7 तब मूसा न आय क इस्राएली लोगों को बुजूर्गों ख बुलायो, अऊर या सब बात, जेक कहन की आज्ञा परमेश्वर न ओख दियो होतो, उन्को समझाय दियो। 8 [e]अऊर सब लोग एक संग उत्तर दियो, “जो कुछ परमेश्वर न कह्यो हय ऊ सब हम करबोंन।” लोगों की या बात मूसा न परमेश्वर ख सुनायी। 9 तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, “सुन, मय कारो बादर अन्धारो म सी होय क तोरो जवर आऊ हय, येकोलायी कि जब मय तोरो सी बात करूं तब हि लोग सुने, अऊर हमेशा तोरो पर विश्वास करे।” अऊर मूसा न परमेश्वर सी लोगों की बात बतायी। 10 तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, “लोगों को जवर जावो अऊर उन्ख अज अऊर कल पवित्र करजो, अऊर हि अपनो कपड़ा धोय ले, 11 अऊर हि तीसरो दिन तक तैयार होय जाये; कहालीकि तीसरो दिन परमेश्वर सब लोगों को आखी को देखतो सीनै पहाड़ी पर उतरेंन। 12 [f]अऊर तय लोगों लायी चारयी तरफ एक सीमा रेसा खीच देजो, अऊर उन्को सी कह्यजो, ‘तुम सावधान रहजो कि पहाड़ी पर न चढ़जो अऊर ओकी सीमा ख भी नहीं छूयजो; अऊर जो कोयी पहाड़ी ख छूयेंन ऊ निश्चय मार डाल्यो जायेंन। 13 ओख कोयी हाथ सी नहीं छुये; जो छूयेंन ओख गोटा सी मारयो जायेंन, या ओख तीरों सी छेद्यो जायेंन; चाहे जनावर होय चाहे आदमी, ऊ जीन्दो नहीं बचेंन।’ जब मेंढा को सींग को नरसिंगा वालो शब्द तक सुनायी दे, तब लोग पहाड़ी पर चढ़ेंन।”
14 तब मूसा पहाड़ी सी उतर क लोगों को जवर आय क उन्ख पवित्र करयो, अऊर लोगों न अपनो कपड़ा धोयो। 15 अऊर मूसा न लोगों सी कह्यो, “तीसरो दिन तक तैयार होय जावो, आदमियों न बाईयों सी सहवास नहीं करे।”
16 [g]जब तीसरो दिन आयो तब सुबेरे होतोच बादर गर्जन अऊर बिजली चमकन लग्यो, अऊर पहाड़ी पर कारो ढ़ग छाय गयो, फिर तुरही को बड़ो भारी आवाज भयो, अऊर डेरा म जितनो लोग होतो सब डर गयो। 17 [h]तब मूसा लोगों ख परमेश्वर सी मिलान लायी डेरा सी निकाल लायो, अऊर हि पहाड़ी को नीचे खड़ो भय गयो। 18 [i]अऊर परमेश्वर जो आगी म होय क सीनै पहाड़ी पर उतरो होतो, या वजह पूरो पहाड़ी धुवा सी भर गयो; अऊर ओको धुवा भट्टा जसो उठ रह्यो होतो, अऊर पूरो पहाड़ी बहुत काप रह्यो होतो। 19 फिर जब नरसिंगा को आवाज तेज बढ़तो, गयो, तब मूसा बोल्यो, अऊर परमेश्वर न बादर गर्जन की आवाज जसो ओको उत्तर दियो। 20 अऊर परमेश्वर सीनै पहाड़ी की सेंडी पर सी खल्लो उतरयो; अऊर मूसा ख पहाड़ी की सेंडी पर बुलायो, अऊर मूसा ऊपर गयो। 21 तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, “नीचे उतर क् लोगों ख चेतावनी दे, कहीं असो नहीं हय कि हि बाड़ा तोड़ क परमेश्वर को जवर देखन ख घुसयो, अऊर उन्म सी बहुत सो नाश होय जायेंन। 22 अऊर याजक जो परमेश्वर को जवर आन वालो हंय हि भी अपनो आप ख पवित्र करेंन, कहीं असो नहीं होय कि मय उन ख सजा दे देऊ।” 23 मूसा न परमेश्वर सी कह्यो, “हि लोग सीनै पहाड़ी पर नहीं चढ़ सकय; तुम न त खुद हम ख यो कह्य क चितायो कि पहाड़ी को चारयी तरफ बाड़ा बान्ध क ओख पवित्र रखो।” 24 परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, “तय जा, अऊर हारून ख ले आव। पर याजक अऊर साधारन लोग परमेश्वर को बाड़ा तोड़न चढ़ क आये, असो नहीं होय कि मय उन ख सजा देऊं।” 25 या बात मूसा पहाड़ी सी उतर क् लोगों ख सुनायी।
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