3 यीसू ह कहिस, “येह एकर या एकर दाई-ददा के पाप के कारन नो हय; पर येह एकरसेति होईस कि परमेसर के काम ह एकर जिनगी म परगट होवय। 4 जऊन ह मोला पठोय हवय, ओकर काम ला दिन के रहिते-रहत हमन ला करना जरूरी ए। रात आवत हे, जब कोनो मनखे काम नइं कर सकंय। 5 जब तक मेंह संसार म हवंव, तब तक मेंह संसार के अंजोर अंव।”
6 ये कहिके यीसू ह भुइयां म थूकिस, अऊ थूक ले माटी ला सानिस अऊ ओला ओ अंधरा के आंखीमन म लगाईस, 7 अऊ ओला कहिस, “जा अऊ सीलोम (एकर मतलब होथे—पठोय गेय) के कुन्ड म धो ले।” तब ओ मनखे ह कुन्ड म जाके अपन आंखीमन ला धोईस, अऊ ओह देखे लगिस, अऊ देखत वापिस आईस।
8 ओकर परोसीमन अऊ जऊन मन ओला पहिली भीख मांगत देखे रिहिन, ओमन कहिन, “का येह ओहीच मनखे नो हय, जऊन ह बईठके भीख मांगे करत रिहिस?” 9 कुछू मनखेमन कहिन, “हव, येह ओहीच अय।”
10 ओमन ओकर ले पुछिन, “तब तोर आंखीमन के अंधरापन ह कइसे ठीक हो गे?”
11 ओह जबाब दीस, “ओ मनखे जऊन ला यीसू कहिथें, ओह थोरकन माटी ला सानिस अऊ ओला मोर आंखीमन म लगाईस, अऊ मोला कहिस कि सीलोम के कुन्ड म जाके धो ले। तब मेंह उहां जाके अपन आंखीमन ला धोएंव अऊ तब देखन लगेंव।”
12 ओमन ओकर ले पुछिन, “ओह कहां हवय?”
16 कुछू फरीसीमन कहिन, “ओ मनखे ह परमेसर करा ले नइं आय हवय, काबरकि ओह बिसराम दिन के कानून ला नइं मानय।”
17 आखिर म, ओमन फेर एक बार ओ अंधरा मनखे ले पुछिन, “ओ मनखे जऊन ह तोर आंखीमन ला ठीक करिस, ओकर बारे म तेंह का कहिथस?”
18 यहूदीमन अभी तक ले बिसवास नइं करत रिहिन कि ओह अंधरा रिहिस अऊ अब देखत हवय; एकरसेति ओमन ओकर दाई-ददा ला बलाके पुछिन, 19 “का येह तुम्हर बेटा ए, जऊन ला तुमन कहिथव कि येह अंधरा जनमे रिहिस? पर येह कइसने होईस कि ओह अब देखत हवय?”
20 ओकर दाई-ददा जबाब दीन, “हमन जानथन कि येह हमर बेटा ए, अऊ येह अंधरा जनमे रिहिस। 21 पर येह अब कइसने देखे लगिस या कोन ह एकर आंखीमन ला ठीक करिस, हमन नइं जानन। एकरे ले पुछव। येह लइका नो हय; येह अपन बारे म खुद बताही।” 22 ओकर दाई-ददा ये बात एकर खातिर कहिन, काबरकि ओमन ओ यहूदीमन ले डरावत रिहिन, जेमन पहिली ले ठान ले रिहिन कि यदि कोनो यीसू ला मसीह मान लीही, त ओला सभा-घर ले निकाल दिये जाही। 23 एकरसेति ओकर दाई-ददा कहिन, “येह लइका नो हय; एकरे ले पुछव।”
24 तब ओमन दूसर बार ओ मनखे ला बलाईन जऊन ह पहिली अंधरा रिहिस, अऊ ओला कहिन, “परमेसर के महिमा कर। हमन जानथन कि ओ मनखे ह पापी ए।”
25 ओह जबाब दीस, “ओह पापी ए या नो हय, मेंह नइं जानंव। पर मेंह एक बात ला जानथंव कि मेंह अंधरा रहेंव, पर अब देखत हंव।”
26 तब ओमन ओकर ले पुछिन, “ओह तोर संग का करिस? ओह तोर आंखीमन ला कइसने ठीक करिस?”
27 ओह जबाब दीस, “मेंह तुमन ला पहिलेच बता डारे हवंव अऊ तुमन नइं सुनेव। तुमन येला फेर काबर सुने चाहत हव? का तुमन घलो ओकर चेला बने बर चाहत हव?”
28 तब ओमन ओकर बेजत्ती करके कहिन, “तेंह ओकर चेला अस! हमन तो मूसा के चेला अन! 29 हमन जानथन कि परमेसर ह मूसा ले गोठियाईस, पर जहां तक ओ मनखे के बात ए, हमन ये घलो नइं जानन कि ओह कहां के अय।”
30 ओ मनखे ह जबाब दीस, “येह अचम्भो के बात ए। तुमन नइं जानव कि ओह कहां के अय, जबकि ओह मोर आंखीमन ला ठीक कर दे हवय। 31 हमन जानथन कि परमेसर ह पापीमन के नइं सुनय, पर जऊन मनखे ह परमेसर के भक्ति करथे अऊ ओकर ईछा के मुताबिक चलथे, परमेसर ह ओकर सुनथे। 32 संसार के सुरू ले लेके आज तक, ये कभू सुने म नइं आईस कि कोनो जनम के अंधरा मनखे के आंखीमन ला ठीक करिस। 33 यदि ये मनखे ह परमेसर करा ले नइं आय होतिस, त ओह कुछू नइं कर सकतिस।”
34 ओमन ओला कहिन, “तेंह तो पूरा पाप म जनमे हवस, अऊ तेंह हमन ला का सिखोथस!” अऊ ओमन ओला सभा-घर ले बाहिर निकाल दीन।
36 ओ मनखे ह पुछिस, “ए महाराज, ओह कोन ए? मोला बता, ताकि मेंह ओकर ऊपर बिसवास करंव।”
37 यीसू ह ओला कहिस, “तेंह ओला देख डारे हस। येह ओहीच अय, जऊन ह तोर संग गोठियावत हवय।”
38 तब ओ मनखे ह कहिस, “हे परभू, मेंह बिसवास करथंव।” अऊ ओह ओकर दंडवत करिस।
39 यीसू ह कहिस, “मेंह ये संसार म मनखेमन के नियाय करे बर आय हवंव, ताकि जऊन मन अंधरा अंय, ओमन देखंय अऊ जऊन मन देखत हवंय, ओमन अंधरा हो जावंय।”
40 कुछू फरीसी, जऊन मन यीसू के संग रिहिन, जब ओमन यीसू के ये गोठ ला सुनिन, त ओकर ले पुछिन, “का तेंह ये कहिथस कि हमन घलो अंधरा अन?”
41 यीसू ह ओमन ला कहिस, “यदि तुमन अंधरा होतेव, त तुमन पाप के दोसीदार नइं होतेव, पर जब तुमन ये कहिथव कि तुमन देख सकत हव, त तुम्हर दोस ह तुमन म बने रहिथे।”
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