7 “अऊर तुम फलो फूलो अऊर धरती पर बहुतायत सी सन्तान पैदा कर क् ओको म भर जावो।”[d]
8 तब परमेश्वर न नूह अऊर ओको बेटों सी कह्यो, 9 “सुनो, मय तुम्हरो संग अऊर तुम्हरो वंशजों को संग अपनी वाचा बान्ध रह्यो हय; 10 अऊर जब जीन्दो प्रानियों सी भी जो तुम्हरो संग हंय, का पक्षी का पालतु जनावर, का धरती को सब जंगली जनावर, धरती को जितनो जीवजन्तु जहाज सी निकल्यो हंय। 11 अऊर मय तुम्हरो संग अपनी यो वाचा बान्धू हय कि सब प्रानी फिर जल प्रलय सी नाश नहीं होयेंन अऊर धरती को नाश करन लायी फिर कभी जल प्रलय नहीं होयेंन।” 12 तब परमेश्वर न कह्यो, “जो वाचा मय न तुम्हरो संग, अऊर जितनो जीन्दो प्रानी तुम्हरो संग हय उन सब को संग भी युग युग की पीढ़ियों लायी बान्धू हय; ओको यो चिन्ह हय : 13 कि मय न बादर म अपनो धनुष रख्यो हय, ऊ मोरो अऊर धरती को बीच म वाचा को चिन्ह होयेंन। 14 अऊर जब मय धरती पर बादर फैलाऊं तब बादर म धनुष दिखायी देयेंन। 15 तब मोरी जो वाचा तुम्हरो अऊर पूरो जीन्दो प्रानियों को संग बंधी हय; ओख मय याद करूं, तब असो जल प्रलय फिर नहीं होयेंन जेको सी सब प्रानी को नाश होय जाये। 16 बादर म जो धनुष होयेंन मय ओख देख क यो हमेशा की वाचा याद करूं, जो परमेश्वर को अऊर धरती पर को पूरो जीन्दो प्रानियों को बीच बंधी हय।” 17 तब परमेश्वर न नूह सी कह्यो, “जो वाचा मय न धरती भर को पूरो प्रानियों को संग बान्धी हय, ओको चिन्ह योच आय।”
20 नूह जो एक किसान होतो, जो अंगूर की बाड़ी लगावन वालो पहिलो आदमी भयो। 21 अऊर ऊ अंगूर को रस पी क मतवालो भयो; अऊर अपनो तम्बू को अन्दर नंगा भय गयो। 22 तब कनान को बाप हाम न, अपनो बाप ख नंगा देख्यो, अऊर बाहेर आय क अपनो दोयी भाऊ ख बताय दियो।[e] 23 तब शेम अऊर येपेत दोयी न एक चादर ली, अऊर ओख अपनो बख्खा पर रख्यो अऊर पीछु को तरफ उलटो चल क अन्दर गयो अऊर उन्न अपनो बाप को शरीर ख झाक दियो अऊर हि अपनो मुंह पीछु करयो हुयो होतो, येकोलायी उन्न अपनो बाप ख नंगा नहीं देख्यो। 24 जब नूह को नशा उतर गयो, तब ओन जान लियो कि ओको छोटो बेटा न ओको संग का करयो हय। 25 येकोलायी नूह न कह्यो,
28 जल प्रलय को बाद नूह तीन सौ पचास साल जीन्दो रह्यो। 29 यो तरह नूह की कुल उमर नव सौ पचास साल की भयी; ओको बाद ऊ मर गयो।
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