3 तब मूसा ह मनखेमन ला कहिस, “सुरता करके ये दिन म उत्सव मनावव; येह ओ दिन ए, जब तुमन मिसर देस ले, गुलामी के देस ले बाहिर निकलेव, काबरकि यहोवा ह अपन सक्तिसाली हांथ के दुवारा तुमन ला उहां ले निकालके ले आईस। एकरसेति खमीर मिले हुए कोनो भी चीज ला झन खावव। 4 आज, अबीब[a] नांव के महिना म, तुमन निकलके जावत हव। 5 जब यहोवा ह तुमन ला कनानी, हित्ती, अमोरी, हिब्बी, अऊ यबूसीमन के देस म लानही—ओ देस जेला तुमन ला देय बर, ओह तुम्हर पुरखामन के संग सपथ खाय रिहिस, एक अइसन देस जिहां दूध अऊ मंधरस के भरमार हवय—त तुमन इही महिना म ये उत्सव के पालन करव: 6 सात दिन तक तुमन बिगर खमीर के बने रोटी खावव अऊ सातवां दिन यहोवा बर तिहार मनावव। 7 ओ सात दिन तक अखमीरी रोटी ही खावव; तुम्हर बीच येमा कोनो भी किसम के खमीर झन दिखय, न ही तुम्हर सीमना के भीतर कहूं मेर कोनो किसम के खमीर दिखय। 8 ओ दिन तुमन अपन बेटामन ला बतावव, ‘जब मेंह मिसर देस ले बाहिर निकलेंव, त यहोवा ह जऊन कुछू मोर बर करिस, ओकर सेति मेंह येला मनाथंव।’ 9 येकर पालन करई ह तुम्हर बर तुम्हर हांथ म एक चिनहां अऊ तुम्हर माथा म एक सुरता करइया के सहीं होवय कि यहोवा के ये कानून ह तुम्हर मुहूं म रहय। काबरकि यहोवा ह अपन सक्तिसाली हांथ के दुवारा तुमन ला मिसर देस ले बाहिर निकाल लानिस। 10 एकरसेति हर साल ठहिराय गे समय म ये बिधि के पालन करव।
11 “जब यहोवा ह तुमन ला कनानीमन के देस म ले आथे अऊ ओला तुम्हर अधिकार म दे देथे, जइसे कि ओह तुम्हर अऊ तुम्हर पुरखामन ले सपथ खाके परतिगियां करे रिहिस, 12 त तुमन हर एक कोख के पहिली संतान यहोवा ला दे दव। तुम्हर पसुमन के पहिलांत नर बछरू ह घलो यहोवा के अय। 13 गदहा के हर एक पहिलांत ला एक ठन मेढ़ा-पीला देके छोंड़ा लेवव, पर यदि तुमन ओला नइं छोंड़ावव, त ओकर घेंच ला टोर देवव। अपन जम्मो पहिलांत बेटामन ला बलदा देके छोंड़ा लेवव।
14 “अवइया दिन म जब तुम्हर बेटामन तुमन ले पुछहीं, ‘येकर का मतलब अय?’ त ओमन ले कहव, ‘यहोवा ह अपन सक्तिसाली हांथ के दुवारा हमन ला मिसर देस के गुलामी ले निकाल लानिस। 15 जब फिरौन ह जिद्द करके हमन ला नइं जावन देवत रिहिस, त यहोवा ह मिसर देस म मनखे अऊ पसु दूनों के पहिलांत ला मार डारिस। एकरसेति हमन हर एक के कोख के पहिली नर संतान ला यहोवा बर बलिदान करथन अऊ अपन पहिलांत बेटा ला बलदा देके छोंड़ा लेथन।’ 16 अऊ येह तुम्हर हांथ म एक चिनहां अऊ तुम्हर माथा म एक टीका सहीं होही कि यहोवा ह अपन सक्तिसाली हांथ के दुवारा हमन ला मिसर देस ले निकाल लानिस।”
19 मूसा ह अपन संग यूसुफ के हाड़ामन ला घलो ले गीस, काबरकि यूसुफ ह इसरायलीमन ले ये कहिके किरिया खवाय रिहिस, “परमेसर ह जरूर तुम्हर मदद करही, अऊ जब तुमन ये जगह ले जावव, त मोर हाड़ामन ला अपन संग जरूर ले जावव।”[b]
20 सुक्कोत ले आघू बढ़े के बाद, ओमन एताम म डेरा डालिन, जऊन ह सुन्ना जगह के तीर म रिहिस। 21 यहोवा ह ओमन ला दिन म डहार देखाय बर बादर के खंभा अऊ रथिया अंजोर देय बर आगी के खंभा म होके ओमन के आघू-आघू चलय, ताकि ओमन रात अऊ दिन यातरा कर सकंय। 22 परमेसर ह न तो बादर के खंभा ला दिन म अऊ न ही आगी के खंभा ला रात म मनखेमन के आघू ले हटाईस।
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