7 जसो पापबलि हय वसोच दोषबलि भी हय, उन दोयी की एकच व्यवस्था हय; जो याजक उन बलियों ख चढ़ाय क पाप ख झाके उच उन चिजों ख ले ले। 8 अऊर जो याजक कोयी लायी होमबलि ख चढ़ाये ऊ होमबलिपशु की खाल ख उच याजक ले ले। 9 अऊर भट्टी म, यां कढ़ाई म, यां तवा पर पक्यो हुयो सब अनाज की भेंट उच याजक को होयेंन जो उन्ख चढ़ावय हय। 10 अऊर सब अनाज की भेंट, जो चाहे तेल सी सान्यो हुयो होना यां सुख्यो होना, हि हारून को सब टुरावों ख एक जसो मिले।
16 पर यदि ओको बलिदान को चढ़ावा मन्नत यां खुद की इच्छा को हो, त ऊ बलिदान ख जो दिन ऊ चढ़ायो जाय उच दिन ऊ खायो जाय, अऊर ओको म सी जो बच्यो रह जाये ऊ दूसरो दिन भी खायो जाय। 17 पर जो कुछ बलिदान को मांस म सी तीसरो दिन तक बच जाये त ओख आगी म जलाय दियो जाय। 18 अऊर ऊ मेल-मिलाप बलि को मांस म सी यदि कुछ भी तीसरो दिन खायो जाय, त ऊ स्विकार नहीं करयो जायेंन, अऊर नहीं ओको हित म गिन्यो जायेंन; लेकिन येख अशुद्ध मान्यो जायेंन, अऊर जो येख खायेंन, ओको परिनाम ओख भुगतनो पड़ेंन। 19 “फिर जो मांस अशुद्ध चिज सी छुय जाये ऊ नहीं खायो जाय; ओख आगी म जलाय दियो जायेंन।”
22 फिर परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, 23 “इस्राएलियों सी यो तरह कह्य: तुम लोग नहीं त बईल की कुछ चरबी खावो अऊर नहीं मेंढा यां शेरी की। 24 अऊर जो पशु खुद मर जाये, अऊर जो दूसरो पशु सी फाड़्यो जाये, ओकी चरबी दूसरो काम म लावो, पर ओख खावो मत। 25 जो कोयी असो पशु की चरबी खायेंन जेको म सी लोग कुछ परमेश्वर लायी बलिदान कर क् चढ़ायो करय हय ओख खान वालो ख अपनो लोगों म सी नाश करयो जायेंन। 26 तुम अपनो घर म कोयी अलग को खून, चाहे पक्षी को चाहे पशु को खून हो, मत खावो। 27 हर एक प्रानी जो कोयी को खून खायेंन ऊ अपनो लोगों म सी बाहेर करयो जायेंन।”
28 फिर परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, 29 “इस्राएलियों सी यो तरह कह्य: जो परमेश्वर लायी मेल-मिलाप बलि चढ़ाये ऊ उच मेल-मिलाप बलि म सी परमेश्वर को जवर भेंट लाये; 30 ऊ अपनोच हाथों सी परमेश्वर को बलि ख, मतलब छाती समेत चरबी ख लाये कि छाती हिलावन की भेंट कर क् परमेश्वर को सामने हिलायी जाये।” 31 अऊर याजक चरबी ख त वेदी पर जलायेंन, पर छाती हारून अऊर ओको टुरावों की होयेंन। 32 फिर तुम अपनो मेल-मिलाप बलियों म सी दायो जांघ ख भी चढ़ावा को रूप म याजक ख देजो। 33 हारून को टुरावों म सी मेल-मिलाप बलि को खून अऊर चरबी ख चढ़ाये दायो जांघ ओकोच हिस्सा होयेंन। 34 कहालीकि इस्राएलियों को मेल-मिलाप बलियों म सी हिलावन की भेंट की छाती अऊर उठावन की भेंट की जांघ ख ले क मय न याजक हारून अऊर ओको टुरावों ख दियो हय, कि यो हमेशा इस्राएलियों की तरफ सी उन्को हक बन्यो रहे। 35 “जो दिन हारून अऊर ओको टुरा परमेश्वर को सामने याजक पद लायी लायो गयो, उच दिन परमेश्वर को बलिदानों म सी उन्को योच अभिषिक्त हिस्सा ठहरायो गयो; 36 मतलब जो दिन परमेश्वर न उन्को अभिषेक करयो उच दिन ओन आज्ञा दी कि उन्ख इस्राएलियों को तरफ सी यो हिस्सा हमेशा मिलतो रहे; उन्की पीढ़ी-पीढ़ी लायी उन्को योच हक ठहरायो गयो।”
37 होमबलि, अन्नबलि, पापबलि, दोषबलि, याजकों को संस्कार बलि, अऊर मेल-मिलाप बलि की व्यवस्था याच आय; 38 जब परमेश्वर न सीनै पहाड़ी को जवर को बंजर जागा म मूसा ख आज्ञा दी कि इस्राएली मोरो लायी का-का चढ़ावा चढ़ाये, तब ओन उन्ख याच व्यवस्था दी होती।
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