4 मूसा ह काटके पथरामन के दू ठन पटिया पहिली सहीं बनाईस, फेर ओह यहोवा के हुकूम के मुताबिक बिहनियां उठिस अऊ पथरा के दूनों पटियामन ला अपन हांथ म धरके सीनय पहाड़ म चघिस। 5 तब यहोवा ह बादर म उतरिस अऊ ओकर संग ठाढ़ होके अपन नांव यहोवा के घोसना करिस। 6 अऊ यहोवा ह मूसा के सामने ले होके निकलिस अऊ ये कहत गीस, “यहोवा, यहोवा, दयालु अऊ किरपा करइया परमेसर, कोरोध करे म धीमा, मया ले भरपूर अऊ बिसवासयोग्य अय, 7 हजारों झन ला सदा मया करइया, अधरम, अपराध अऊ पाप छेमा करइया; फेर दोसी ला ओह निरदोस नइं छोंड़य, ओह दाई-ददा के पाप बर ओमन के लइकामन ला तीसरा अऊ चौथा पीढ़ी तक दंड देथे।”
8 मूसा ह तुरते भुइयां कोति झुकिस अऊ अराधना करिस। 9 अऊ ओह कहिस, “हे परभू, कहूं तोर दया-मया ह मोर ऊपर हवय, त परभू ह हमर संग चलय। हालाकि ये मनखेमन ढीठ अंय, पर तें हमर पाप अऊ अधरम ला छेमा कर अऊ हमन ला अपन मानके गरहन कर।”
10 तब यहोवा ह कहिस: “सुन, मेंह एक ठन करार करत हंव। मेंह तोर जम्मो झन के आघू म अइसन अचम्भो बुता करहूं, जइसन जम्मो धरती म कोनो जातिमन के आघू म कभू नइं करे गे हवय, अऊ ओ जम्मो झन, जऊन मन के मांझा म तेंह रहत हस, ओमन यहोवा के बुता ला देखहीं, काबरकि जऊन कुछू मेंह करइया हंव, ओह अद्भूत बुता अय। 11 जऊन हुकूम आज मेंह तुमन ला दूहूं, ओला तुमन मानव। मेंह तुम्हर आघू ले अमोरी, कनानी, हित्ती, परिज्जी, हिब्बी अऊ यबूसी जाति के मनखेमन ला निकाल दूहूं। 12 एकरसेति धियान रहय कि ओ देस म रहइयामन के संग कोनो करार झन करव, जिहां तुमन जवइया हव, कहूं अइसन झन होवय कि ओमन तुम्हर बर फांदा बन जावंय। 13 पर तुमन ओमन के बेदीमन ला टोरके गिरा दव अऊ ओमन के पबितर पथरामन ला कुटा-कुटा कर दव, अऊ ओमन के असेरा के खंभामन ला काट डारव; 14 कोनो आने देवता के अराधना झन करव, काबरकि यहोवा जेकर नांव जलन रखइया अय, ओह जल उठइया परमेसर अय।
15 “धियान रहय कि ओ देस म रहइयामन के संग कोनो करार झन करव; काबरकि जब ओमन अपन देवतामन के अराधना करके बेभिचार के सहीं काम करथें अऊ ओकर बर बलिदान चघाथें, त ओमन तुमन ला नेवता दीहीं अऊ तुमन ओमन के बलिदान करे गय चीज ला खाहू। 16 अऊ जब तुमन ओमन के बेटीमन ला अपन बेटामन के घरवाली होय बर लेथव अऊ ओ बेटीमन खुदे अपन देवतामन के पाछू चलके बेभिचार करथें, त ओमन तुम्हर बेटामन ला घलो वइसनेच करे बर ले जाहीं।
17 “अपन बर कोनो देवता झन बनाहू।
18 “अखमीरी रोटी के तिहार मनाहू, ओमा तुमन मोर हुकूम के मुताबिक अबीब महिना के नियत बेरा म सात दिन ले अखमीरी रोटी खाय करहू, काबरकि तुमन अबीब महिना म मिसर देस ले निकलके आय रहेव।
19 “हर एक कोख के पहिली लइका ह मोर अय। चाहे ओह बछवा होवय चाहे भेड़; तुम्हर पसुमन म ले घलो पहिली नर पीला ह मोर अय। 20 गदहा के पहिली पीला के बलदा मेढ़ा-पीला देके ओला छोंड़ाहू, फेर कहूं तेंह ओला छोंड़ाय बर नइं चाहस, त ओकर घेंच ला टोर दूहू। पर अपन जम्मो पहिलांत बेटामन ला बलदा देके छोंड़ाहू।
21 “हर हप्ता छै दिन ले कमाहू, अऊ सातवां दिन अराम करहू; नांगर जोतई अऊ लुवई के बखत घलो अराम करहू।
22 “तुमन हप्तामन के तिहार मनाहू, मतलब कि गहूं के ऊपज के पहिली-फसल के तिहार अऊ बछर के आखिरी म संकेलन तिहार घलो मनाहू। 23 साल म तीन बार तुम्हर जम्मो आदमीमन परमपरधान यहोवा, इसरायल के परमेसर के आघू म उपस्थित होवंय। 24 काबरकि मेंह आनजातमन ला तोर आघू ले निकालके तोर सिवाना ला बढ़ाहूं अऊ जब तुमन एक बछर म तीन बार अपन यहोवा के आघू म ठाढ़ होय बर जाहू, तब कोनो तोर भुइयां के लालच नइं करही।
25 “कोनो बलिदान करे गय पसु के लहू ला कोनो खमीर मिले हुए चीज के संग झन चघावव अऊ फसह तिहार के बलिदान म ले बिहान तक ले कुछू ला झन बचाहू।
26 “तुमन अपन भुइयां के सबले बने पहिली-फसल ला यहोवा अपन परमेसर के घर म लानव।
27 फेर यहोवा ह मूसा ला कहिस, “ये बचनमन ला लिख ले, काबरकि मेंह इही बचन के मुताबिक तोर ले अऊ इसरायल ले करार करे हंव।” 28 मूसा ह यहोवा संग उहां चालीस दिन अऊ चालीस रात रिहिस, ओह रोटी नइं खाईस अऊ पानी घलो नइं पीईस, अऊ ओह ओ पटियामन म करार के बचन याने कि दस हुकूममन ला लिखिस।
33 जब मूसा ह ओमन ले गोठिया लीस, त ओह अपन मुहूं म ओढ़ना ला डार लीस। 34 मूसा ह जब-जब यहोवा करा ओकर ले गोठियाय बर जावय, त ओह बाहिर निकलत ले ओढ़ना ला हटाय रहय; अऊ जब-जब ओह बाहिर म आके परमेसर के दिये गय हुकूम इसरायलीमन ला बतावय, 35 त इसरायलीमन मूसा के मुहूं ला देखंय कि ओकर मुहूं ह चमकत रहय, अऊ जब तक मूसा ह यहोवा ले गोठियाय बर भीतर नइं जावय तब तक ओह अपन मुहूं म ओढ़ना डारे रहय।
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