9 “मय न तुम्ख गर्मी अऊर गेरुए किड़ा सी मारयो हय; अऊर जब तुम्हरो बगीचा अऊर अंगूर की बाड़ियों, अऊर अंजीर अऊर जैतून को झाड़ बहुत भय गयो, तब फाफा उन्ख खाय गयी; तब भी तुम मोरो तरफ फिर क नहीं आयो, यहोवा की याच वानी आय
10 “मय न तुम्हरो बीच म मिस्र देश को जसी महामारी फैलायी; मय न तुम्हरो घोड़ा ख छिन क तुम्हरो जवानों ख तलवार सी मरवाय दियो; अऊर तुम्हरी छावनी की दुर्गन्ध तुम्हरो जवर पहुंचायो; तब भी तुम मोरो तरफ फिर क नहीं आयो, यहोवा की याच वानी आय।
11 [a]“मय न तुम म सी कुछ एक ख असो उलट दियो, जसो परमेश्वर न सदोम अऊर अमोरा ख नाश कर दियो होतो, अऊर तुम आगी सी निकाली हुयी लकड़ी को जसो ठहरयो; तब भी तुम मोरो तरफ फिर क नहीं आयो, यहोवा की याच वानी आय।
12 “यो वजह, हे इस्राएल, मय तोरो सी असोच करूं, अऊर येकोलायी कि मय तोरो म यो काम करन पर हय, हे इस्राएल, अपनो परमेश्वर को सामने आवन लायी तैयार होय जा!” 13 देख, पहाड़ियों ख बनावन वालो अऊर हवा ख सिरजन वालो, अऊर मनुष्य ख ओको मन को बिचार बतावन वालो अऊर पहेट ख अन्धकार करन वालो, अऊर जो धरती को ऊंचो जागावों पर चलन वालो हय, ओकोच नाम सेनावों को परमेश्वर यहोवा आय!
<- आमोस 3आमोस 5 ->- a ४:११ उत्पत्ति १९:२४
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