3 पर साऊल कलीसिया कै उजाड़त गौ; बौ घर-घर जाएकै विस्वासियन कै, और आदमिन कै और बईंय्यरन कै घसीट कै कैदखाना मैं डार देत रहै।
9 सिमौन नाओं को एक आदमी रहै, जो जादू-टोना से सामरिया के आदमिन कै अचम्मो करतो और खुदकै महान आदमी बतातो, 10 और सहर के सब जनी, समाज के सबै वर्गन से, बाके ऊपर पूरो ध्यान दईं। बे कहीं, “कि परमेस्वर की सामर्थ्य ‘महान सामर्थ्य’ के रूप मैं जानी जाथै।” 11 बौ निरे दिनन से उनकै अपने जादू के कामन से चकित करत रहो, तभईये बे बाकै बड़ा ध्यान देत रहैं। 12 लेकिन जब बे फिलिप्पुस को बिस्वास करीं जो परमेस्वर के राज्य और ईसु मसीह के नाओं को सुसमाचार सुनात रहै, तौ आदमी का बईय्यर बपतिस्मा लेन लगे। 13 तौ सिमौन भी बिस्वास करी और बपतिस्मा लैकै फिलिप्पुस के संग रहेन लगो और चिन्ह चमत्कार और बड़े-बड़े सामर्थ्य के काम होत भै देखकै बड़ा अचम्मो करतो।
14 जब यरूसलेम मैं प्रेरित सुनीं, कि सामरिया के लोग परमेस्वर को बचन अपनाय लईं हैं तौ पतरस और यूहन्ना कै उनके झोने पनारी। 15 जब बे हूँना पुगे, तौ विस्वासिन के ताहीं प्रार्थना करीं ताकी बे पवित्र आत्मा पामैं। 16 काहैकि पवित्र आत्मा अबले उनमैं से कोईये ऊपर नाय उतरी रहै; बे सिरफ प्रभु ईसु के नाओं से बपतिस्मा लईं रहैं। 17 तौ पतरस और यूहन्ना उनके ऊपर हात धरी और बे पवित्र आत्मा पाईं।
18 जब सिमौन देखी कि प्रेरितन के हात धरन से पवित्र आत्मा दौ जाथै, तौ पतरस और यूहन्ना कै पैसन की घूस देन की कोसिस करी, 19 और कही, “जहे अधिकार मोकै भी देबौ, कि जो कोई के ऊपर मैं हात धरौं, तौ बौ पवित्र आत्मा पाबै।”
20 लेकिन पतरस बाकै जबाब दई, “तेरे पैसा तेरे संग नरक मैं जामैं, जौ सोचन के ताहीं कि तैं पैसन से परमेस्वर को वरदान मोल लै सकथै! 21 जौ काम मैं ना तेरो कोई हिस्सा है और ना बाँट है, काहैकि तेरो मन परमेस्वर कि नजर मैं सई ना है। 22 पस्चाताप कर, फिर, अपनी जौ योजना ताहीं प्रभु से प्रार्थना कर कि बौ तोकै जौ तरहन की बात मन मैं सोचन के ताहीं माफ कर देबै। 23 काहैकि मैं देखरौ हौं कि तुम कटु ईर्सा से भरो भौ है और अधर्म को कैदी है।”
24 तौ सिमौन पतरस और यूहन्ना से कही, “किरपा करकै मेरे ताहीं प्रभु से प्रार्थना करौ, ताकी तुमरे जरिये कही गई जे बातन मैं से कोई भी मेरे ताहीं ना होबै।”
25 फिरौंकी पतरस और यूहन्ना गभाई दैकै, सामरिया और निरे गाँवन मैं प्रभु को सुसमाचार सुनात भै यरूसलेम कै लौट गै।
31 अधिकारी जबाब दई, “जबले कोई मोकै नाय समझागो तौ मैं बाकै कैसे समझंगो?” और बौ फिलिप्पुस बासे बिनती करी की बौ चढ़कै बाके संग बैठे। 32 सास्त्र को जौ अध्याय बौ पढ़त रहै, बौ जौ कहत रहै:
34 तौ अधिकारी फिलिप्पुस से पूँछी, “मैं तोसे बिनती करथौं, बता, जौ भविस्यवक्ता कौनके बारे मैं कहरौ है? अपने बारे मैं या कोई दुसरे के बारे मैं?” 35 तौ फिलिप्पुस कहेन लागो; और सास्त्र के जौ अंस से सुरू हुईकै, बौ बाकै ईसु को सुसमाचार सुनाई। 36 जब बे रस्ता मैं जातै रहैं, तौ बे एक जघा मैं आए जहाँ पानी रहै, तौ अधिकारी कही, “देख हिंयाँ पानी है। और अब मोकै बपतिस्मा लेन मैं का कोई रुकावट है?”
37 फिलिप्पुस कही, “अगर तू पूरे मन से बिस्वास करथै तौ लै सकथै।” बौ कही “मैं बिस्वास करथौं।”
38 तौ अधिकारी रथ रोकन को आदेस दई, और फिलिप्पुस और अधिकारी दोनों पानी मैं उतर गै, और फिलिप्पुस बाकै बपतिस्मा दई। 39 जब बे पानी से बहार निकरकै आए, तौ प्रभु की आत्मा फिलिप्पुस कै दूर लै गई। अधिकारी बाकै फिर से नाय देखी, लेकिन खुसी से अपने रस्ता मैं चलत रहो। 40 फिलिप्पुस अपने आपकै अस्दोद मैं पाई; बौ कैसरिया गौ, और रस्ता मैं बौ हर सहर मैं सुसमाचार को प्रचार करी।
<- प्रेरितो के काम 7प्रेरितो के काम 9 ->- a 8:27 हिजड़ा
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