6 तब यहोवा ह मोला कहिस, “यहूदा के नगरमन म अऊ यरूसलेम के गलीमन म ये जम्मो बात के परचार कर: ‘ये करार के नियममन ला सुनव अऊ ओकर मुताबिक चलव। 7 जब ले मेंह तुम्हर पुरखामन ला मिसर देस ले निकालके लानेंव, तब ले लेके आज तक, मेंह ओमन ला घेरी-बेरी चेतउनी देके कहेंव, “मोर बात ला मानव।” 8 पर ओमन मोर बात ला नइं सुनिन अऊ धियान नइं दीन; ओकर बदले, ओमन अपन दुस्ट हिरदय के जिद्दी सुभाव म चलिन। एकरसेति मेंह ओमन के ऊपर ओ करार के जम्मो सराप ला लानेंव, जेला माने के हुकूम मेंह ओमन ला देय रहेंव, पर ओमन नइं मानिन।’ ”
9 तब यहोवा ह मोला ये घलो कहिस, “यहूदा के अऊ यरूसलेम म रहइया मनखेमन के बीच म एक साजिस चलत हे। 10 ओमन अपन ओ पुरखामन के पाप कोति लहुंट गे हवंय, जऊन मन मोर बात ला सुने ले इनकार करिन। ओमन आने देवतामन के सेवा करे बर ओमन के पाछू चले गे हवंय। इसरायल अऊ यहूदा दूनों मोर ओ करार ला टोर दे हवंय, जेला मेंह ओमन के पुरखामन के संग करे रहेंव। 11 एकरसेति, यहोवा ह ये कहत हे: ‘मेंह ओमन ऊपर अइसने बिपत्ति लानहूं, जेकर ले ओमन बच नइं सकंय। हालाकि ओमन आके मोर करा रोहीं, पर मेंह ओमन के नइं सुनहूं। 12 यहूदा के नगरमन के मनखे अऊ यरूसलेम के मनखेमन जाके ओ देवतामन करा रोहीं, जेमन बर ओमन धूप जलाथें, पर ओ देवतामन बिपत्ति के बेरा ओमन के कुछू मदद नइं करहीं। 13 हे यहूदा के मनखेमन, जतेक तुम्हर नगरमन हवंय, ओतेक ही तुम्हर देवतामन हवंय; अऊ जतेक यरूसलेम के गलीमन हवंय, ओतेक तुमन ओ कलंकित बाल देवता के आघू म धूप जलाय बर बेदीमन ला बनाय हवव।’
14 “एकरसेति, हे यरमियाह, ये मनखेमन बर पराथना झन कर या येमन बर कोनो बिनती या निबेदन झन कर, काबरकि अपन दुख के बेरा म, जब येमन मोला पुकारहीं, त मेंह येमन के नइं सुनंव।
21 एकरसेति यहोवा ह अनातोत नगर के ओ मनखेमन के बारे म कहत हे, जऊन मन ये कहिके तोला मार डारे के धमकी देवत हें, “यहोवा के नांव म अगमबानी झन कर, नइं तो तेंह हमर हांथ ले मारे जाबे”— 22 एकरसेति सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “मेंह ओमन ला सजा दूहूं। ओमन के जवान मनखेमन तलवार ले मारे जाहीं, अऊ ओमन के बेटा-बेटीमन अकाल के कारन मरहीं। 23 ओमा के एको झन घलो नइं बांचहीं, काबरकि मेंह ओमन के सजा के बछर म अनातोत के मनखेमन ऊपर बिपत्ति लानहूं।”
<- यरमियाह 10यरमियाह 12 ->- a बहुंत उपजाऊ देस
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