1 “बसलेल अऊर ओहोलीआब अऊर सब बुद्धिमान जिन्ख परमेश्वर न असी बुद्धि अऊर समझ दियो हो कि हि परमेश्वर की पूरी आज्ञावों को अनुसार पवित्र जागा की सेवा लायी सब तरह को काम करनो जानय हय, हि सब यो काम करेंन।”
8 काम करन वालो जितनो कुशल कारीगर होतो उन्न निवास लायी यां परदा पतलो सूत सी बुन्यो हुयो नीलो, जामुनी अऊर लाल रंग को कपड़ा को दस परदा ख बुनायी करयो हुयो करूबों सहित बनायो। 9 हर एक परदा की लम्बायी [a]अट्ठावीस हाथ अऊर [b]चौड़ायी चार हाथ की होना; सब परदा एकच नाप को बने। 10 ओन पाच परदा एक दूसरो सी जोड़ दियो, अऊर फिर दूसरो पाच परदा भी एक दूसरो सी जोड़ दियो। 11 अऊर जहां यो परदा जोड़्यो गयो वहां की दोयी कोनो पर ओन नीलो नीलो फन्दा लगाये। 12 ओन दोयी कोना म पचास पचास फन्दा यो तरह लगाये कि हि एक दूसरो को आगु रहे। 13 अऊर ओन सोनो को पचास आकड़ा बनाये, अऊर उन्को द्वारा परदा ख एक दूसरो सी असो जोड़्यो कि निवास मिल क एकच भय गयो।
14 तब निवास जागा को ऊपर को तम्बू लायी ओन शेरी को बाल को ग्यारा परदा बनाये। 15 एक एक परदा की लम्बाई तीस हाथ अऊर चौड़ाई चार हाथ की भयी; अऊर ग्यारा परदा भी एकच नाप को होतो। 16 इन म सी ओन पाच परदा अलग अऊर छय परदा अलग जोड़ दियो। 17 अऊर जहां दोयी जोड़्यो गयो वहां को कोना म ओन पचास पचास फन्दा लगाये। 18 अऊर ओन तम्बू को जोड़न लायी पीतल को पचास आकड़ा भी बनाये जेकोसी ऊ एक होय जाये। 19 अऊर ओन तम्बू लायी लाल रंग सी रंगी हुयी मेंढा की खालों को एक ओढ़ना अऊर ओको ऊपर लायी सुइसों की खालों को भी एक ओढ़ना बनायो।
20 तब ओन निवास लायी बबूल की लकड़ी को तक्ता ख खड़ो रहन लायी बनायो। 21 हर एक तक्ता की लम्बायी दस हाथ अऊर चौड़ायी देड़ हाथ की भयी। 22 हर एक तक्ता म एक दूसरो सी जोड़ी हुयी दोय दोय खाचा बन्यो, निवास को सब तक्ता ख ओन एक जसो बनायो। 23 ओन निवास लायी तक्ता ख बनायो कि दक्षिन को तरफ बीस तक्ता; 24 अऊर इन बीसों तक्ता को खल्लो चांदी की चालीस पाया, मतलब एक एक तक्ता को खल्लो ओकी दोय खाचा लायी ओन दोय कुर्चियां बनायी। 25 अऊर निवास की दूसरो तरफ, मतलब उत्तर को तरफ लायी भी ओन बीस तक्ता बनाये; 26 अऊर इन्को लायी भी ओन चांदी की चालीस पाया, मतलब एक एक तक्ता को खल्लो दोय दोय पाया बनायी। 27 अऊर निवास को पीछु को तरफ, मतलब पश्चिम को तरफ को लायी ओन छय तक्ता बनायो; 28 अऊर पिछलो हिस्सा म निवास को कोना लायी ओन दोय तक्ता बनायो। 29 हि खल्लो सी दोय दोय हिस्सा को बने, अऊर दोयी हिस्सा ऊपर को कोना तक एक एक कड़ा म मिलाये गयो; ओन उन दोयी तक्ता को आकार असोच बनायो 30 यो तरह आठ तक्ता भयो, अऊर उन्की चांदी की सोला पाया भयी; मतलब हर एक तक्ता को खल्लो दोय दोय पाया भयी।
31 तब ओन बबूल की लकड़ी की बेंड़े बनायो, मतलब निवास को एक तरफ को तक्ता लायी पाच बेंड़ा, 32 अऊर निवास को दूसरो तरफ को तक्ता लायी पाच बेंड़ा, अऊर निवास को जो किनार पश्चिम को तरफ पिछलो हिस्सा म होतो ओको लायी भी पाच बेंड़ा बनायो। 33 अऊर ओन बीच वालो बेंड़ा ख तक्ता को बीच म तम्बू को एक कोना सी दूसरो कोना तक पहुंचन लायी बनायो। 34 अऊर तक्ता ख ओन सोनो सी मढ़यो, अऊर बेंड़ों ख जो घर को काम देन वालो कड़ा ख सोनो को बनायो, अऊर बेंड़ा ख भी सोनो सी मढ़यो।
35 फिर ओन नीलो, जामुनी अऊर लाल रंग को कपड़ा को, अऊर पतलो सूत सी बुन्यो हुयो कपड़ा को बीच वालो परदा बनायो; ऊ बुनायी को काम करयो हुयो करूबों को संग बनायो। 36 ओन ओको लायी बबूल को चार खम्बा बनायो, अऊर उन्को सोनो सी मढ़यो; उन्की घुंड़ियां सोनो की बनायी, अऊर ओन उन्को लायी चांदी को चार पाया बनायो। 37 ओन तम्बू को दरवाजा लायी भी नीलो, जामुनी अऊर लाल रंग को कपड़ा को, अऊर पतलो सूत बुन्यो हुयो कपड़ा सी बुनायी को काम करयो हुयो परदा बनायो; 38 अऊर ओन घुंड़ियों सहित ओको पाच खम्बा भी बनाये, अऊर उन्को कोनो अऊर जोड़न की पट्टियों ख सोनो सी मढ़यो, अऊर उन्को पाच पाया पीतल को बनायो।
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