4 तब ओन मोरो सी कह्यो, “इन हड्डियों सी भविष्यवानी कर क् कहो, ‘हे सूखी हड्डियों, परमेश्वर को वचन सुनो। 5 परमेश्वर यहोवा तुम हड्डियों सी यो कह्य हय : देखो, मय खुद तुम म स्वास समाऊं, अऊर तुम जीन्दी होय जावो। 6 मय तुम म नस भर क मांस चढ़ाऊं, अऊर तुम्ख चमड़ा सी झाकूं; अऊर तुम म स्वास समाऊं अऊर तुम जीन्दी होय जावो; तब तुम जान लेवो की मय परमेश्वर आय।’ ”
7 या आज्ञा को अनुसार मय भविष्यवानी करन लग्यो; अऊर मय भविष्यवानी करच रह्यो होतो, कि एक आवाज आयी, अऊर भूईडोल भयी, अऊर हि हड्डियां जमा होय क हड्डी सी हड्डी जुड़ गयी। 8 मय देखतो रह्यो, कि उन म नस पैदा भयी अऊर मांस चढ़्यो, अऊर हि मांस चमड़ा झक गयो; पर उन म जीवन को स्वास कुछ भी नहीं होतो।
9 तब ओन मोरो सी कह्यो, “हे आदमी की सन्तान, स्वास सी भविष्यवानी कर, अऊर स्वास सी भविष्यवानी कर क् कहो, हे स्वास परमेश्वर यहोवा यो कह्य हय : चारयी दिशावों सी आय क इन मारयो हुयो म समाय जावो कि हि जीन्दो होय जाये।”
10 उन्की या आज्ञा को अनुसार मय न भविष्यवानी करी, तब स्वास उन म समाय गयी, अऊर हि जीन्दो होय क अपनो अपनो पाय को बल पर खड़ो भय गयो; अऊर एक बड़ी सेना भय गयी।
11 फिर ओन मोरो सी कह्यो, “हे आदमी की सन्तान, हि हड्डियां इस्राएल को पूरो घराना की उपमा आय, हमरी हड्डियां सूख गयी, अऊर हमरी आशा टूट गयी; हम पूरी तरह नाश भय गयो हय। 12 यो वजह भविष्यवानी कर क् उन्को सी कहो, परमेश्वर यहोवा यो कह्य हय : हे मोरी प्रजा को लोगों, देखो, मय तुम्हरी कब्र खोल क तुम्ख वहां सी निकालूं, अऊर इस्राएल को देश म पहुंचाय देऊं। 13 येकोलायी जब मय तुम्हरी कब्र खोलूं, अऊर तुम्ख वहां सी निकालूं, तब हे मोरी प्रजा को लोगों, तुम जान लेवो कि मय परमेश्वर आय। 14 मय तुम म अपनी आत्मा समाऊं, अऊर तुम जीन्दो होय जावो; अऊर तुम्ख तुम्हरो निजी देश म बसाऊं; तब तुम जान लेवो कि मय परमेश्वर नच यो कह्यो हय, अऊर करयो भी हय, परमेश्वर की या वानी आय।”
20 जिन लकड़ी की पाटियों पर तय असो लिखजो, हि उन्को सामने तोरो हाथ म रहे। 21 तब तय उन लोगों सी कह्यजो, परमेश्वर यहोवा यो कह्य हय : देखो, मय इस्राएलियों ख उन राज्यों म सी ले क जिन म हि चली गयो हंय, चारयी तरफ सी जमा करूं; अऊर उन्को निजी देश म पहुंचाऊं। 22 मय उन्ख ऊ देश मतलब इस्राएल को पहाड़ों पर एकच राज्य कर देऊं; अऊर उन सब को एकच राजा होयेंन; अऊर हि फिर दोय नहीं रहेंन अऊर नहीं दोय राज्यों म कभी बटेंन। 23 हि फिर अपनी मूर्तियों, अऊर घिनौनो कामों यां अपनो कोयी तरह को पाप को द्वारा अपनो आप ख शुद्ध नहीं करेंन; पर मय उन्ख उन सब बस्तियों सी, जहां हि पाप करत होतो, निकाल क शुद्ध करूं, अऊर हि मोरी प्रजा होयेंन, अऊर मय उन्को परमेश्वर होऊं। 24 [a]“मोरो दास दाऊद उन्को राजा होयेंन; अऊर उन सब को एकच चरवाहा होयेंन। हि मोरो नियमों पर चलेंन अऊर मोरी विधियों ख मान क उन्को अनुसार चलेंन। 25 हि ऊ देश म रहेंन जेख मय न अपनो दास याकूब ख दियो होतो; अऊर जेको म तुम्हरो पूर्वज रहत होतो, ओकोच म हि अऊर ओको टुरा अऊर नाती हमेशा बस्यो रहेंन; अऊर मोरो दास दाऊद उन्को मुखिया रहेंन। 26 मय उन्को संग शान्ति की वाचा बान्धूं; वा हमेशा की वाचा ठहरेंन; अऊर मय उन्ख जागा दे क गिनती म बढ़ाऊं, अऊर उन्को बीच अपनो पवित्र जागा हमेशा बनायो रखूं। 27 [b]मोरो निवास को तम्बू उन्को ऊपर बन्यो रहेंन; अऊर मय उन्को परमेश्वर होऊं, अऊर हि मोरी प्रजा होयेंन। 28 जब मोरो पवित्र जागा उन्को बीच हमेशा को लायी रहेंन, तब सब राज्य को लोग जान लेयेंन कि मय परमेश्वर इस्राएल ख पवित्र करन वालो आय।”
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