1 हे भाईमन हो! इसरायलीमन बर मोर दिल के ईछा अऊ परमेसर ले पराथना हवय कि ओमन उद्धार पावंय। 2 काबरकि मेंह ओमन बर गवाही दे सकथंव कि ओमन के हिरदय म परमेसर खातिर उत्साह हवय, पर ओमन के उत्साह ह गियान के ऊपर अधारित नइं ए। 3 ओमन ओ बात ला नइं जानिन कि कइसने परमेसर ह मनखे ला धरमी बनाथे, पर ओमन मूसा के कानून ला माने के दुवारा खुद धरमी बने के कोसिस करिन। ओमन परमेसर के मुताबिक धरमी बने नइं चाहिन। 4 मसीह ह मूसा के कानून के अन्त अय, ताकि जऊन कोनो ओकर ऊपर बिसवास करय, ओह परमेसर के नजर म धरमी ठहिरय।
5 कानून ला माने के दुवारा जऊन धरमीपन होथे, ओकर बारे म मूसा ह ये किसम ले लिखथे, “जऊन मनखे ह कानूनमन के पालन करही, ओह ओमन के दुवारा जीयत रहिही।” 6 पर जऊन धरमीपन ह बिसवास ऊपर अधारित अय, ओकर बारे म ये कहे गे हवय, “तुमन अपन हिरदय म ये झन कहव, कि कोन ह अकास ऊपर जाही।”[a] (कि ओह मसीह ला उहां ले उतार लानय) 7 या अइसने घलो झन कहव, “गहरई म कोन उतरही।” (कि ओह मसीह ला मरे म ले जियाके ऊपर लानय)। 8 पर येह का कहिथे? “परमेसर के बचन ह तुम्हर लकठा म हवय; येह तुम्हर मुहूं म अऊ तुम्हर मन म हवय।” येह ओही बिसवास के बचन अय, जेकर परचार हमन करथन। 9 यदि तेंह अपन मुहूं ले कबूल करथस कि यीसू ह परभू अय अऊ अपन हिरदय म बिसवास करथस कि परमेसर ह ओला मरे म ले जियाईस, त तेंह उद्धार पाबे। 10 काबरकि मनखे ह अपन हिरदय म बिसवास करे के दुवारा परमेसर के नजर म सही ठहिरथे अऊ मुहूं ले कबूल करे के दुवारा उद्धार पाथे। 11 परमेसर के बचन ह ये कहिथे, “जऊन कोनो ओकर ऊपर बिसवास करही, ओह कभू लज्जित नइं होही।” 12 यहूदी अऊ आनजात म कोनो फरक नइं ए। ओही परभू ह जम्मो झन के परभू अय, अऊ ओह ओमन ला बहुंते आसीस देथे, जऊन मन ओकर नांव लेथें, 13 काबरकि “हर एक, जऊन ह परभू के नांव लीही, ओह उद्धार पाही।”[b]
14 पर जब ओमन ओकर ऊपर बिसवास नइं करे हवंय, त ओकर नांव कइसने ले सकथें? अऊ ओमन ओकर ऊपर कइसने बिसवास कर सकथें, जब ओमन ओकर बारे म कभू नइं सुने हवंय? अऊ ओमन ओकर बारे म कइसने सुनंय, जब तक कि कोनो ओमन ला नइं बतावय? 15 अऊ ओमन ओकर परचार कइसने कर सकथें, जब तक ओमन ला पठोय नइं जावय? जइसने कि परमेसर के बचन म लिखे हवय, “कतेक सुघर होथे ओमन के अवई ह, जऊन मन के पांव सुघर संदेस लेके आथें।”[c]
16 पर जम्मो इसरायलीमन सुघर संदेस ला नइं मानिन। यसायाह अगमजानी ह कहे हवय, “हे परभू! कोन ह हमर संदेस ऊपर बिसवास करिस?”[d] 17 येह साफ ए कि बिसवास ह संदेस के सुने ले होथे, अऊ संदेस के सुनई ह मसीह के बचन ले होथे। 18 पर मेंह पुछत हंव: का ओमन नइं सुनिन? ओमन जरूर सुनिन:
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