3 एक समय रिहिस, जब हमन घलो मुरूख अऊ परमेसर के हुकूम नइं मनइया रहेंन अऊ धोखा म पड़के हर किसम के लालसा अऊ सुख-बिलास के गुलामी म रहेंन। हमन बईरता अऊ जलन म जिनगी बितावत रहेंन अऊ एक-दूसर ले घिन करत रहेंन। 4 पर हमर उद्धार करइया परमेसर ह अपन दया अऊ मया ला परगट करिस, 5 अऊ ओह हमर उद्धार करिस, अऊ येह हमर कोनो धरमी काम के कारन नइं, पर ओह अपन दया के कारन करिस। ओह हमर पाप ला धोके हमर उद्धार करिस अऊ पबितर आतमा के दुवारा नवां जिनगी दीस। 6 परमेसर ह ये पबितर आतमा ला हमर उद्धार करइया यीसू मसीह के दुवारा हमन ला बहुंतायत ले दीस, 7 ताकि हमन ओकर अनुग्रह ले धरमी ठहिरके सदाकाल के जिनगी के आसा म ओकर वारिस बनन। 8 ये कहावत ह सही ए। अऊ मेंह चाहत हंव कि तेंह ये बातमन ला जोर देके बताय कर, ताकि जऊन मन परमेसर ऊपर बिसवास करे हवंय, ओमन भलई के काम म अपन धियान लगावंय। ये बातमन बहुंत बढ़िया अऊ मनखेमन के फायदा के अंय।
9 पर मुरूखता के बिवाद अऊ बंसावली अऊ बहस अऊ झगरा मन ले बचके रह; ये चीजमन यहूदीमन के कानून के बिसय म अंय अऊ येमन बिगर फायदा के अऊ बेकार अंय। 10 मनखेमन के बीच म फूट करइया ला, एक या दू बार समझा-बुझा दे, ओकर बाद ओकर ले दूरिहा रह, 11 ये बात ह निस्चित ए, कि अइसने मनखे ह सत ले भटक गे हवय अऊ पापी ए अऊ अपनआप ला दोसी ठहिराथे।
Languages