5 “ ‘नाजीर के मन्नत माने के पूरा समय ओह अपन मुड़ म उस्तरा झन चलवाय। ओह तब तक अलग रहय। जब तक कि यहोवा ला दिये समय ह खतम नइं हो जावय, तब तक ओह पबितर बने रहय; ओह अपन चुंदी ला लम्बा बाढ़न देवय।
6 “ ‘यहोवा ला अपन दिये गय समय के बीच म नाजीर ह कोनो लास के लकठा म झन जावय। 7 अऊ त अऊ यदि ओकर खुद के दाई या ददा या भाई या बहिनी घलो मर जावय, तभो ले ओह अपनआप ला ओमन के कारन संस्कार म असुध झन करय, काबरकि अपनआप ला यहोवा ले मन्नत बर सऊंपे के चिनहां ह ओकर मुड़ म हवय। 8 अपन मन्नत बर ओ पूरा समय म, ओह यहोवा बर पबितर ठहिरथे।
9 “ ‘यदि नाजीर के उहां रहत कोनो मनखे ह अचानक मर जावय, त फेर ओकर बाल ह असुध हो जाथे, जऊन ह कि ओकर मन्नत बर चिनहां अय, ये स्थिति म सातवां दिन याने कि सुध होय के दिन, ओह अपन मुड़ मुड़ा ले। 10 तब आठवां दिन, ओह मिलापवाला तम्बू के मुंहटा म पुरोहित करा दू ठन पंड़की या दू ठन परेवा पीला लानय। 11 पुरोहित ह नाजीर बर पछताप करे के खातिर एक ठन ला पाप-बलिदान अऊ आने ला होम-बलिदान के रूप म चघावय, काबरकि ओह लास करा रहे के दुवारा पाप करे हवय। ओहीच दिन ओह अपन मुड़ ला फेर पबितर करय। 12 ओह फेर अपनआप ला मन्नत बर यहोवा ला सऊंपे अऊ ओह दोस-बलिदान के रूप म एक साल के मेढ़ा-पीला लानय। पहिले के दिनमन ला झन गने जावय, काबरकि ओह अपन मन्नत के दौरान असुध हो गे रिहिस।
13 “ ‘जब नाजीर के मन्नत बर ठहिराय समय ह पूरा हो जाथे, त येह ओकर कानून अय। ओला मिलापवाला तम्बू के मुंहटा करा लाने जावय। 14 उहां ओह यहोवा बर अपन बलिदान चघावय: होम-बलिदान बर एक साल के निरदोस मेढ़ा-पीला, पाप-बलिदान बर एक साल के निरदोस भेड़ी-पीला, अऊ मेल-बलिदान बर एक ठन निरदोस मेढ़ा, 15 संग म अपन अन्न-बलिदान अऊ पेय-बलिदान, अऊ एक टुकना अखमीरी रोटी, जऊन ह बढ़िया किसम के पीसान ले बने होवय—मोटहा रोटीमन म जैतून तेल मिले होवय, अऊ पातर रोटीमन के ऊपर जैतून तेल चुपरे होवय।
16 “ ‘पुरोहित ह ये जम्मो चीज ला यहोवा के आघू म लानय अऊ पाप-बलिदान अऊ होम-बलिदान चघावय। 17 पुरोहित ह अखमीरी रोटी के टोकरी ला लानय अऊ मेढ़ा ला मेल-बलिदान के रूप म यहोवा ला चढ़ावा चघावय, संग म अन्न-बलिदान अऊ पेय-बलिदान ला घलो चघावय।
18 “ ‘तब मिलापवाला तम्बू के मुंहटा म, नाजीर ह अपन ओ बाल ला मुड़ावय, जऊन ह कि ओकर मन्नत बर चिनहां अय। तब ओह ओ बाल ला ले जाके ओ आगी म डार देवय, जऊन ह मेल-बलिदान के चढ़ावा के खाल्हे म होथे।
19 “ ‘जब नाजीर ह बाल ला मुड़वा लेवय, जऊन ह ओकर मन्नत बर चिनहां अय, तब पुरोहित ह ओकर हांथ म मेढ़ा के एक ठन उबले कंधा, अऊ टुकना के एक ठन मोटहा अखमीरी रोटी अऊ एक ठन पातर अखमीरी रोटी रख देवय। 20 तब पुरोहित ह येमन ला हलाय-बलिदान के रूप म यहोवा के आघू म हलावय; येमन पबितर अंय अऊ पुरोहित के अंय, संग म ओ छाती, जेला हलाय गीस अऊ ओ जांघ जेला चघाय गीस, ओमन घलो पुरोहित के अंय। ओकर बाद, नाजीर ह अंगूर के मंद पी सकथे।
21 “ ‘येह नाजीर के कानून ए, जऊन ह अपन मन्नत के मुताबिक यहोवा ला मन्नत के चढ़ावा चघाथे, येकर अलावा अऊ जऊन कुछू ओह दे सकथे, ओह देवय। येह जरूरी अय कि ओह अपन माने गय मन्नत ला नाजीर के कानून के मुताबिक पूरा करय।’ ”
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