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12
इस्तुति के गीत
1 ओ दिन तें कहिबे:
“हे यहोवा, मेंह तोर परसंसा करहूं।
हालाकि तें मोर ऊपर रिस करत रहे,
पर तोर रिस ह सांत हो गीस
अऊ तेंह मोला सांति देय हवस।
2 खचित परमेसर ह मोर उद्धार अय;
मेंह भरोसा रखहूं अऊ नइं डरहूं।
काबरकि यहोवा, यहोवा खुद मोर बल अऊ मोर सुरकछा[a] अय;
ओह मोर उद्धारकर्ता हो गे हवय।”
3 आनंद समेत तुमन उद्धार के
कुआंमन ले पानी भरहू।

4 ओ दिन तुमन कहिहू:

“यहोवा के परसंसा करव, ओकर नांव के घोसना करव;
जाति-जाति के मनखेमन के बीच ओकर काममन के परचार करव,
अऊ घोसना करव कि ओकर नांव महान अय।
5 यहोवा के भजन गावव, काबरकि ओह परतापी काम करे हवय;
ये बात जम्मो संसार म बतावव।
6 हे सियोन के मनखेमन, जोर से चिचियावव अऊ आनंद के मारे गावव,
काबरकि इसरायल के पबितर परमेसर ह तुम्हर बीच महान अय।”

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