3 मनखेमन जऊन बईला या भेड़ ला बलिदान चघाहीं, ओमा ले पुरोहितमन ला ये चीजमन बांटा के रूप म मिलही: कंधा, पेट के भीतर के चीजमन अऊ मुड़ के मांस। 4 तुमन पुरोहितमन ला अपन अनाज के पहिली फर देवव याने कि नवां अंगूर के मंद अऊ जैतून तेल, अऊ तुम्हर भेड़मन ले कतरे पहिला ऊन, 5 काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह ओमन ला अऊ ओमन के संतानमन ला तुम्हर जम्मो गोत्रमन ले चुने हवय कि ओमन हमेसा यहोवा के आघू म ठाढ़ होवंय अऊ ओकर सेवा करंय।
6 कोनो लेवी ह इसरायल के तुम्हर कोनो नगर जिहां ओह रहत हे, यदि ओह ओ जगह ले सही मन से इसरायल के कोनो आने जगह म आथे, जेला यहोवा ह चुनथे, 7 त ओह अपन ओ जम्मो संगी लेवीमन सहीं यहोवा अपन परमेसर के नांव म सेवा करय, जेमन उहां यहोवा के आघू म सेवा करथें। 8 ओला ओमन के जम्मो लाभ म बराबर भाग मिलय, हालाकि परिवारिक संपत्ति के बिक्री ले ओला पईसा मिल गे हवय।
17 तब यहोवा ह मोला कहिस: “ओमन जऊन कुछू कहत हें ओह बने बात ए। 18 मेंह ओमन बर ओमन के संगी इसरायलीमन के बीच म ले तोर सहीं एक अगमजानी ला ठाढ़ करहूं, अऊ मेंह अपन बात ओकर मुहूं म डालहूं। ओह ओमन ला ओ जम्मो बात बताही, जेकर हुकूम मेंह ओला दूहूं। 19 मेंह खुद ओ मनखे ला जिम्मेदार ठहिराहूं, जऊन ह मोर ओ बात ला नइं सुनही, जेला ओ अगमजानी ह मोर नांव म बताही। 20 पर कोनो अगमजानी, जऊन ह मोर नांव म अपन मन के बात कहिथे, जेकर हुकूम मेंह नइं दे हंव, या कोनो अगमजानी, जऊन ह आने देवता के नांव म गोठियाथे, त ओह मार डारे जावय।”
21 तुमन अपनआप ले कह सकत हव, “हमन कइसे जानबो कि ओ संदेस ला यहोवा ह नइं दे हवय?” 22 जब कोनो अगमजानी ह यहोवा के नांव म कोनो बात के घोसना करथे अऊ ओ बात ह ओकर घोसना के मुताबिक नइं होवय या ओ बात ह सच साबित नइं होवय, त फेर ओ संदेस ला यहोवा ह नइं दे हवय। ओ अगमजानी ह अपन मन से ओ बात ला कहे हवय, एकरसेति तुमन झन डरहू।
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