6 ओ जम्मो दीप म ले होवत ओमन पाफुस सहर आईन। उहां ओमन ला बार-यीसू नांव के एक यहूदी टोनहा अऊ लबरा अगमजानी मिलिस। 7 ओह दीप के राजपाल सिरगियुस पौलुस के सेवक रिहिस। सिरगियुस ह एक बुद्धिमान मनखे रहय। ओह बरनबास अऊ साऊल ला अपन करा बलाईस काबरकि ओह परमेसर के बचन सुने चाहत रिहिस। 8 पर बार-यीसू जऊन ला यूनानी भासा म इलीमास टोनहा कहे जावय, ओमन के बिरोध करिस अऊ राजपाल सिरगियुस ला बिसवास करे ले रोके के कोसिस करिस। 9 तब साऊल जेकर नांव पौलुस घलो अय, पबितर आतमा ले भरके इलीमास ला एकटक देखिस अऊ कहिस, 10 “तेंह सैतान के संतान अस अऊ जम्मो बने चीज के बईरी अस। तेंह जम्मो किसम के कपट अऊ धोखा ले भरे हवस। का तेंह परभू के सीधा रसता ला टेढ़ा करे बर कभू नइं छोंड़स? 11 अब परभू के हांथ ह तोर बिरोध म उठे हवय। तेंह अंधरा हो जाबे अऊ कुछू समय तक सूरज के अंजोर ला नइं देख सकबे।”
16 तब पौलुस ह ठाढ़ होईस अऊ हांथ ले इसारा करके कहिस, हे इसरायली अऊ परमेसर के अराधना करइया—आनजात के मनखेमन, मोर बात ला सुनव! 17 इसरायली मनखेमन के परमेसर ह हमर पुरखामन ला चुनिस अऊ जब ओमन मिसर देस म परदेसी के सहीं रहत रिहिन, त ओमन ला बढ़ाईस अऊ अपन अपार बाहुबल ले ओमन ला ओ देस ले बाहिर निकाल लानिस। 18 अऊ चालीस साल तक निरजन जगह म ओमन के गलत बरताव ला सहत रिहिस। 19 ओह कनान देस म सात ठन जात के मनखेमन ला उखान फेंकिस अऊ ओमन के जमीन ला अपन मनखेमन के अधिकार म दे दीस। 20 ए जम्मो काम म लगभग चार सौ पचास बछर लगिस।
23 “ओही दाऊद के बंस म ले परमेसर ह अपन परतिगियां के मुताबिक इसरायली मनखेमन बर उद्धार करइया यीसू ला पठोईस। 24 यीसू के आय के पहिली यूहन्ना ह जम्मो इसरायली मनखेमन ला मन-फिराय अऊ बतिसमा के परचार करिस। 25 जब यूहन्ना ह अपन काम पूरा करइया रिहिस, त ओह कहिस, ‘तुमन मोला कोन ए समझत हव? मेंह ओ नो हंव जऊन ला परमेसर ह पठोय के परतिगियां करे हवय। पर मोर बाद, ओह आवत हवय, जेकर गोड़ के पनही घलो खोले के काबिल मेंह नो हंव।’
26 “हे भाईमन हो! अब्राहम के संतान अऊ परमेसर ले डरइया आनजातमन, हमर करा ये उद्धार के संदेस पठोय गे हवय। 27 यरूसलेम के मनखे अऊ ओकर अधिकारीमन यीसू ला नइं चिन्हिन अऊ न ही ओमन अगमजानीमन के बचन ला समझिन, जऊन ह हर बिसराम के दिन पढ़े जाथे। एकरसेति ओमन यीसू ला दोसी ठहिराके ओ बातमन ला पूरा करिन। 28 हालाकि ओमन मार डारे जाय के लईक कोनो दोस ओमा नइं पाईन, तभो ले ओमन पीलातुस ले मांग करिन कि ओह मार डारे जावय। 29 जब ओमन ओकर बारे म लिखे जम्मो बात ला पूरा कर लीन, तब ओला कुरूस ले उतारके एक कबर म रखिन। 30 पर परमेसर ह ओला मरे म ले जियाईस। 31 अऊ ओह ओमन ला जऊन मन ओकर संग गलील ले यरूसलेम आय रिहिन, बहुंत दिन तक देखई देवत रिहिस। ओमन अब हमर मनखेमन के आघू म ओकर गवाह अंय।
