6 तब पतरस ह कहिस, “सोन अऊ चांदी तो मोर करा नइं ए, पर जऊन चीज मोर करा हवय, मेंह तोला देवत हंव। यीसू मसीह नासरी के नांव म, तेंह उठ अऊ रेंग।” 7 पतरस ह ओकर जेवनी हांथ ला धरके ओला ठाढ़ होय म मदद करिस अऊ तुरते खोरवा के गोड़ अऊ एड़ीमन म बल आ गीस। 8 ओह कूदके ठाढ़ हो गीस अऊ चले-फिरे लगिस। ओह चलत, कूदत अऊ परमेसर के भजन करत ओमन के संग मंदिर म गीस। 9 जब जम्मो मनखेमन ओला चलत-फिरत अऊ परमेसर के भजन करत देखिन, 10 त ओमन ओला चिन डारिन कि येह ओहीच ए, जऊन ह मंदिर के सुघर नांव के दुवारी म बईठके भीख मांगे करत रिहिस, अऊ ओमन ओकर संग जऊन कुछू होय रिहिस, ओला देखके अचरज अऊ अचम्भो करिन।
17 “हे भाईमन हो, मेंह जानत हंव कि ये काम ला तुमन अगियानता म करेव अऊ वइसनेच तुम्हर अगुवामन घलो करिन। 18 पर जऊन बातमन ला परमेसर ह जम्मो अगमजानीमन के दुवारा आघू ले बताय रिहिस कि ओकर मसीह ह दुख उठाही, ओ बातमन ला ओह अइसने पूरा करिस। 19 एकरसेति, अब तुमन अपन पापमन ले मन फिरावव अऊ परमेसर करा लहुंटव कि तुम्हर पापमन मिटाय जावंय, अऊ परभू करा ले आनंद मिलय, 20 अऊ ओह ओ मसीह यीसू ला पठोवय, जऊन ह तुम्हर बर आघूच ले ठहिराय गे हवय। 21 ये जरूरी ए कि ओह स्वरग म ओ बखत तक रहय, जब तक कि ओह जम्मो बातमन के सुधार नइं कर लेवय, जेकर बारे म परमेसर ह अपन पबितर अगमजानीमन के दुवारा बहुंत पहिली कहे रिहिस। 22 जइसने मूसा ह कहे रिहिस, ‘परभू तुम्हर परमेसर ह तुम्हर बर तुम्हर अपन मनखेमन के बीच ले मोर सहीं एक अगमजानी ठाढ़ करही; जऊन कुछू ओह तुम्हर ले कहय, तुमन ओकर जरूर सुनव। 23 पर जऊन मनखे ओ अगमजानी के बात ला नइं सुनही, ओला अपन मनखेमन ले पूरा अलग करे जाही।’[a]
24 “वास्तव म, समूएल अगमजानी ले लेके ओकर बाद अवइया जम्मो अगमजानीमन परमेसर के जऊन बचन कहे हवंय, ओ जम्मो झन इहीच दिनमन के बारे म कहे हवंय। 25 तुमन अगमजानीमन के संतान अऊ ओ करार के संतान अव, जऊन ला परमेसर ह तुम्हर बाप-ददा संग करे रिहिस। ओह अब्राहम ले कहे रिहिस, ‘तोर बंस के दुवारा धरती के जम्मो मनखेमन आसीस पाहीं।’[b] 26 जब परमेसर ह अपन दास ला जियाईस, त ओह ओला पहिली तुम्हर करा पठोईस कि ओह तुमन ले हर एक ला ओकर बुरई ले बचाय के दुवारा आसीस देवय।”
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