4 कुरनेलियुस ह डरा गीस अऊ ओला एकटक देखके कहिस, “हे परभू, का ए?”
7 जब ओकर ले बात करइया स्वरगदूत ह चले गीस, तब ओह अपन दू झन सेवक अऊ अपन सेना के एक सिपाही ला जऊन ह परमेसर के भक्त रिहिस, बलाईस, 8 अऊ ओमन ला जम्मो बात बताके यापा सहर पठोईस।
14 पर पतरस ह कहिस, “नइं परभू, कभू नइं। मेंह कभू कुछू असुध अऊ मईलाहा चीज नइं खाय हवंव।”
15 फेर दूसर बार पतरस ओ अवाज सुनिस, “जऊन कुछू ला परमेसर ह सुध करे हवय, ओला तेंह असुध झन कह।”
16 तीन बार ले अइसनेच होईस, तब तुरते ओ चादर ला स्वरग म वापिस उठा लिये गीस।
17 जब पतरस ह ये दरसन के मतलब के बारे म सोचत रिहिस, तभे ओ मनखेमन, जेमन ला कुरनेलियुस ह पठोय रिहिस, सिमोन के घर के पता लगावत दुवारी म आके ठाढ़ होईन। 18 ओमन अवाज देके पुछिन, “का सिमोन जऊन ला पतरस कहे जाथे, इहां हवय?”
19 पतरस ह ओ दरसन के बारे म सोचत रहय, तब परमेसर के आतमा ह ओला कहिस, “देख, तीन[a] झन मनखेमन तोला खोजत हवंय। 20 एकरसेति उठ अऊ खाल्हे उतर अऊ ओमन के संग बिगर झिझके चले जा, काबरकि मेंह ओमन ला पठोय हवंव।”
21 तब पतरस ह छानी ले उतरिस अऊ ओ मनखेमन ला कहिस, “देखव, जऊन ला तुमन खोजत हवव, ओह में अंव। तुम्हर आय के का कारन ए?”
22 ओ मनखेमन कहिन, “हमन ला कुरनेलियुस सूबेदार ह पठोय हवय। ओह धरमी अऊ परमेसर के भय मनइया मनखे ए अऊ जम्मो यहूदी मनखेमन ओकर आदर करथें। ओला एक पबितर स्वरगदूत ले ये हुकूम मिले हवय कि ओह तोला अपन घर म बलाके तोर ले परमेसर के बचन सुनय।” 23 तब पतरस ह ओमन ला घर म बलाईस अऊ ओमन के पहुनई करिस।
27 पतरस ह ओकर संग गोठियावत भीतर गीस अऊ उहां अब्बड़ मनखेमन ला देखके कहिस, 28 “तुमन जानत हव कि येह हमर यहूदी कानून के बिरोध म अय कि एक यहूदी ह आनजात के संगति करय या ओकर इहां जावय। पर परमेसर ह मोला देखाय हवय कि मेंह कोनो मनखे ला असुध या मईलाहा झन कहंव। 29 एकरसेति जब मोला बलाय गीस, त बिगर कुछू आपत्ति के मेंह आ गेंव। अब मेंह पुछत हंव कि तेंह मोला काबर बलाय हवस?”
30 तब कुरनेलियुस ह जबाब दीस, “चार दिन पहिली, मेंह इहीच बेरा मंझनियां के तीन बजे, अपन घर म पराथना करत रहेंव कि अचानक एक झन मनखे चिकमिकी कपड़ा पहिरे मोर आघू म आके ठाढ़ हो गीस 31 अऊ ओह कहिस, ‘हे कुरनेलियुस! परमेसर ह तोर पराथना ला सुने हवय अऊ तोर दान, जऊन ला गरीबमन ला देथस, ओला सुरता करे हवय। 32 एकरसेति अब कोनो ला यापा सहर पठोके उहां ले सिमोन जऊन ला पतरस कहे जाथे, बला ले। ओह चमड़ा के धंधा करइया सिमोन के घर म पहुना हवय, जऊन ह समुंदर के तीर म रहिथे।’ 33 तब मेंह तुरते तोर करा मनखेमन ला पठोएंव। तेंह बने करय कि इहां आ गय। अब हमन जम्मो झन इहां परमेसर के आघू म हवन कि ओ हर बात ला सुनन, जऊन ला परभू ह तोला सुनाय के हुकूम दे हवय।”
34 तब पतरस ह कहे के सुरू करिस: “अब मेंह जान गेंव कि येह सच ए कि परमेसर ह काकरो पखियपात नइं करय, 35 पर हर जाति के मनखेमन ला गरहन करथे, जऊन मन ओकर भय मानथें अऊ सही काम करथें। 36 परमेसर ह इसरायलीमन करा संदेस पठोईस; ओमन ला यीसू मसीह के जरिये, जऊन ह जम्मो झन के परभू ए, सांति के सुघर संदेस सुनाईस। 37 ओ बात ला तुमन जानत हव, जऊन ह यूहन्ना के बतिसमा के परचार के पाछू गलील प्रदेस ले सुरू होके पूरा यहूदिया प्रदेस म फईल गे हवय— 38 कि कइसने परमेसर ह नासरत के यीसू ला पबितर आतमा अऊ सामर्थ ले अभिसेक करिस, अऊ यीसू ह हर जगह भलई करत अऊ सैतान के सताय जम्मो मनखेमन ला बने करत रिहिस, काबरकि परमेसर ह ओकर संग म रिहिस।
39 “हमन ओ जम्मो काम के गवाह अन, जऊन ला ओह यहूदीमन के देस म अऊ यरूसलेम म करिस। ओमन ओला एक ठन कुरूस म लटकाके मार डारिन, 40 पर ओला परमेसर ह तीसरा दिन मरे म ले जियाईस अऊ ओला परगट घलो करिस कि मनखेमन ओला देखंय। 41 ओह जम्मो मनखेमन ला देखई नइं दीस, पर ओ गवाहमन ला देखई दीस, जऊन मन ला परमेसर ह पहिली ले चुन ले रिहिस; याने कि हमन ला, जऊन मन ओकर मरे म ले जी उठे के पाछू ओकर संग खायेंन-पीयेंन। 42 परभू यीसू ह हमन ला हुकूम दीस कि हमन जम्मो मनखेमन म परचार करन अऊ गवाही देवन कि येह ओही ए, जऊन ला परमेसर ह जीयत अऊ मरे मन के नियाय करइया ठहिराईस। 43 जम्मो अगमजानीमन ओकर बारे गवाही देथें कि जऊन कोनो यीसू ऊपर बिसवास करही, ओला यीसू के नांव म पाप के छेमा मिलही।”
44 जब पतरस ह ये बचन कहत रिहिस, तभे पबितर आतमा ओ जम्मो झन ऊपर उतरिस, जऊन मन संदेस ला सुनत रहंय। 45 जऊन खतना करवाय बिसवासीमन पतरस के संग आय रिहिन, ओमन ये देखके चकित होईन कि पबितर आतमा के दान ह आनजातमन ऊपर घलो उंडेरे गीस। 46 काबरकि ओमन आनजातमन ला आने-आने भासा बोलत अऊ परमेसर के महिमा करत सुनिन।
- a एक पुराना हस्तलिपि म दू झन
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