1 फसह तिहार के छै दिन पहिली यीसू ह बैतनियाह गांव म आईस, जिहां लाजर ह रहत रहय, जऊन ला यीसू ह मरे म ले जियाय रिहिस। 2 उहां यीसू के आदर म एक भोज तियार करे गीस। मारथा ह सेवा करत रहय, अऊ लाजर ह ओमन ले एक झन रहय, जऊन ह यीसू के संग खावत रहय। 3 तब मरियम ह सुध गुलमेंहदी[a] के करीब आधा लीटर बहुंत मंहगा इतर तेल लीस अऊ यीसू के गोड़मन ऊपर ढारिस, अऊ ओह ओकर गोड़मन ला अपन बाल ले पोंछिस। ओ घर ह इतर के महक ले भर गीस।
4 पर यहूदा इस्करियोती नांव के यीसू के एक चेला, जऊन ह पाछू ओला दगा देवइया रहय, कहिस, 5 “ये इतर तेल ला बेचके, पईसा ला गरीबमन ला काबर नइं बांटे गीस? येह तीन सौ दीनार[b] के होय रहितिस।” 6 ओह ये बात एकरसेति नइं कहिस कि ओह गरीबमन के फिकर करय, पर ओह एकरसेति कहिस, काबरकि ओह चोर रिहिस। ओकर करा रूपिया-पईसा के थैली रहय, अऊ जऊन कुछू ओमा डाले जावय, ओमा ले ओह निकाल लेवत रिहिस।
7 यीसू ह कहिस, “ओला छोंड़ देवव। ओह मोर गाड़े जाय के दिन बर इतर तेल ला लगाय हवय। 8 गरीबमन तो हमेसा तुम्हर संग रहिहीं, पर मेंह हमेसा तुम्हर संग नइं रहंव।”
9 इही बीच म, यहूदीमन के एक बड़े भीड़ ला पता चलिस कि यीसू ह बैतनियाह गांव म हवय, त ओमन सिरिप ओकर खातिर ही नइं, पर लाजर ला देखे बर घलो आईन, जऊन ला यीसू ह मरे म ले जियाय रिहिस। 10 तब मुखिया पुरोहितमन लाजर ला घलो मार डारे के उपाय करन लगिन। 11 काबरकि ओकर खातिर कतको यहूदीमन ओमन ला छोंड़के यीसू करा जावत रिहिन अऊ यीसू ऊपर बिसवास करत रिहिन।
12 ओकर दूसर दिन, एक बड़े भीड़ जऊन ह तिहार मनाय बर आय रिहिस, ये सुनिस कि यीसू ह यरूसलेम आवत हवय। 13 त ओमन खजूर के डालीमन ला लेके ओकर ले भेंट करे बर गीन अऊ चिचिया-चिचियाके कहत रिहिन,
16 ओकर चेलामन पहिली ये बात ला नइं समझिन। पर जब यीसू के महिमा होईस, त ओमन सुरता करिन कि ये बातमन यीसू के बारे म लिखे गे रिहिस अऊ मनखेमन ओकर संग बचन के मुताबिक करिन।
17 मनखेमन के ओ भीड़ जऊन ह यीसू के संग ओ बखत रिहिस, जब यीसू ह लाजर ला कबर म ले बलाईस अऊ ओला मरे म ले जियाईस, ओमन ये बात के गवाही देवत रिहिन। 18 ये खातिर, बहुंते मनखेमन यीसू ले भेंट करे बर गीन, काबरकि ओमन सुने रहंय कि ओह ये चमतकार के काम करे हवय। 19 तब फरीसीमन एक-दूसर ले कहिन, “हमन कुछू नइं कर सकत हन। देखव, जम्मो संसार ह ओकर पाछू हो गे हवय।”
23 यीसू ह कहिस, “ओ समय ह आ गे हवय, जब मनखे के बेटा के महिमा होवय। 24 मेंह तुमन ला सच-सच कहथंव कि जब तक गहूं के बीजा ह भुइयां म गिरके मर नइं जावय, तब तक ओ बीजा ह सिरिप अकेला रहिथे, पर जब येह मर जाथे, त बहुंत फर देथे। 25 जऊन ह अपन परान ले मया करथे, ओह ओला गंवाही, पर जऊन ह ये संसार म अपन परान ला जादा महत्व नइं देवय, ओह ओला परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी बर बंचाके रखही। 26 यदि कोनो मोर सेवा करथे, त ओह मोर पाछू जरूर हो लेवय; जिहां मेंह हवंव, उहां मोर सेवक ह घलो होही। यदि कोनो मोर सेवा करथे, त मोर ददा ह ओकर आदर करही।
27 “अब मोर परान ह बहुंते बियाकुल होवथे अऊ मेंह का कहंव? हे ददा, मोला ये घरी ले बचा। पर एहीच कारन बर तो मेंह ये घरी म पहुंचे हवंव। 28 हे ददा, अपन नांव के महिमा कर!”
