2 बाई न सांप ख उत्तर दियो, “हम यो बगीचा को झाड़ को फर खाय सकजे हंय;” 3 पर परमेश्वर न हमरो सी कह्यो, “बगीचा को बीच म लग्यो हुयो झाड़ को फर मत खावो, अऊर नहीं ओख छूवो, नहीं त तुम मर जावो।”
4 तब सांप न बाई सी कह्यो, “यो सच नोहोय; तुम कभी नहीं मरो! 5 [b]बल्की परमेश्वर खुद जानय हय कि जो दिन तुम ओको फर खावो उच दिन तुम्हरी आंखी खुल जायेंन, अऊर तुम भलो बुरो को ज्ञान पा क परमेश्वर को जसो बन जावो।”
6 जब बाई न देख्यो कि झाड़ कितनो सुन्दर होतो अऊर ओको फर खानो म कितनो अच्छो होयेंन, अऊर ओन सोच्यो कि बुद्धिमान बनन लायी यो कितनो लायक होयेंन। येकोलायी ओन कुछ फर ले लियो अऊर खाय लियो अऊर अपनो पति ख भी दियो, अऊर ओन ओख भी खायो। 7 तब उन दोयी की आंखी खुल गयी, अऊर उन्ख मालूम भयो कि हि नंगा हय; येकोलायी उन्न अंजीर को पत्ता ख एक संग सिल दियो अऊर खुद ख झाक लियो।
8 जब शाम ख उन्न प्रभु परमेश्वर ख बगीचा म घुमतो हुयो सुन्यो, तब आदमी अऊर ओकी पत्नी बगीचा को झाड़ को बीच म प्रभु परमेश्वर सी लूक गयो। 9 पर प्रभु परमेश्वर न आदम ख पुकारयो, “तुम कित हय?”
10 ओन उत्तर दियो, “मय न तुम ख बगीचा म घुमतो हुयो सुन्यो; मय डर गयो, अऊर तोरो सी लूक गयो, कहालीकि मय नंगा होतो।”
11 प्रभु परमेश्वर न पुच्छ्यो, “कौन न तोरो सी कह्यो कि तय नंगा हय? का तय न ऊ झाड़ को फर खायो हय, जेक मय न खान लायी नहीं कह्यो होतो?”
12 आदम न उत्तर दियो, “जो बाई तुम न मोरो संग रहन लायी दियो हय, ओन ऊ झाड़ को फर मोख दियो, अऊर मय न खाय लियो।”
13 प्रभु परमेश्वर न बाई सी पुच्छ्यो, “यो तुम न असो कहाली करयो?”
16 प्रभु परमेश्वर न बाई सी कह्यो, “मय तोरी पीड़ा अऊर तोरो गर्भवती होन को दु:ख ख बहुत बढ़ाऊं; अऊर तय पीड़ित होय क बच्चा पैदा करजो; अऊर तोरी इच्छाये तोरो पति को तरफ होयेंन, अऊर ऊ तोरो पर शासन करेंन।”
17 प्रभु परमेश्वर न आदम सी कह्यो, “तय न अपनी पत्नी की बात सुनी, अऊर ऊ झाड़ को फर खायो जेको बारे म मय न तोख आज्ञा दी होती कि तय ओको फर नहीं खाजो, ओख तय न खायो हय येकोलायी जमीन तोरो वजह श्रापित हय। तय ओकी फसल खान लायी तोख जीवन भर कठोर परिश्रम करनो पड़ेंन। 18 अऊर ऊ तोरो लायी काटा अऊर ऊंटकटारे उगायेंन, अऊर तोख जंगली पौधा ख खानो पड़ेंन।[d] 19 अऊर अपनो मस्तक को पसीना की रोटी खायो करजो, अऊर आखरी म माटी म मिल जाजो कहालीकि तय ओकोच म सी निकाल्यो गयो हय; तय माटी त आय अऊर माटी मच फिर मिल जाजो।”
20 आदम न अपनी पत्नी को नाम हवा रख्यो; कहालीकि वा पूरो आदमियों की माय बनी। 21 अऊर प्रभु परमेश्वर न आदम अऊर ओकी पत्नी लायी जनावरों की खाल सी कपड़ा बनायो, अऊर ओन ओख कपड़ा पहिनायो।
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