8 “तब ओ मनखे जऊन ला सुध ठहिराय जाथे, ओह अपन ओनहा ला धोवय, अपन जम्मो चुंदी ला कतरावय अऊ पानी म नहावय; तब ओह बिधि के मुताबिक सुध होही। एकर बाद, ओह डेरा के भीतर आ सकत हे, पर सात दिन तक, ओह अपन तम्बू ले बाहिर रहय। 9 सातवां दिन ओह अपन जम्मो चुंदी ला मुड़वावय; ओह अपन मुड़, अपन दाढ़ी अऊ अपन भौंह के चुंदी अऊ बाकि चुंदी ला कतरावय। तब ओह अपन ओनहा ला धोवय अऊ पानी म नहावय, अऊ तब ओह सुध होही।
10 “आठवां दिन, ओह एक-एक बछर के दू ठन निरदोस मेढ़ा-पीला अऊ एक बछर के एक ठन निरदोस भेड़ी-पीला लेके आवय अऊ अन्न-बलिदान बर संग म जैतून तेल म सनाय एक एपा के तीन-दसवां[a] भाग बढ़िया पीसान लानय अऊ लोज भर[b] तेल घलो लानय। 11 ओ पुरोहित जऊन ह सुध ठहिराथे, ओह ओ मनखे ला अऊ ओकर बलिदानमन ला यहोवा के आघू म मिलापवाला तम्बू के मुंहटा करा लानय।
12 “तब पुरोहित ह एक ठन मेढ़ा-पीला ला लेवय अऊ ओला दोस-बलिदान के रूप म, आधा लीटर तेल के संग यहोवा ला चघावय; ओह हलाय-बलिदान के रूप म ओमन ला यहोवा के आघू म हलाय। 13 ओह मेढ़ा-पीला ला पबितर-स्थान के छेत्र म बलि करय, जिहां पाप-बलिदान अऊ होम-बलिदान के पसु ला बलि करे जाथे। पाप-बलिदान सहीं, दोस-बलिदान ह घलो पुरोहित के बांटा अय; येह महा पबितर अय। 14 पुरोहित ह दोस-बलिदान के कुछू लहू ला लेवय अऊ सुध होवइया मनखे के जेवनी कान के टीप म, ओकर जेवनी हांथ के अंगठा म अऊ ओकर जेवनी गोड़ के अंगठा म लगावय। 15 पुरोहित ह तब ओ आधा लीटर तेल म ले थोरकून लेवय अऊ अपन डेरी हांथ के हथेली म ढारय, 16 अऊ ओह अपन जेवनी हांथ के अंगठा के बाद वाले अंगठी ला डेरी हांथ के हथेली के तेल म बुड़ोवय, अऊ अपन अंगठी ले ओमा के कुछू तेल यहोवा के आघू म सात बार छिंचय। 17 अपन हथेली म बांचे कुछू तेल ला पुरोहित ह ओ सुध होवइया मनखे के जेवनी कान के टीप म, ओकर जेवनी हांथ के अंगठा म अऊ जेवनी गोड़ के अंगठा म, अऊ दोस-बलिदान के लहू के ऊपर म लगावय। 18 अपन हथेली म बांचे तेल ला, पुरोहित ह सुध होवइया मनखे के मुड़ म डार देवय अऊ यहोवा के आघू म ओ मनखे बर प्रायस्चित के बिधि ला पूरा करय।
19 “तब पुरोहित ह पाप-बलिदान चघावय अऊ ओ मनखे ला ओकर असुधता ले सुध करे बर प्रायस्चित के बिधि ला पूरा करय। ओकर बाद, पुरोहित ह होम-बलिदान के पसु ला बलि करय 20 अऊ येला अन्न-बलिदान के संग बेदी म चघावय, अऊ ओ मनखे बर प्रायस्चित के बिधि ला पूरा करय, अऊ ओह सुध ठहिरही।
21 “पर, कहूं, ओह गरीब अय अऊ अतेक नइं दे सकय, त ओह अपन प्रायस्चित करे बर एक ठन मेढ़ा-पीला दोस-बलिदान के रूप म हलाय बर लेवय, अऊ संग म अन्न-बलिदान बर तेल म सनाय एपा के दसवां भाग[c] बहुंत बढ़िया पीसान अऊ आधा लीटर तेल लेवय, 22 अऊ अपन हैसियत के मुताबिक, ओह दू ठन पंड़की या दू ठन परेवा पीला लानय; येमा के एक ठन ह पाप-बलिदान अऊ दूसर ह होम-बलिदान बर होही।
