2 उहां समाज के मनखेमन बर पानी नइं रिहिस, अऊ मनखेमन मूसा अऊ हारून के बिरोध म जूर गीन। 3 ओमन मूसा ले झगरा करे लगिन अऊ कहिन, “बने होतिस कि हमन घलो अपन संगी इसरायलीमन संग, यहोवा के आघू म मर गे रहितेंन! 4 तेंह काबर यहोवा के समाज ला ये सुन्ना जगह म लाने कि हमन अऊ हमर पसुमन इहां मर जावन? 5 तेंह काबर हमन ला मिसर देस ले बाहिर निकालके ये भयानक जगह म ले आय? इहां न तो अनाज या अंजीर, अऊ न ही अंगूर के नार या अनार हवय। अऊ इहां पीये बर पानी घलो नइं ए!”
6 मूसा अऊ हारून सभा ले निकलके मिलापवाला तम्बू के दुवार करा गीन अऊ निरासा म मुहूं-भरसा गिरिन, अऊ यहोवा के महिमा ओमन ऊपर परगट होईस। 7 यहोवा ह मूसा ला कहिस, 8 “ओ लउठी ला ले अऊ तें अऊ तोर भाई हारून इसरायली सभा ला एक जगह इकट्ठा करव। अऊ ओमन के देखत म ओ चट्टान ले बात कर अऊ येह अपन म ले पानी निकालही। तेंह समाज बर ये चट्टान म ले पानी निकालबे ताकि ओमन अऊ ओमन के पसु पानी पी सकंय।”
9 तब मूसा ह यहोवा के हुकूम के मुताबिक ओकर आघू म ओ लउठी ला ले लीस। 10 अऊ मूसा अऊ हारून चट्टान के आघू म समाज ला इकट्ठा करिन अऊ मूसा ह ओमन ला कहिस, “हे बिदरोह करइयामन, सुनव! का हमन ला ये चट्टान म ले तुम्हर बर पानी निकाले बर पड़ही?” 11 तब मूसा ह अपन हांथ उठाईस अऊ अपन लउठी ले ओ चट्टान ला दू बार मारिस। तब ओमा ले पानी बहे लगिस, अऊ पूरा समाज अऊ ओमन के पसुमन ओ पानी ला पीईन।
12 पर यहोवा ह मूसा अऊ हारून ला कहिस, “काबरकि तुमन इसरायलीमन के नजर म मोर ऊपर न तो परयाप्त भरोसा रखेव, न ही पबितर मानके आदर देव, एकरसेति तुमन ये समाज ला ओ देस म नइं ले जा सकहू, जेला मेंह ओमन ला दे हंव।”
13 येमन मरीबा[a] पानी के सोतामन रिहिन, जिहां इसरायलीमन यहोवा ले झगरा करिन अऊ जिहां ओह ओमन के बीच म पबितर ठहिराय गीस।
18 पर एदोम ह जबाब दीस:
19 तब इसरायलीमन ये जबाब दीन:
20 फेर ओह ये जबाब दीस:
27 मूसा ह यहोवा के हुकूम के मुताबिक करिस: ओमन जम्मो समाज के देखत म होर पहाड़ ऊपर गीन। 28 मूसा ह हारून के पुरोहिती कपड़ामन ला उतारिस अऊ ओ कपड़ा ला हारून के बेटा एलिआजर ला पहिरा दीस। अऊ हारून ह उहां पहाड़ के टीप म मर गीस। तब मूसा अऊ एलिआजर पहाड़ ले खाल्हे उतरिन, 29 अऊ जब पूरा समाज ला पता चलिस कि हारून ह मर गे हवय, त जम्मो इसरायलीमन ओकर बर तीस दिन तक बिलाप करिन।
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