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सियोन के नवां नांव
1 सियोन के हित म, में चुप नइं रहंव,
अऊ यरूसलेम के हित म, में सांत नइं रहंव,
जब तक कि ओकर धरमीपन बिहान के अंजोर सहीं
अऊ ओकर उद्धार[a] ह बरत मसाल सहीं नइं चमकही।
2 तब जाति-जाति के मनखेमन तोर धरमीपन,
अऊ सब राजामन तोर महिमा ला देखहीं;
तोर एक नवां नांव रखे जाही
जऊन ह यहोवा के मुहूं ले निकलही।
3 तें यहोवा के हांथ म एक सोभायमान मुकुट
अऊ अपन परमेसर के हथेली म एक राज-मुकुट ठहिरबे।
4 ओमन फेर तोला तियागे गय नइं कहिहीं,
या तोर भुइयां के नांव उजरे भुइयां नइं होही।
पर तोला हेपसीबा,[b]
अऊ तोर भुइयां ला ब्यूला[c] कहे जाही,
काबरकि यहोवा तोर ले खुस होही,
अऊ तोर भुइयां ह सुहागिन होही।
5 जइसन एक जवान पुरूस एक जवान छोकरी ले बिहाव करथे,
वइसन ही तोर बनइया ह तोर ले बिहाव करही;
जइसन दूल्हा ह अपन दुलहिन ऊपर आनंदित होथे,
वइसन ही तोर परमेसर तोर ऊपर आनंदित होही।
6 हे यरूसलेम, मेंह तोर भीथी म पहरेदार ठहिराय हंव;
ओमन दिन-रात कभू चुप नइं रहिहीं।
तुमन, जेमन यहोवा ला पुकारथव,
अराम झन करव,
7 अऊ जब तक ओह[d] यरूसलेम ला स्थिर करके
ओकर परसंसा धरती ऊपर नइं करवाय, तब तक ओला घलो अराम झन करन दव।
8 यहोवा ह अपन जेवनी हांथ के
अऊ अपन बलवंत भुजा के किरिया खाय हवय:
“मेंह फेर कभू तोर अनाज ला
तोर बईरीमन ला खाय बर नइं दंव,
अऊ फेर कभू परदेसीमन ओ नवां अंगूर के मंद ला पीये नइं पाहीं
जेकर बर तेंह मेहनत करे हवस;
9 पर जेमन येकर पैदावार करथें, ओमन येला खाहीं
अऊ यहोवा के इस्तुति करहीं,
अऊ जेमन अंगूर के मंद ला भंडार म इकट्ठा करथें,
ओमन येला मोर पबितर-स्थान के अंगना म पीये पाहीं।”
10 जावव, दुवारमन म ले होके जावव!
मनखेमन बर डहार तियार करव।
बनावव, राजमार्ग ला बनावव!
पथरामन ला हटावव।
जाति-जाति के मनखेमन बर झंडा ठाढ़ करव।
11 देखव, यहोवा ह धरती के छोर तक
ये घोसना करे हवय:
“बेटी सियोन ला कहव,
‘देख, तोर उद्धारकर्ता आवत हे!
देख, ओकर ईनाम ओकर मेर हवय,
अऊ जऊन कुछू देना हे, ओह ओला लेके आवत हे।’ ”
12 ओमन ला पबितर मनखे कहे जाही,
यहोवा के छोंड़ाय गय;
अऊ तोला खोजे गय, कहे जाही,
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