3 तुमन अपन आंखी ले देखे हव कि यहोवा ह बाल-पेओर करा का करिस। यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुम्हर बीच ले ओ जम्मो मनखेमन ला नास कर दीस, जऊन मन बाल-पेओर देवता के पाछू चलत रिहिन, 4 पर तुमन जम्मो, जऊन मन यहोवा अपन परमेसर के संग मजबूती से बने रहेव, ओ जम्मो आज भी जीयत हव।
5 देखव, यहोवा मोर परमेसर के दिये हुकूम के मुताबिक मेंह तुमन ला बिधि अऊ कानून सिखाय हंव, ताकि तुमन ओ देस म येमन के पालन करव, जिहां तुमन ओकर ऊपर अधिकार करे बर जावत हव। 6 धियान लगाके येमन के पालन करव, काबरकि येह ओ आने जाति के मनखेमन ला तुम्हर बुद्धि अऊ समझ देखाही, जऊन मन ये जम्मो बिधिमन के बारे म सुनहीं अऊ ओमन कहिहीं, “सही म ये महान जाति के मनखेमन एक बुद्धिमान अऊ समझवाले मनखे अंय।” 7 कोन अइसने बड़े जाति ए, जेकर देवता ओकर अइसे लकठा म रहिथे, जइसे यहोवा हमर परमेसर हमर लकठा म रहिथे, जब भी हमन ओकर ले पराथना करथन? 8 अऊ कोन अइसने बड़े जाति ए, जेकर करा अइसे धरमी बिधि अऊ कानून हवंय, जइसे कि ये कानूनमन, जेला मेंह आज तुम्हर आघू म रखत हंव?
9 सिरिप तुमन सावधान रहव, अऊ अपन म बहुंत सचेत रहव, ताकि तुम्हर आंखीमन जऊन चीजमन ला देखे हवंय, ओला तुमन झन भूलव या ओ चीजमन तुम्हर मन ले झन हटंय, जब तक कि तुमन जीयत हव। ये बातमन ला अपन लइका अऊ नाती-पोतामन ला सिखावव। 10 ओ दिन ला सुरता करव, जब तुमन होरेब म यहोवा अपन परमेसर के आघू म खड़े रहेव, अऊ ओह मोला कहिस, “मनखेमन ला मोर बात सुने बर मोर आघू म इकट्ठा कर, ताकि जब तक ओमन देस म जीयत रहंय, ओमन मोर आदर करई सीखंय अऊ ये बारे म अपन लइकामन ला घलो सिखावंय।” 11 तुमन लकठा म आके पहाड़ के खाल्हे म ठाढ़ हो गेव अऊ ओ पहाड़ ह आगी ले धधकत रहय; आगी के जुवाला ह करिया बादर अऊ घोर अंधियार के संग अकास तक हबरत रहय। 12 तब यहोवा ह आगी म ले तुम्हर ले गोठियाईस। तुमन सबद के अवाज तो सुनेव, पर तुमन ला कोनो दिखाई नइं दीस; उहां सिरिप एक अवाज रिहिस। 13 ओह तुमन ला अपन करार, दस ठन हुकूम ला बताईस अऊ ओह तुमन ला ये हुकूममन के पालन करे बर कहिस अऊ ओमन ला पथरा के दू ठन पटिया म लिख दीस। 14 अऊ यहोवा ह ओ समय मोला निरदेस दीस कि मेंह तुमन ला ओ बिधि अऊ कानूनमन ला सिखावंव, जेकर पालन तुमन ओ देस म करव, जेला अपन अधिकार म करे बर तुमन यरदन के ओ पार जावत हव।
21 यहोवा ह तुम्हर कारन मोर ऊपर गुस्सा होईस अऊ सपथ खाके कहिस कि मेंह यरदन नदी के पार ओ बने देस म नइं जा सकंव, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला तुम्हर उत्तराधिकार के रूप म देवत हे। 22 मेंह इही देस म मर जाहूं; मेंह यरदन के ओ पार नइं जा सकंव; पर तुमन ओ पार जाके ओ बने देस ऊपर अधिकार करहू। 23 एकरसेति धियान रहय कि तुमन यहोवा तुम्हर परमेसर के ओ करार ला झन भूलव, जेला ओह तुम्हर संग करे हवय; अपन बर कोनो भी चीज के कोनो मूरती झन बनावव, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर ह मना करे हवय। 24 काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह एक भसम करइया आगी, एक जलन रखइया परमेसर अय।
