8 “तय उन्कोसी यो कहजो कि इस्राएल को घरानो को लोगों म सी यां परदेशियों म सी कोयी आदमी जो उन्को बीच म रह्य हय, होमबलि यां मेल-मिलाप बलि चढ़ाये, 9 अऊर ओख मिलापवालो तम्बू को द्वार पर परमेश्वर को लायी भेंट चढ़ावन लायी नहीं लाये; त ऊ आदमी ख अपनो लोगों म सी मार डाल्यो जायेंन।”
10 “फिर इस्राएल को घराना म सी यां उन्को बीच म रहन वालो परदेशियों म सी कोयी आदमी कोयी तरह को खून खाये, मय ऊ खून खान वालो को विरुद्ध होय क ओख ओको लोगों को बीच म सी नाश कर डालूं।” 11 कहालीकि शरीर को जीव खून म रह्य हय; अऊर ओख मय न तुम लोगों ख वेदी पर चढ़ावन लायी दियो हय कि तुम्हरो जीवों को लायी पापों ख झाक्यो जाये; कहालीकि खून म जीव होन को वजह ओको सी पश्चाताप होवय हय। 12 येकोलायी मय इस्राएली लोगों सी कहू हय कि तुम म सी कोयी यां कोयी परदेशी जो तुम्हरो बीच म रह्य हय ऊ भी कभी खून नहीं खाये।,
13 “इस्राएलियों म सी यां उन्को बीच म रहन वालो परदेशियों म सी कोयी आदमी शिकार कर क् खान को लायक पशु यां पक्षी ख पकड़ेंन; त ऊ ओको खून ख जमीन म कुड़ाय क माटी सी झाक दे।” 14 कहालीकि सब प्रानियों को शरीर को जीवन खून म रह्य हय जो ओको जीव को संग एक हय; येकोलायी मय इस्राएलियों सी कहू हय कि कोयी प्रानी को खून ख तुम मत खावो, कहालीकि सब प्रानियों को जीव ओको खूनच आय; जो कोयी ओख खायेंन ओख नाश करयो जायेंन।
15 यदि कोयी आदमी, चाहे ऊ देशी यां परदेशी होना, हिंसक पशु द्वारा फाड़्यो गयो पशु यां स्वाभाविक मृत्यु सी मरयो हुयो पशु को मांस खायेंन त ऊ अपनो कपड़ा ख धोय क पानी सी नहाये, ऊ शाम तक अशुद्ध रहेंन; अऊर तब ऊ शुद्ध होयेंन। 16 “पर यदि ऊ कपड़ा ख नहीं धोवय अऊर पानी सी नहीं नहावय, त ओख अपनो पाप को बोझ खुद ख उठानो पड़ेंन।”
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