छू हुई ले।” 23 लेकिन जौ सुनकै बौ आदमी को मन दुखी हुई गौ, काहैकि बौ आदमी भौत सेठ रहै।
24 ईसु बाकै दुखी देखकै कही, “सेठ और पैसा बारे आदमी को परमेस्वर के राज्य मैं जानो कठिन है! 25 एक ऊँट को सुईं के भार मैं से निकर जानो सहज है लेकिन एक सेठ आदमी को परमेस्वर के राज्य मैं जानो भौत कठिन है।”
26 उनकै सुनन बारे लोग बासे पूँछथैं, “तौ फिर कौनकै बचाओ जाए सकथै?”
27 जो चीज इंसान से नाय हुई सकथै बौ चीज परमेस्वर से हुई सकथै।
28 तभई पतरस कहथै, “देख! हम तौ घर-बार छोड़कै तेरे पच्छू हुई लै हैं।”
29 ईसु उनसे कहथै, “हाँ, और मैं तुमसे सच्ची कहथौं, कि जो परमेस्वर के राज्य के ताहीं घर-बार, बईय्यर और अईय्या-दऊवा, भईय्या और बालकन कै परमेस्वर के राज्य के ताहीं छोड़ी हैं, 30 बौ जहे समय मैं कई गुना आसीस पागो, और आनबारे समय के युग मैं अनंत जिंदगी।”
31 ईसु बारह चेलन कै बाजू मैं लै जाएकै कही, “सुनौ! आपन यरूसलेम कै जांगे, और जित्ती बात इंसान के लौड़ा के ताहीं भविस्यवक्ता के जरिया लिखी गईं हैं बे सबै सच्ची होंगी। 32 बाकै गैर यहूदि कै सौंप दौ जागो, जो बाको मजाक उड़ांगे, बाकी बेजती करंगे और बाके ऊपर थूकंगे। 33 बे बाकै कोड़ा मारंगे और बाकै मार डारंगे, लेकिन बौ तीन दिन बाद जिंदो हुई जागो।”
34 लेकिन चेला जे बातन मैं से कछु नाय समझीं; सब्दन को मतलब उनसे लुको पड़ो रहै, और बे ना जानत रहैं कि ईसु काके बारे मैं बात करत रहै।
35 जब ईसु यरीहो के झोने आए चुको रहै, तौ हुँआँ एक अंधरा आदमी रस्ता मैं बैठकै भीख मांगत रहै। 36 जब बौ झोने से छिरत भइ भीड़ कै सुनी, तौ बौ पूँछी, “जौ का ही रौ है?”
37 बे बाकै बताईं, “नासरत को ईसु झोने से छिर रौ है।”
38 बौ पुकारी, “ईसु! दाऊद को लौड़ा! मेरे ऊपर दया कर!”
39 अग्गु के लोग बाकै झुकाईं और सांत होन के ताहीं कहीं। लेकिन बौ औरौ जोड़न से चिल्लाई, “दाऊद को लौड़ा! मेरे ऊपर दया कर!”
40 इसलै ईसु रुक गौ और बौ अंधरा आदमी कै अपने झोने लान को हुकम दई। जब बौ झोने आओ, तौ ईसु बासे पूँछी, 41 तैं मोसे का चाहथै, “मैं तेरे ताहीं का कर सकथौ?” बौ जबाब दई, “प्रभु, मैं फिर से देखनो चाहथौं।”
42 ईसु बासे कही, “तौ देखन लग! तेरो बिस्वास तोकै अच्छो करी है।”
43 बौ तुरंतै देखन लागो, और ईसु को अनुसरँड़ करी, और परमेस्वर कै धन्यवाद दई। जब भीड़ जाकै देखी, तौ बेऊँ सब परमेस्वर कि बड़ाँईं करीं।
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