2 अवैध रूप ले जनमे कोनो भी मनखे या ओकर संतान यहोवा के सभा के भीतर झन आवंय, अऊ त अऊ दसवां पीढ़ी तक ओकर संतान यहोवा के सभा के भीतर झन आवंय।
3 कोनो अमोनी या मोआबी[a] या ओमन के कोनो संतान यहोवा के सभा के भीतर झन आवंय, इहां तक कि ओमन के दसवां पीढ़ी तक ओमन के कोनो संतान यहोवा के सभा म झन आवंय। 4 काबरकि जब तुमन मिसर देस ले निकलके आवत रहेव, त ओमन रोटी अऊ पानी लेके तुम्हर ले भेंट करे बर नइं आईन, अऊ अरम-नहरैम[b] देस के पतोर नगर के बेओर के बेटा बिलाम ला पईसा देके ओकर सेवा लीन कि ओह तुमन ला सराप देवय। 5 पर यहोवा तुम्हर परमेसर ह बिलाम के बात ला नइं सुनिस पर ओकर सराप ला तुम्हर बर आसीस म बदल दीस, काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुम्हर ले मया करथे। 6 जब तक तेंह जीयत हस, तब तक अमोनी या मोआबीमन के संग संगवारी होय के कोनो समझौता झन करबे।
7 तुमन कोनो एदोमी[c] ला तुछ झन समझहू, काबरकि एदोमीमन तुम्हर रिस्तेदार अंय। तुमन कोनो मिसरी ला तुछ झन जानहू, काबरकि तुमन ओमन के देस म परदेसी के रूप म रहत रहेव। 8 ओमन के तीसरा पीढ़ी म जनमे संतानमन यहोवा के सभा म आ सकत हें।
12 दिसा मैदान बर डेरा के बाहिर अपन बर एक जगह तय करव। 13 औजार के रूप म तुम्हर करा खंचवा कोड़े बर कुछू होवय, अऊ जब तुमन बाहिर फिरे बर बईठव, त खंचवा कोड़के अपन मल ला ढांप दव। 14 काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला बचाय बर अऊ तुम्हर बईरीमन ला तुम्हर हांथ म करे बर तुम्हर डेरा म चलते-फिरथे। जरूरी अय कि तुम्हर डेरा पबितर रहय, ताकि अइसन झन होवय कि ओह तुम्हर बीच म कोनो अपबितर चीज देखके तुम्हर ले दूरिहा चले जावय।
17 कोनो भी इसरायली पुरूस या महिला मंदिर के बेस्या झन बनय। 18 तुमन कोनो महिला बेस्या या पुरूस बेस्या[d] के कमई ला यहोवा तुम्हर परमेसर के घर म मन्नत के रूप म देय बर झन लानहू, काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह दूनों चीज ले घिन करथे।
19 तुमन कोनो इसरायली ले कोनो चीज के बियाज झन लूहू, चाहे ओह पईसा होवय या जेवन या कोनो आने चीज, जेकर ले बियाज कमाय जा सकत हे। 20 तुमन कोनो परदेसी ले बियाज ले सकत हव, पर अपन संगी इसरायली ले नइं, ताकि जऊन देस ऊपर अधिकार करे बर तुमन जावत हव, उहां जऊन काम म तुमन हांथ लगावव, ओ जम्मो काम म यहोवा तुम्हर परमेसर तुमन ला आसीस देवय।
21 यदि तुमन यहोवा अपन परमेसर बर कोनो मन्नत मानव, त ओला पूरा करे म देरी झन करव, काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह ओ मन्नत ला पूरा करे के मांग करही अऊ देरी करे के दुवारा तुमन पाप करे के दोसी ठहिरहू। 22 पर यदि तुमन मन्नत ही नइं मानहू, त तुमन दोसी नइं ठहिरहू। 23 जऊन भी बात तुम्हर मुहूं ले निकलथे, ओला जरूर पूरा करव, काबरकि तुमन खुद होके यहोवा अपन परमेसर बर अपन मुहूं ले मन्नत माने हव।
24 यदि तुमन अपन परोसी के अंगूर के बारी म जावव, त तुमन जतेक चाहव ओतेक अंगूर खा सकत हव, पर अपन टुकना म एको ठन भी झन रखव। 25 यदि तुमन अपन परोसी के खड़े फसलवाले खेत म जावव, त तुमन अपन हांथ ले बालीमन ला टोर सकत हव, पर तुमन ओकर खड़े फसल ला हंसिया ले झन लुवव।
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