3 यहोशू न सब सैनिकों समेत ऐ नगर पर चढ़ायी करन की तैयारी करी; अऊर यहोशू न तीस हजार शूरवीर सैनिक चुन क रात मच भेज दियो। 4 अऊर उन्ख या आज्ञा दी, “सुनो, तुम ऊ नगर को पीछु को तरफ आक्रमन करन लायी बैठ्यो रहो; नगर सी बहुत दूर मत जावो, अऊर सब को सब तैयार रहो; 5 अऊर मय अपनो सब संगियों समेत ऊ नगर को जवर जाऊं। अऊर जब हि पहले जसो हमरो सामना करन लायी निकलेंन, तब हम उन्को आगु सी भगबोंन; 6 तब हि यो सोच क, कि हि पहले को जसो हमरो सामने सी भाग रह्यो हय, हमरो पीछा करेंन; यो तरह हम उन्को सामने सी भाग क उन्ख नगर सी दूर निकाल ले जायबो; 7 तब तुम अपनो लूकन की जागा सी निकलजो अऊर नगर पर अधिकार कर लेजो; कहालीकि तुम्हरो परमेश्वर यहोवा ऊ नगर ख तुम्हरो अधिकार म कर देयेंन। 8 अऊर जब तुम नगर ख अपनो अधिकार म कर लेवो तब ओको म आगी लगाय क फूक देजो, परमेश्वर की आज्ञा को अनुसारच काम करो; सुनो, मय न तुम्ख आज्ञा दी हय।” 9 तब यहोशू न उन्ख भेज दियो; हि लूकन की जागा पर चली गयो, हि ऐ नगर को पश्चिम दिशा म अऊर बेतेल को बीच म लूक क बैठ गयो; पर यहोशू वा रात ख अपनो लोगों को बीच टिक्यो रह्यो।
10 यहोशू सुबेरे उठ्यो, अऊर लोगों की गिनती ले क इस्राएली बुजूर्ग लोगों समेत सैनिकों को आगु आगु ऐ नगर को तरफ गयो। 11 अऊर ओको संग को सब सैनिक आगु बड़्यो, अऊर ऐ नगर को जवर पहुंच क ओको सामने उत्तर को तरफ डेरा डाल दियो, अऊर उन्को अऊर ऐ नगर को बीच म एक घाटी होती। 12 तब यहोशू न लगभग पाच हजार आदमी चुन क बेतेल अऊर ऐ नगर को बीच म नगर को पश्चिम को तरफ लूकाय क बैठाय दियो। 13 अऊर सब लोगों न नगर को उत्तर दिशा को तरफ की पूरी सेना ख अऊर पश्चिम दिशा को तरफ घात म लूक क बैठ्यो हुयो ख भी अपनो अपनो डेरा म कर दियो, तब यहोशू वाच रात घाटी म रह्यो। 14 जब ऐ नगर को राजा न यो देख्यो, तब हि फुर्ती कर क् सुबेरे उठ्यो, अऊर राजा अपनी पूरी प्रजा ख ले क इस्राएलियों को सामने उन्को सी लड़न लायी यरदन की घाटी को तरफ गयो; अऊर ऊ नहीं जानत होतो कि नगर को पीछु को भाग म लोग घात लगायो बैठ्यो हय। 15 तब यहोशू अऊर सब इस्राएली लोग उन्को सी हार मान क जंगल को रस्ता ले क भाग निकल्यो। 16 तब नगर को सब लोग इस्राएलियों को पीछा करन लायी बुलायो गयो; अऊर हि यहोशू को पीछा करतो हुयो नगर सी दूर निकल गयो। 17 अऊर नहीं ऐ नगर म अऊर नहीं बेतेल म एक भी आदमी नहीं रह्यो, जो इस्राएलियों को पीछा करन लायी नहीं गयो होना; अऊर उन्न नगर ख खुलो छोड़ क इस्राएलियों को पीछा करयो।
18 तब परमेश्वर न यहोशू सी कह्यो, “अपनो हाथ को भाला सी ऐ नगर को तरफ इशारा कर; कहालीकि मय ओख तोरो हाथ म दे देऊं।” अऊर यहोशू न अपनो हाथ को भाला सी ऐ नगर को तरफ इशारा करयो। 19 जसोच यहोशू न अपनो हाथ ऊपर उठायो लूक क बैठ्यो हुयो सैनिक तुरतच अपनो जागा सी उठ्यो, अऊर दौड़ क नगर म सिरयो अऊर ओख अपनो अधिकार म कर लियो; अऊर तुरतच ओको म आगी लगाय दियो। 20 जब ऐ नगर को लोगों न पीछु पलट क देख्यो, कि नगर को धूगां आसमान को तरफ उठ रह्यो हय; उन्ख आगु-पीछु भगन को मौका भी नहीं मिल्यो, कहालीकि जंगल को तरफ भगन वालो इस्राएलियों न लौट क अपनो पीछा करन वालो पर आक्रमन कर दियो। 21 जब यहोशू अऊर सब इस्राएलियों न देख्यो कि घातियों न नगर पर अधिकार कर लियो हय, अऊर ओको धूगां उठ रह्यो हय, तब घुम क ऐ नगर को आदमियों ख मारन लग्यो। 22 अऊर उन्को सामना करन लायी दूसरो नगर सी भी लोग निकल आयो; येकोलायी हि इस्राएलियों को बीच म पड़ गयो, कुछ इस्राएली त उन्को आगु, अऊर कुछ उन्को पीछु होतो; उन्न उन्ख यहां तक मारयो कि उन म सी नहीं त कोयी बच्यो अऊर नहीं भग सक्यो। 23 अऊर ऐ नगर को राजा ख हि जीन्दो पकड़ क यहोशू को जवर लायो।
24 जब इस्राएली ऐ नगर को सब निवासियों ख मैदान म, मतलब ऊ जंगल म जहां उन्न उन्को पीछा करयो होतो मार डाल्यो, जब ऐ नगर को हर एक निवासी तलवार सी मारयो गयो, तब सब इस्राएलियों न ऐ नगर ख लौट क बच्यो हुयो निवासियों ख तलवार सी मार डाल्यो। 25 ऊ ऐ नगर कि जनसंख्या बारा हजार होती, ऊ दिन बाई अऊर आदमी सब मारयो गयो। 26 जो हाथ सी यहोशू भाला उठायो हुयो होतो, ओख तब तक ओन खल्लो नहीं करयो जब तक ऐ नगर को निवासियों ख पूरी तरह नाश नहीं कर दियो गयो। 27 परमेश्वर की वा आज्ञा को अनुसार जो ओन यहोशू ख दी होती इस्राएलियों न पशु अऊर नगर को सब सामान अपनो लायी लूट लियो। 28 तब यहोशू न ऐ नगर म आगी लगाय दियो, अऊर ओख हमेशा लायी खंडहर बनाय दियो : ऊ अज तक उजाड़ पड़्यो हय। 29 अऊर ऐ नगर को राजा ख ओन शाम तक झाड़ पर लटकाय दियो; अऊर सूर्य डुबतो समय यहोशू की आज्ञा सी ओको शव झाड़ पर सी उतार क नगर की फाटक को सामने डाल दियो गयो, अऊर ओको पर गोटावों को बड़ो ढेर लगाय दियो, जो अज तक बन्यो हय।
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