5 “बहुंत बढ़िया पीसान के बारह ठन रोटी सेंकके बनावव अऊ हर एक रोटी ह एपा के दू-दसवां भाग[a] म बनाय जावय। 6 तुमन ओमन ला सुध सोन के मेज ऊपर दू जगह म, याने एक-एक जगह म छै-छै ठन करके यहोवा के आघू म रख देवव। 7 दूनों जगह म सुध धूप रखव, कि ओह रोटी के सेति सुरता-देवइया हिस्सा अऊ यहोवा बर जेवन-बलिदान होवय। 8 ये रोटी ला हमेसा के करार के रूप म इसरायलीमन कोति ले हर बिसराम के दिन लगातार यहोवा के आघू म रखे जावय। 9 ये रोटी ह हारून अऊ ओकर बेटामन के अय अऊ ओमन येला पबितर-स्थान के छेत्र म खावंय, काबरकि येह यहोवा ला चघाय जेवन-बलिदान के ओमन के हमेसा के महा पबितर भाग अय।”
13 तब यहोवा ह मूसा ला कहिस, 14 “ओ निन्दा करइया ला डेरा के बाहिर ले जा। अऊ जतेक झन ओला सराप देवत सुने हवंय, ओमन अपन हांथ ओकर मुड़ म रखंय, अऊ जम्मो सभा के मनखेमन ओला पथरवाह करंय। 15 तेंह इसरायलीमन ला कह: ‘जऊन कोनो अपन परमेसर ला सराप देथे, ओह दोसी ठहिराय जाही; 16 जऊन कोनो यहोवा के नांव के निन्दा करथे, ओह मार डारे जावय। जम्मो सभा के मनखेमन ओला पथरा फेंक-फेंकके मारंय। चाहे कोनो परदेसी होवय या देसी मनखे होवय, जब कोनो घलो मनखे परमेसर के नांव के निन्दा करथे, त ओह मार डारे जावय।
17 “ ‘जऊन मनखे कोनो आने मनखे के परान ले लेथे, त ओह मार डारे जावय। 18 जऊन मनखे कोनो आने मनखे के पसु के परान ले लेथे, त ओह ओकर भरपई दूसर पसु देके करय। 19 जब कोनो मनखे ह अपन परोसी के देहें ला चोट पहुंचाथे, त ओला घलो ओही किसम ले चोट पहुंचाय जावय: 20 हाड़ा टोरई के बलदा हाड़ा टोरई, आंखी के बलदा आंखी, दांत के बलदा दांत। जऊन मनखे ह जइसने चोट कोनो आने मनखे ला देय हवय, ओला घलो वइसनेच चोट पहुंचाय जावय। 21 कोनो मनखे ह कोनो पसु ला मार डारथे, त ओ मनखे ह ओकर भरपई जरूर करय, पर जऊन मनखे ह कोनो आने मनखे ला मार डारथे, त ओला घलो मार डारे जावय। 22 चाहे परदेसी होवय या देसी मनखे, जम्मो बर तुम्हर ओहीच कानून होवय। मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव।’ ”
23 तब मूसा ह इसरायलीमन ले बात करिस, अऊ ओमन ओ निन्दा करइया ला डेरा के बाहिर ले गीन अऊ ओला पथरवाह करिन। इसरायलीमन वइसनेच करिन, जइसने यहोवा ह मूसा ला हुकूम दे रिहिस।
<- लैव्य-ब्यवस्था 23लैव्य-ब्यवस्था 25 ->- a लगभग 3.2 किलोग्राम
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