25 जब तुम्हर लोग-लइका अऊ नाती-पोता हो जाहीं अऊ तुम्हर उहां लम्बा समय तक रहे के बाद—यदि तुमन भ्रस्ट होके कोनो किसम के मूरती बनाथव अऊ ये किसम ले यहोवा तुम्हर परमेसर के नजर म खराप काम करके ओकर गुस्सा ला भड़काथव, 26 त आज मेंह अकास अऊ धरती ला तुम्हर बिरूध गवाह रखके कहत हंव कि तुमन ओ देस ले जल्दी नास हो जाहू, जेला तुमन अपन अधिकार म लेय बर यरदन के ओ पार जावत हव। तुमन उहां लम्बा समय तक जिंदा नइं रहे पाहू, पर खचित तुमन नास हो जाहू। 27 यहोवा ह तुमन ला मनखेमन के बीच म तितिर-बितिर कर दीही, अऊ यहोवा ह तुमन ला जऊन जातिमन के बीच म भगा दीही, उहां तुमन थोरकन ही बचे रहिहू। 28 उहां तुमन मनखे के बनाय ओ लकड़ी अऊ पथरा के देवतामन के अराधना करहू, जेमन न तो देख सकंय, न सुन सकंय, न खा सकंय अऊ न ही सुंघ सकंय। 29 पर यदि उहां तुमन यहोवा अपन परमेसर के खोज करहू, त ओह तुमन ला मिलही, यदि तुमन ओला अपन पूरा मन अऊ अपन पूरा आतमा ले खोजहू। 30 जब तुमन बिपत्ति म पड़व अऊ ये जम्मो चीज तुम्हर जिनगी म होथे, तब बाद म, तुमन यहोवा अपन परमेसर करा लहुंटके आहू अऊ ओकर बात मानहू। 31 काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह दयालु परमेसर अय; ओह तुमन ला नइं छोंड़ही अऊ न ही नास करही अऊ न ही तुम्हर पुरखामन के संग करे गे ओ करार ला भूलही, जेला ओह सपथ खाके ओमन के संग मजबूत करे रिहिस।
35 तुमन ला ये जम्मो चीज देखाय गीस ताकि तुमन जानव कि यहोवा ह परमेसर ए; ओला छोंड़ अऊ कोनो परमेसर नइं ए। 36 अकास ले ओह तुमन ला अपन अवाज सुनाईस, ताकि तुमन अनुसासन म रहव। धरती म ओह तुमन ला अपन बड़े आगी ला देखाईस, अऊ तुमन आगी ले ओकर बात सुनेव। 37 काबरकि ओह तुम्हर पुरखामन ले मया करिस अऊ ओमन के बाद ओह ओमन के संतान ला चुनिस, एकरसेति ओह तुमन ला खुद होके अपन बड़े सामर्थ से मिसर देस ले बाहिर निकाल लानिस, 38 ताकि तुम्हर आघू ले तुम्हर ले बड़े अऊ बलवान जाति के मनखेमन ला भगाके तुमन ला ओमन के देस म लानय अऊ ओ देस तुमन ला तुम्हर उत्तराधिकार के रूप म देवय, जइसे कि आज तुमन देखत हव।
39 एकरसेति आज तुमन मान लव अऊ अपन मन म जान लव कि यहोवा ही ऊपर अकास म अऊ खाल्हे धरती म परमेसर ए। आने अऊ कोनो परमेसर नइं ए। 40 ओकर बिधि अऊ कानूनमन ला मानव, जेला आज में तुमन ला देवत हंव, ताकि तुम्हर अऊ तुम्हर बाद तुम्हर लइकामन के संग भलई होवय अऊ तुमन ओ देस म बहुंत समय तक रहव, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला हमेसा बर देवत हे।
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