7 यहोवा, याकूब को घमण्ड, उच अपनी कसम खाय क कह्य हय, मय तुम्हरो कोयी काम ख कभी नहीं भूलूं। 8 का यो वजह जमीन नहीं कापेंन? का उन पर को सब रहनवालो विलाप नहीं करेंन? यो देश सब को सब मिस्र की नील नदी को जसो होयेंन, जो उमड़य हय, अऊर घट जावय हय। 9 परमेश्वर यहोवा की या वानी आय, “ऊ समय मय सूरज ख दुपहर को समय डूबाय देऊं, अऊर यो देश ख दिन दहाड़े अन्धकार कर देऊं। 10 मय तुम्हरो त्यौहारों को उत्सव ख दूर कर क् विलाप कराऊं, अऊर तुम्हरो सब गीतों ख दूर कर क् विलाप को गीत गवाऊं; मय तुम सब की कमर म शोक को कपड़ा बान्धूं, अऊर तुम सब को मुन्ड ख मुंडाऊं, अऊर असो विलाप कराऊं जसो एकलौतो को लायी होवय हय, अऊर ओको अन्त कठिन दु:ख को दिन को जसो होयेंन।” 11 परमेश्वर यहोवा यो कह्य हय, देखो, असो दिन आय रह्यो हंय, जब मय यो देश म अकाल भेजूं; ओको म नहीं त रोटी को भूखो नहीं अऊर पानी को प्यासो नहीं, पर यहोवा को वचनों को भूखो होयेंन। 12 लोग यहोवा को वचन की खोज म समुन्दर सी दुसरो समुन्दर तक अऊर उत्तर सी पूर्व तक मारे मारे फिरेंन, पर ओख नहीं पायेंन।
13 “ऊ समय सुन्दर कुमारियां अऊर जवान आदमी दोयी प्यास को मारे मूर्झाय जायेंन। 14 जो लोग सामरिया को देवता की कसम, अऊर ‘दान को देवता की कसम, अऊर बेर्शेबा को पन्थ की कसम खावय हय,’ हि सब गिर पड़ेंन, अऊर फिर नहीं उठेंन।”
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