1 ओनो दिवस मा जबा मोठी भीड़ एकठ्ठी भई अना उनको कठा काही जेवन ला नही होतो। तबा ओना आपरो चेला इन ला जवर बुलायके, उनला साँगीस। 2 मोला यो भीड़ ला चोवके तरस आवासे, काहेका अज तीन दिवस भयो, मोरो संग सेत, उनको कठा जेवन लाय काही नहात। 3 अदी मि इनला भुखो घर धाड़ूसु, तबा यो रस्ता मा बेहोस भय जाहेत, उनमा लक लगत लोक बेजा दुहुर लक आई होतीन।
4 यीसु को चेला गीन वोला जवाब देईन। यो सुनसान जघा मा एतरो जेवन कहान मिलहेत?
5 यीसु ना उनलक कव्हयो, तुमरो जवर केतरी जेवन सेत?
6 तबा ओना जनता ला जमीन मा बसन लाय कहीस, यीसु ना सात भाकर धरके परमेस्वर ला धन्यवाद देईस। अना भाकर को टुकड़ा करके चेला गीन ला देइस, तबा वय उनला परसन लगीन। 7 उनको कठा काही लहान-लहान मसरी होतीन, वोला वसोच परमेस्वर ला धन्य वाद देके, उनला परसन ला कहीस। 8 तबा वय लोक जेयके अघाय गईन, अना चेला गीन बचयो सात टोपली भरके उचलीन। 9 अना लोक चार हजार को करीब मा होतीन। तबा उनला वोना सार करीस। 10 अना उ झट आपरो चेला गीन को संग नाव मा चघके दलमनुथा नाव को जघा मा चली गयो।
11 [a]मोसे को नियम को गुरू आयके यीसु संग बैस करन लगीन, अना ओला परखन लाई ओको कन लक काही सरग लक निसान मांगन लगीन। 12 [b]ओना आपरी मन लक पोट मा सांस भरके कहीस, यो बेरा को लोकगीन कायलाई निसान ढुंढासे? मि तुमरो लक खरो सांगुसू, यो बेरा को लोकगीन लाय काही निसान नहात।
13 अना उ उनला वहान सोड़के अना नाव पर चघयो अना वोनागन गयो।
14 चेलागीन भाकर राखनो भूल गयो होतीन। अना नाव मा उनको कठा एकच भाकर होतो। 15 [c]ओनो बेरा यीसु ना उनला ध्यान देवाके कव्हसे, चोवो! फरिसी गुरूगीन को खमीर[d] अना हेरोदेस राजा को खमीर लक चाकपाक रव्हने।
16 एको पर वय आपसी मा बेस करके कव्हन लगीन, आमरो कठा भाकर नहात, एकोलाय यो असो सांगासे।
17 यीसु ना यो जानके उनलक कहीस, तुमी आपस मा मन मा काहे सोचसो? का आमरो कठा भाकर नहात। का तुमला अबा तकन समज मा नही आयो से, का तुमरो “अक्ल मा गोटा पड़ गयो से?” 18 [e]तुमरो “डोरा से का चीज को बीज”, अना “कान से का परसा को पान” अना तुमला हेत नहाय?
19 जब मिना पांच हजार मानूस लाई भाकर तोड़ो होतो तबा तुमना केतरी टोपली भाकर को टुकड़ा उचलो होतो। उन ना कहीन बारा।
20 जबा चार हजार मानूस लाय सात भाकर ला दियो, तबा तुमी ना केतरो टोपली भरके उचलो होतो,
21 यीसु ना उनला कहीस का तुमी अबा तकन नही समजयोसेव?
24 डोरा उचलके ओना कहीस की मि लोकगीन ला झाड़ जसो चलतो चोवसू।
25 मंग दुबारा ओना अँधरा को डोरा मा हात राखीस तबा ओला साजरो-साजरो चोवन लगयो। 26 यीसु ना ओला यो साँगके धाडीस, मंग यो गाँव मा दुबारा पाय नोको राखजोस। पर आपरो घर जाय।
27 यीसु आपरो चेला गीन को सँग, कैसरिया फिलिप्पी को आखा-पाखा को गाँव मा आयो। रास्ता मा ओना चेलागीन लक असो पुछिस का लोक मोरो बारे मा काजक कव्हसेत?
28 [f]उनना कहिन कोनी योहन बप्तिस्मा देवन वालो कव्हासेत अना कोनी भविस्यवक्ता एलिय्याह अना काही को कव्हनो से का कोनी जुनो भविस्यवक्ता मा लक एक से।
29 [g]उ उन लक पुसासे? तुम मोला काजक कसो? मि कोन आँवू?
30 तबा उ उनला चेतायके हुकूम देइस, तुमी मोरो बारे मा कोनी लक नोको साँगने।
31 मंग यीसु उनला सिकावन लग्यो का “मानूस को टूरा” को लाय यो जरुरी सेत का उ लगत दुख उठाएत सयानो, मुखिया याजक, अना मोसे को नियम को गुरू लक नकारो जाय, अना मार डाको जाए। मंग तीन दिवस को मंघा जित्तो भय जाए। 32 यो गोस्टी ला आयक के मंग पतरस वोला एककन ले जायके डाटन लगिस। 33 पर वोना पलट के चेला ऐना ला चोविस, अना पतरस ला डाटके कहीस, हे सैतान मोरो पुढा लक दुहूर भय जाय, तु परमेस्वर को नही पर मानूस को गोस्टी पर मन लगावसेस।
34 [h]वोना गरदी लक चेला गीनला जवर बुलायके सांगिस, अदी कोनी मोरो मंघा आवन चाव्हासे, उ आपरो आप ला तज देय। अना आपरो कूरूस ला उचलके मोरो मंघा आहेत। 35 [i]काहे का जो आपरो परान ला बचावनो चाव्हासे, उ वोला खोय देहे। अना जो कोनी मोरो अना मोरो साजरो बारता साँगन लाय आपरो परान खो देयेत, उ ओला सुरक्सित पाहेत। 36 काहे का अदी मानूस सारो जगत ला पायके ना, आपरो जान की हानि उठायेत ता का फायदा? 37 काहेकि मानूस आपरो जान को बदला मा, का दे सकसे? 38 जो कोनी यो खोटो अना पापी पीढ़ी बेरा मा मोरो लक अना मोरो गोस्टी लक लजाहे ता मानूस को टूरा भी जबा आपरो पवीतर सरगदूत को सँग आपरो परमेस्वर बाबूजी को महिमा मा आहे, तबा उ भी उनला आपरो कव्हन लाय लजाहे।
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