32 “हमन तुमन ला सुघर संदेस सुनावत हवन, जेकर वायदा परमेसर ह हमर पुरखामन ले करे रिहिस। 33 परमेसर ह यीसू ला जियाके, ओ वायदा ला अपन संतान, हमर बर पूरा करिस। जइसने कि भजन दू म लिखे हवय:
36 “दाऊद ह अपन समय म परमेसर के ईछा मुताबिक सेवा करिस अऊ ओह मर गीस। ओला ओकर पुरखामन के संग माटी दिये गीस अऊ ओकर देहें ह सड़ गीस। 37 पर जऊन ला परमेसर ह मरे म ले जियाईस, ओह सड़े नइं पाईस।
38 “एकरसेति हे मोर भाईमन! मेंह चाहत हंव कि तुमन जान लेवव कि यीसू के दुवारा पाप के छेमा के संदेस तुमन ला दिये जावत हवय। 39 ओकर जरिये ही हर ओ मनखे ला पाप ले मुक्त करे जाथे, जऊन ह बिसवास करथे, ओला ओ नियाय मिलथे, जेला तुमन मूसा के कानून के अधीन रहिके नइं पा सकत रहेव। 40 एकरसेति सचेत रहव कि जऊन बात ला अगमजानीमन कहे हवंय, ओह तुम्हर ऊपर झन आ पड़य:
42 जब पौलुस अऊ बरनबास सभा के घर ले निकलके बाहिर जावत रिहिन, त मनखेमन ओमन ले बिनती करिन कि अवइया बिसराम के दिन हमन ला एकर बारे म अऊ बतावव। 43 जब सभा ह उसल गीस, त बहुंते यहूदीमन अऊ यहूदी मत म आय भक्तमन पौलुस अऊ बरनबास के पाछू हो लीन। ओ दूनों ओमन ले बात करके ओमन ला उत्साहित करिन कि ओमन परमेसर के अनुग्रह म बने रहंय।
44 ओकर आने बिसराम के दिन लगभग जम्मो सहर के मनखेमन परमेसर के बचन सुने बर जूर गीन। 45 जब यहूदीमन मनखेमन के भीड़ ला देखिन, त जलन ले भर उठिन अऊ ओमन पौलुस के बात के बिरोध करके ओकर बेजत्ती करिन।
46 तब पौलुस अऊ बरनबास निडर होके ओमन ला कहिन, “हमन के दुवारा पहिली परमेसर के बचन तुमन ला सुनाना जरूरी रिहिस, पर तुमन ओला गरहन नइं करेव अऊ अपनआप ला परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी के काबिल नइं समझेव। एकरसेति, हमन आनजातमन कोति जावत हन। 47 काबरकि परभू ह हमन ला ये हुकूम दे हवय,
48 जब आनजातमन येला सुनिन, त ओमन खुस होईन अऊ परभू के बचन के महिमा करिन अऊ जतेक मनखेमन परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी बर चुने गे रिहिन, ओमन बिसवास करिन।
49 परभू के बचन ह ओ जम्मो इलाका म फईल गीस। 50 पर यहूदीमन, परमेसर ले डरइया बड़े घराना के माईलोगन ला अऊ सहर के बड़े मनखेमन ला भड़काईन, अऊ ओमन पौलुस अऊ बरनबास के बिरोध म उपदरव करवाके ओमन ला अपन इलाका ले निकाल दीन। 51 एकरसेति पौलुस अऊ बरनबास ओमन ला चेतउनी के रूप म अपन गोड़ के धुर्रा ला झर्राके इकुनियुम सहर चल दीन। 52 अऊ चेलामन आनंद अऊ पबितर आतमा ले भरपूर होवत गीन।
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