4 तब याकूब न चरावन वालो सी पुच्छ्यो, “हे मोरो भाऊवों, तुम कित सी आयो हय?” उन्न कह्यो,
5 तब याकूब न उन्को सी पुच्छ्यो, “का तुम नाहोर को नाती लाबान ख जानय हय?” उन्न कह्यो,
6 तब ओन उन्को सी पुच्छ्यो, “का ऊ खुश हय?” उन्न कह्यो,
7 याकूब न कह्यो, “देखो, अभी त दिन बहुत हय, जनावरों को जमा होन को समय नहीं आयो हय; येकोलायी शेरी मेंढियों ख पानी पिलाय क फिर सी लिजाय क चरावों।”
8 उन्न कह्यो, “हम अभी असो नहीं कर सकजे; जब सब झुण्ड जमा होवय हंय तब गोटा कुंवा को ऊपर सी गंडलायो जावय हय, अऊर तब हम शेरी मेंढियों ख पानी पिलाजे हंय।”
9 उन्की यो बात चीत होतच रह्य कि राहेल, जो जनावर चरायो करत होती, अपनो बाप की शेरी मेंढियों ख धर क आय गयी। 10 याकूब न अपनो मामा अऊर लाबान की बेटी राहेल ख, अऊर ओकी शेरी मेंढियों ख देख्यो त जवर जाय क कुंवा को ऊपर सी गोटा ख गंडलायो अऊर अपनो मामा लाबान की शेरी मेंढियों ख पानी पिलायो। 11 तब याकूब न राहेल को चुम्यो, अऊर जोर जोर सी रोयो। 12 अऊर याकूब न राहेल ख बताय दियो, कि मय तोरो फुफ भाऊ आय, मतलब रिबका को टुरा आय।
18 येकोलायी याकूब न, जो राहेल सी प्रेम करत होतो, ओन कह्यो, “मय तोरी छोटी बेटी राहेल लायी सात साल तोरी सेवा करूं।”
19 लाबान न कह्यो, “ओख परायो आदमी ख देन सी अच्छो तोख देनो अच्छो होयेंन; येकोलायी मोरो जवर रह्य।” 20 तब याकूब न राहेल लायी सात साल सेवा करी; अऊर हि ओख राहेल को प्रेम को वजह थोड़ोच दिनों को बराबर जान पड़्यो।
21 तब याकूब न लाबान सी कह्यो, “मोरी पत्नी मोख दे, अऊर मय ओको जवर जाऊं, कहालीकि मोरो समय पूरो भय गयो हय।” 22 तब लाबान न ऊ जागा को सब आदमियों ख बुलाय क जमा करयो, अऊर बिहाव को खाना दियो। 23 शाम को समय ऊ अपनी बेटी लिआ ख याकूब को जवर ले गयो, अऊर याकूब ओको जवर गयो। 24 लाबान न अपनी बेटी लिआ ख अपनी दासी जिल्पा दी कि वा ओकी सेवा करे। 25 सुबेरे ख मालूम भयो कि या त लिआ आय, येकोलायी ओन लाबान सी कह्यो, “यो तय न मोरो संग का करयो हय? मय न तोरो संग रह्य क जो तोरी सेवा करी, त का राहेल लायी नहीं करी? फिर तय न मोरो सी असो कहाली धोखा करयो हय?”
26 लाबान न कह्यो, “हमरो यहां असी रीति नहाय कि बड़ी बेटी सी पहिले दूसरी को बिहाव कर दे। 27 येको हप्ता त पूरो कर; तब दूसरी भी तोख ऊ सेवा लायी मिलेंन जो तय मोरो संग रह्य क अऊर सात साल तक करजो।”
28 याकूब न असोच करयो, अऊर लिआ को हप्ता ख पूरो करयो; तब लाबान न ओख अपनी बेटी राहेल भी दी कि वा ओकी पत्नी हो। 29 लाबान न अपनी बेटी राहेल की दासी होन लायी अपनी दासी बिल्हा ख दियो। 30 तब याकूब राहेल को जवर भी गयो, पर ओन लिआ सी जादा राहेल सी प्रेम करयो; ओन सात साल अऊर लाबान की सेवा करी।
- a 29:33 सुनन वालो
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