2 तब यहोवा ह ओला कहिस, “तोर हांथ म का हवय?”
3 यहोवा ह कहिस, “ओला भुइयां म फटिक दे।”
6 तब यहोवा ह कहिस, “अपन हांथ ला अपन कपड़ा के भीतर छाती म रख।” अऊ मूसा ह अपन हांथ ला अपन कपड़ा के भीतर रखिस, अऊ जब ओह अपन हांथ ला बाहिर निकालिस, त देखिस कि ओकर हांथ के चमड़ी ह कोढ़[a] ले बरफ कस सादा हो गे हवय।
7 यहोवा ह कहिस, “अब अपन हांथ ला फेर अपन कपड़ा के भीतर रख,” मूसा ह वापिस अपन हांथ ला कपड़ा के भीतर रखिस, अऊ जब ओह अपन हांथ निकालके देखिस, त ओह पहिली कस जस के तस बने हो गे रिहिस।
8 तब यहोवा ह कहिस, “कहूं ओमन तोर बिसवास नइं करहीं या पहिली चिनहां ऊपर धियान नइं दीहीं, त दूसर चिनहां ऊपर बिसवास करहीं। 9 पर कहूं ओमन ये दूनों चिनहां ऊपर बिसवास नइं करहीं या तोर बात ला नइं सुनहीं, त तें नील नदी ले थोरकन पानी लेके सूखा भुइयां म डाल देबे। जऊन पानी ला तेंह नील नदी ले लेबे, ओह भुइयां म पड़ते ही लहू बन जाही।”
10 तब मूसा ह यहोवा ले कहिस, “हे परभू, अपन सेवक ला छेमा कर। मेंह कभू बने गोठियाय बर नइं जानेंव, पहिली घलो नइं जानत रहेंव, अऊ जब ले तेंह अपन सेवक ले गोठियावत हस, तब ले घलो। मेंह गोठियाय म धीमा अऊ जीभ के भद्दा अंव।”
11 यहोवा ह ओला कहिस, “मनखेमन के मुहूं ला कोन बनाईस? कोन ह ओमन ला भैंरा या कोंदा बनाथे? कोन ह ओमन के आंखी म रोसनी देथे या ओमन ला अंधरा बनाथे? का ये में यहोवा, नो हंव? 12 अब तें जा; मेंह तोर गोठियाय म मदद करहूं अऊ मेंह तोला बताहूं कि तोला का कहना हे।”
13 पर मूसा ह कहिस, “हे परभू, अपन सेवक ला छेमा कर, अऊ किरपा करके कोनो आने मनखे ला पठो दे।”
14 तब यहोवा के गुस्सा ह मूसा ऊपर भड़किस अऊ ओह कहिस, “अपन भाई हारून के बारे म का सोचथस, जऊन ह लेवी अय? मेंह जानत हंव कि ओह बने गोठियाथे। ओह तोर ले भेंट करे बर आवत हे अऊ रसता म हवय, अऊ ओह तोला देखके खुस होही। 15 तें ओकर ले गोठियाबे अऊ बातमन ला ओकर मुहूं म डालबे; मेंह तुम्हर दूनों झन के गोठियाय म मदद करहूं अऊ तुमन ला बताहूं कि का करना हे। 16 ओह तोर कोति ले मनखेमन संग गोठियाही, अऊ येह अइसने होही कि मानो ओह तोर मुहूं होही अऊ तेंह ओकर बर परमेसर कस होबे। 17 पर ये लउठी ला अपन हांथ म लेय ले; येकर दुवारा तेंह चिनहांमन ला देखाबे।”
19 यहोवा ह मिदयान देस म ही मूसा ला कहे रिहिस, “मिसर देस ला वापिस चले जा, काबरकि ओ जम्मो झन मर चुके हवंय, जऊन मन तोला मार डारे बर चाहत रिहिन।” 20 तब मूसा ह अपन घरवाली अऊ अपन बेटामन ला गदहा ऊपर बईठाईस अऊ वापिस मिसर देस जाय लगिस। अऊ ओह परमेसर के लउठी ला अपन हांथ म ले लीस।
21 यहोवा ह मूसा ला कहिस, “जब तेंह मिसर म हबरबे, त देख, फिरौन के आघू म ओ जम्मो अद्भूत काम ला देखाबे, जेला देखाय के सक्ति मेंह तोला दे हवंव। पर मेंह ओकर मन ला कठोर कर दूहूं, जेकर कारन ओह इसरायलीमन ला जावन नइं दीही। 22 तब तें फिरौन ले कहिबे, ‘यहोवा ह ये कहत हे: इसरायल ह मोर पहिलांत बेटा अय, 23 अऊ मेंह तोला कह चुकेंव, “मोर बेटा ला जावन दे, ताकि ओह मोर अराधना करय।” पर तेंह ओला जावन नइं देवत हस; एकरसेति मेंह तोर पहिलांत बेटा ला मार डारहूं।’ ”
24 डहार म, एक ठन धरमसाला म यहोवा ह मूसा ले मिलिस, अऊ ओला मार डालनेवाला रिहिस। 25 पर सिप्पोरा ह एक धारवाला पथरा लीस अऊ अपन बेटा के खलड़ी[b] ला काटिस अऊ ओ खलड़ी ला मूसा के गोड़ म छुआ दीस अऊ कहिस, “सही म, तेंह लहू बहानेवाला मोर दूल्हा अस।” 26 एकरसेति यहोवा ह मूसा ला छोंड़ दीस। (ओतेक बेरा सिप्पोरा ह खतना के हवाला देवत कहिस, “लहू बहानेवाला दूल्हा।”)
27 तब यहोवा ह हारून ला कहिस, “मूसा ले मिले बर निरजन प्रदेस म जा।” एकरसेति हारून ह मूसा ले मिले बर परमेसर के पहाड़ म गीस अऊ ओला चूमिस। 28 तब मूसा ह हारून ला ओ जम्मो बात बताईस, जेला बताय बर यहोवा ह ओला पठोय रिहिस, अऊ ओ जम्मो चिनहांमन के बारे म घलो बताईस, जेमन ला देखाय के हुकूम ओला दे रिहिस।
29 तब मूसा अऊ हारून इसरायलीमन के जम्मो अगुवामन ला इकट्ठा करिन, 30 अऊ हारून ह ओमन ला ओ जम्मो बात बताईस, जेला यहोवा ह मूसा ला कहे रिहिस। ओह मनखेमन के आघू म ओ चिनहांमन ला घलो देखाईस, 31 अऊ ओमन बिसवास करिन। अऊ जब ओमन सुनिन कि यहोवा ह ओमन के बारे म चिंतित हवय अऊ ओमन के दुरगति ला देखे हवय, त ओमन मुड़ नवाके यहोवा के अराधना करिन।
<- निरगमन 3निरगमन 5 ->
Languages