23 “आठवां दिन ओह ये जम्मो ला अपन सुध होय बर मिलापवाला तम्बू के मुंहटा म यहोवा के आघू म पुरोहित करा लानय। 24 पुरोहित ह दोस-बलिदान के रूप म मेढ़ा-पीला ला आधा लीटर तेल के संग लेवय, अऊ ओमन ला हलाय-बलिदान के रूप म यहोवा के आघू म हलावय। 25 ओह दोस-बलिदान बर मेढ़ा-पीला ला बलि करय अऊ येमा के कुछू लहू ला लेवय अऊ सुध होवइया मनखे के जेवनी कान के टीप म, ओकर जेवनी हांथ के अंगठा म अऊ जेवनी गोड़ के अंगठा म लगावय। 26 पुरोहित ह कुछू तेल ला अपन डेरी हांथ के हथेली म ढारय, 27 अऊ अपन जेवनी हांथ के अंगठा के बाजू वाले अंगठी म हथेली के कुछू तेल ला लेके यहोवा के आघू म सात बार छिंचय। 28 तब पुरोहित ह अपन हथेली के कुछू तेल ला लेके ओ जगह म लगावय, जऊन जगह म ओह दोस-बलिदान के लहू ला लगाथे—याने कि सुध होवइया मनखे के जेवनी कान के टीप म, ओकर जेवनी हांथ के अंगठा म अऊ जेवनी गोड़ के अंगठा म लगावय। 29 अपन हथेली म बांचे तेल ला पुरोहित ह ओ सुध होवइया मनखे के मुड़ म ढारय, ताकि यहोवा के आघू म ओ मनखे के प्रायस्चित के बिधि ह पूरा होवय। 30 तब ओह अपन हैसियत के मुताबिक पंड़कीमन या परेवा-पीलामन ला चघावय, 31 एक ठन ला पाप-बलिदान अऊ दूसर ला होम-बलिदान के रूप म, अन्न-बलिदान के संग चघावय। ये किसम ले, सुध होवइया मनखे के तरफ ले, पुरोहित ह यहोवा के आघू म प्रायस्चित के बिधि ला पूरा करही।”
32 येमन ओ मनखे बर सुध होय के नियम अंय, जऊन ला असुध करइया चमड़ी के बेमारी हवय अऊ ओमन गरीब अंय।
43 “घर के पथरामन ला बदले, घर ला खुरचे अऊ छाबे के बाद, कहूं असुध करइया फफूंदी ह फेर दिखथे, 44 त पुरोहित ह घर भीतरी जाके जांच करय। अऊ, कहूं फफूंदी ह घर म बगर गे हवय, त येह लगातार बने रहइया असुध करइया फफूंदी अय; ओ घर ह असुध अय। 45 ओ घर ला गिरा दिये जावय—ओकर पथरा, लकरी अऊ घर के जम्मो मलमा ला सहर के बाहिर कोनो असुध जगह म ले जावय।
46 “जब घर ह बंद रहिथे, ओ समय यदि कोनो घर के भीतर जाथे, त ओह संझा के होवत तक असुध ठहिरय। 47 ओ मनखे जऊन ह ओ घर म सुतथे या खाथे, ओह अपन ओनहा ला जरूर धोवय।
48 “पर कहूं पुरोहित ह भीतर म आके जांच करथे अऊ देखथे कि घर ला फेर से छाबे के बाद, फफूंदी ह नइं बगरे हवय, त ओह ओ घर ला सुध ठहिरावय, काबरकि असुध करइया फफूंदी ह खतम हो गे हवय। 49 अऊ ओ घर ला सुध करे बर, ओह दू ठन चिरई, देवदार के लकरी, लाल सूंत अऊ जूफा लेवय। 50 ओह एक ठन माटी के बरतन म ताजा पानी के ऊपर एक ठन चिरई ला बलि करय। 51 तब ओह ओ जीयत चिरई के संग देवदार के लकरी, जूफा, लाल सूंत ला लेवय अऊ येमन ला बलि करे गे चिरई के लहू म अऊ ताजा पानी म बुड़ोवय अऊ घर म सात बार छिंचय। 52 ओह ओ घर ला चिरई के लहू, ताजा पानी, जीयत चिरई, देवदार के लकरी, जूफा अऊ लाल सूंत के दुवारा सुध करय। 53 तब ओह जीयत चिरई ला सहर के बाहिर खुला जगह म छोंड़ देवय। ये किसम ले ओह घर बर प्रायस्चित के बिधि ला पूरा करही, अऊ ओ घर ह सुध हो जाही।”
54 कोनो असुध करइया चमड़ी के बेमारी, घाव, 55 ओनहा या घर म असुध करइया फफूंदी, 56 सूजन, चकत्ता, या चमकत दाग के बिसय म ये नियम अंय। 57 ये बिधिमन के दुवारा पता चलथे कि कोनो चीज ह सुध हवय या असुध।
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