30 यीसू ह कहिस, “ये अवाज ह मोर बर नइं, पर तुम्हर भलई बर होईस। 31 अब ये संसार के नियाय के समय ए; अब ये संसार के राजकुमार ला निकाल दिये जाही। 32 पर जब मेंह धरती ले ऊपर उठाय जाहूं, त जम्मो झन ला मेंह अपन तरफ खींच लूहूं।” 33 यीसू ह ये कहे के दुवारा इसारा करिस कि ओह कोन किसम ले मरइया रिहिस।
34 भीड़ के मनखेमन कहिन, “हमन मूसा के कानून ले ये बात सुने हवन कि मसीह ह सदाकाल तक रहिही। तब तेंह कइसने कहथस कि मनखे के बेटा के ऊपर उठाय जाना जरूरी ए। ये मनखे के बेटा कोन ए?”
35 तब यीसू ह ओमन ला कहिस, “अंजोर ह थोरकन समय तक तुम्हर संग म रहिही। जब तक तुम्हर करा अंजोर हवय, रेंगत रहव, नइं तो अंधियार ह तुमन ला घेर लीही। जऊन ह अंधियार म रेंगथे, ओह नइं जानय कि ओह कहां जावथे। 36 जब तक तुम्हर करा अंजोर हवय, ओमा अपन बिसवास रखव, ताकि तुमन अंजोर के संतान बन जावव।” ये कहे के बाद, यीसू ह उहां ले चल दीस अऊ अपनआप ला ओमन ले छुपाय रखिस।
39 एकर कारन ओमन बिसवास नइं कर सकिन, काबरकि यसायाह ये घलो कहे हवय:
42 तभो ले अगुवामन ले बहुंते झन यीसू ऊपर बिसवास करिन। पर फरीसीमन के कारन ओमन अपन बिसवास ला खुलेआम नइं मानिन। ओमन डरत रहंय कि ओमन ला यहूदीमन के सभा-घर ले निकाल दिये जाही। 43 ओमन ला परमेसर के परसंसा करई ले मनखे के परसंसा करई जादा बने लगिस।
44 तब यीसू ह चिचियाके कहिस, “जऊन ह मोर ऊपर बिसवास करथे, ओह न सिरिप मोर ऊपर बिसवास करथे, पर ओह ओकर ऊपर घलो बिसवास करथे, जऊन ह मोला पठोय हवय। 45 अऊ जब ओह मोला देखथे, त ओह ओला देखथे जऊन ह मोला पठोय हवय। 46 मेंह संसार म अंजोर के रूप म आय हवंव, ताकि जऊन कोनो मोर ऊपर बिसवास करय, ओह अंधियार म झन रहय।
47 “यदि कोनो मोर बचन ला सुनथे, अऊ ओकर मुताबिक नइं चलय, त मेंह ओकर नियाय नइं करंव। काबरकि मेंह संसार के नियाय करे बर नइं, पर संसार के उद्धार करे बर आय हवंव। 48 जऊन ह मोर तिरस्कार करथे अऊ मोर बचन ला गरहन नइं करय, ओकर एक नियाय करइया हवय। जऊन बचन मेंह कहे हवंव, ओहीच बचन ह आखिरी दिन म ओला दोसी ठहिराही। 49 काबरकि मेंह अपन कोति ले कुछू नइं कहेंव, पर ददा जऊन ह मोला पठोय हवय, ओह खुद मोला हुकूम दे हवय कि मेंह का कहंव अऊ कइसने कहंव। 50 मेंह जानथंव कि ओकर हुकूम ह सदाकाल के जिनगी करा ले जाथे, एकरसेति जऊन कुछू मेंह कहिथंव, ओला वइसनेच कहिथंव, जइसने ददा ह मोला कहे हवय।”
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