1 सर्वसक्तिमान यहोवा ह कहिथे, “मेंह अपन संदेसिया ला पठोहूं, जऊन ह मोर आय के पहिली रद्दा तियार करही। तब परभू, जऊन ला तुमन खोजत हव, अचानक अपन मंदिर म आ जाही; अऊ करार के ओ संदेसिया जेकर तुमन ईछा रखथव, ओह आ जाही।”
2 पर ओकर आय के दिन ला कोन ह सहे सकही? अऊ जब ओह परगट होही, त ओकर आघू म कोन ठाढ़ हो सकही? काबरकि ओह सुनार के आगी या धोबी के साबुन सहीं होही। 3 ओह चांदी ला साफ करइया अऊ सुध करइया के रूप म बईठही; ओह लेवीमन ला सुध करही अऊ ओमन ला सोन अऊ चांदी सहीं साफ करही। तब यहोवा करा मनखेमन होहीं, जऊन मन धरमीपन म भेंट चघाहीं, 4 तब यहूदा अऊ यरूसलेम के मनखेमन के भेंट ला यहोवा ह अइसे गरहन करही, जइसे कि तइहा के दिनमन म, पहिले के बछरमन म गरहन करत रिहिस।
5 सर्वसक्तिमान यहोवा ह कहिथे, “तब मेंह तुमन ला परखे बर आहूं। मेंह जादू-टोना करइया, बेभिचारी अऊ लबरा गवाही देवइया के बिरोध म, अऊ जऊन मन बनिहार के बनी ला दबाथें, जऊन मन बिधवा अऊ मुरहामन के ऊपर अंधेर करथें, अऊ तुम्हर बीच रहइया परदेसीमन के नियाय ला बिगाड़थें, अऊ मोर भय नइं मानंय, ओ जम्मो झन के बिरोध म तुरते गवाही दूहूं।”
8 “का मरनहार मनखे ह परमेसर ला लूट सकथे? तभो ले तुमन मोला लूटथव।
14 “तुमन कहे हवव, ‘परमेसर के सेवा करई ह बेकार अय। ओकर बताय काममन ला पूरा करे ले अऊ सर्वसक्तिमान यहोवा के आघू म दुखियारी सहीं जाय ले हमन ला का फायदा होथे। 15 पर अब हमन घमंडी मनखेमन ला धइन कहत हन। खचित दुस्ट मनखेमन उन्नति करथें, अऊ इहां तक कि जब ओमन परमेसर के परिछा करथें, तभो ले बांच जाथें।’ ”
17 सर्वसक्तिमान यहोवा ह कहिथे, “ठहिराय दिन म जब मेंह अपन काम करहूं, त ओमन मोर कीमती भाग होहीं। मेंह ओमन ला बचाहूं जइसने कि एक ददा ह अपन सेवा करइया बेटा ऊपर करूना करथे अऊ ओला बचाथे। 18 तब तुमन फेर धरमी अऊ दुस्ट के बीच म, अऊ जऊन मन परमेसर के सेवा करथें अऊ जऊन मन सेवा नइं करंय ओमन के बीच म फरक ला देखहू।”
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