25 अबा मोरो तोन्ड मग नहि दिसेत। काहेका मी परमेस्वर को राज को परचार करासु। 26 एकोलाय मी आज को दिवस तुमरो लक मुनादी करासू। का तुमरो मा लक कोनी को खून को दोसी नही सेऊ। 27 काहेकी मी परमेस्वर को सबरी मकसद लक तुमला पूरो रीत लक सांगन नही हिचकयो। 28 एकोलाय अपरी, अना पूरो हेड की चोकसी करो, जिनमा पवीतर आतमा न तुमला कलिसीया को मुखिया ठायराइसेस। जोनलक तुमी परमेस्वर की कलीसिया की देख-रेख करो, जेनला वोना अपरो खून लक मोल लेई सेस। 29 मी जानासेऊ का मोरो जावन को बाद तुमरो बीचमा हिंसक बीघा आहेत, जोन हेड़ ला नही छोड़ेत। 30 असो बेरा आहेत का तुमरो बीच मा लक असो मानूस उठेत, अना लोकगीन ला अपरो मंघा खीचन लाई बचनला तोड़ मरोड़ के सांगेत। 31 एकोलाय जागतो रहेयो अना हेत करो। का मी न तीन बरस तकन रात दिवस आसू बोहाय-बोहायके हर एक ला चेतावनी देनो नही छोडो।
32 अना अबा मी तुमला परमेस्वर को, अना वोको दया को वचन ला सौप देवासू। जोन तुमरी उन्नती कर सकसे, अना सब पवीतर किया गयो तुमरो लोकगीन ला वारसाना अधिकार दिलाय सकसेत। 33 मी न कोनी को सोना अना खुरो मुन्दरो अखीन कपरा को लोभ नही करयो। 34 तुमी खुदच जानासेव का मी एना हात लक मोरी अना संगी गीन की जरुरत की सेवा ला पूरो करीसेऊ। 35 मी न आपरो हरेक काम लक बतलायो। का महेनत करतो हुयो कमजोर गीन ला सम्भालनो। अना पिरभू यीसु को बचन ला हेत राखनो जरुरी सेत जसो वोना खुदच कहिसेत “लेवनो लक देवनो धन्य से।”
36 असो सांगके टोंगरा टेकके सब झन पिराथना करीन। 37 तबा वय सब रोईन अना पौलुस को गरो ला धरके वोला भेटन लगीन। 38 वय खासकर यो गोस्टी लक दुखित होतिन का पौलुस ना असो कहयो होतो का तुमला मी अबा कभीच नही भेटिन। तबा सबा लोकगिन वोला जहाज तकन पहुचाइन।
<- पेरीत 19पेरीत 21 ->
Languages