1 राजा दाऊद ह अपन संग के आदमीमन ला इकट्ठा करिस अऊ ओमन ला हजार-हजार अऊ सौ-सौ मनखेमन के ऊपर सेनापति ठहिरा दीस। 2 तब दाऊद ह अपन सेना के एक तिहाई ला योआब के, अऊ एक तिहाई ला सरूयाह के बेटा, योआब के भाई अबीसै के, अऊ एक तिहाई ला गती इत्तै के अधीन म करके पठो दीस। राजा ह सेना के मनखेमन ला कहिस, “मेंह घलो जरूर तुम्हर संग चलहूं।”
3 पर आदमीमन कहिन, “नइं, तोला बिलकुल ही नइं जाना हे; यदि हमन ला उहां भागे बर पड़य, त ओमन हमर चिंता नइं करहीं। अऊ त अऊ यदि हमन आधा मनखे घलो मारे जाथन, तभो ले ओमन चिंता नइं करंय; पर तेंह हमर सहीं दस हजार मनखे के बरोबर अस। एकरसेति येह सही होही कि तेंह सहर ले हमन ला मदद कर।”
4 राजा ह जबाब दीस, “जऊन कुछू तुमन ला बने लगय, मेंह ओही काम करहूं।”
6 दाऊद के सेना इसरायल के बिरूध लड़े बर बाहिर निकलिस, अऊ एपरैम के जंगल म ओमन के बीच लड़ई होईस। 7 उहां इसरायल के सेना ह दाऊद के आदमीमन ले हार गीस, अऊ ओ दिन बहुंत आदमी मारे गीन—बीस हजार आदमी। 8 लड़ई ह ओ जम्मो देहात छेत्र म फईल गीस, अऊ ओ दिन जतेक आदमी तलवार ले मारे गीन, ओकर ले जादा आदमी जंगल के कारन मर गीन।
9 अइसने होईस कि अबसालोम के मुलाकात राजा दाऊद के आदमीमन संग हो गीस। अबसालोम ह एक खच्चर म चघके जावत रिहिस, अऊ जब खच्चर ह एक बड़े बलूत रूख के घना डारामन के खाल्हे ले होके गीस, त अबसालोम के मुड़ के बाल ह रूख म फंस गीस। ओह अधर म लटक गीस, जबकि ओकर खच्चर ह आघू निकल गीस।
10 जब एक आदमी ह येला देखिस, त ओह योआब ला बताईस, “मेंह अभी-अभी अबसालोम ला एक ठन बलूत रूख म टंगे देखे हंव।”
11 तब योआब ह ओ खबर देवइया मनखे ला कहिस, “का! तें ओला देखे हस? फेर काबर तें ओला उहां मारके भुइयां म नइं गिरा देय? तब मेंह तोला चांदी के दस सेकेल[a] अऊ एक ठन योद्धा के पट्टा देय रहितेंव।”
12 पर ओ मनखे ह योआब ला जबाब दीस, “अऊ त अऊ यदि तें मोला एक हजार सेकेल तऊलके देय रहितेय, तभो ले मेंह राजा के बेटा ऊपर हांथ नइं उठाय रहितेंव। काबरकि हमर सुनत म, राजा ह तोला अऊ अबीसै अऊ इत्तै ला ये हुकूम देय रिहिस, ‘मोर खियाल रखके ओ जवान अबसालोम ला कुछू झन करहू।’ 13 अऊ यदि मेंह परान ला संकट म डाले रहितेंव[b]—त तेंह खुद मोर बिरोधी हो जाते, काबरकि राजा ले कोनो बात छिपे नइं ए।”
14 योआब ह कहिस, “मेंह तोर संग अइसनेच ठहिरे नइं रह सकंव।” तब ओह अपन हांथ म तीन ठन भाला लीस अऊ ओमन ला अबसालोम के हिरदय म भोंग दीस, जब अबसालोम ह बलूत रूख म लटके रिहिस अऊ जीयत रिहिस। 15 अऊ योआब के दस हथियार ढोवइयामन अबसालोम ला घेरके ओकर ऊपर हमला करिन अऊ ओला मार डारिन।
16 फेर योआब ह तुरही ला फूंकिस, अऊ सेना के मनखेमन इसरायल[c] के पीछा करई छोंड़ दीन, काबरकि योआब ह ओमन ला रोक ले रिहिस। 17 तब ओमन अबसालोम ला लीन अऊ जंगल के एक बड़े खंचवा म डाल दीन अऊ ओकर ऊपर पथरामन के एक बड़े ढेर लगाके पाट दीन। इही बीच म, जम्मो इसरायली अपन-अपन घर ला भाग गीन।
18 अपन जीते जी अबसालोम ह एक खंभा ला लेके राजा के घाटी म अपन खुद के स्मारक के रूप म ठाढ़ करे रिहिस, काबरकि ओह सोचिस, “मोर नांव ला आघू बढ़ानेवाला मोर कोनो बेटा नइं एं।” ओह ओ खंभा ला अपन नांव देय रिहिस, अऊ ओला आज के दिन तक अबसालोम के स्मारक कहे जाथे।
20 पर योआब ह ओला कहिस, “तें आज के दिन ये खबर ला झन ले जा, तें कोनो आने दिन ये खबर ले जा सकत हस, पर आज नइं, काबरकि राजा के बेटा मरे हवय।”
21 तब योआब ह एक कूसी मनखे ला कहिस, “जा अऊ ओ जम्मो बात राजा ला बता, जेला तेंह देखे हस।” ओ कूसी मनखे ह योआब ला दंडवत करिस अऊ दऊड़के चल दीस।
22 सादोक के बेटा अहीमास ह योआब ला फेर कहिस, “कुछू भी होवय, मोला घलो ओ कूसी मनखे के पाछू दऊड़के जावन दे।”
23 ओह कहिस, “कुछू भी होवय, में दऊड़के जाय चाहत हंव।”
24 जब दाऊद ह भीतरी अऊ बाहिरी दुवारमन के बीच बईठे रिहिस, त पहरेदार ह दीवार म चढ़के दुवार के ऊपर बने छत म गीस, ओह आंखी उठाके देखिस कि एक मनखे ह अकेला दऊड़त आवत हे। 25 तब पहरेदार ह आरो लगाके राजा ला ये बात बताईस।
26 तब पहरेदार ह एक अऊ मनखे ला दऊड़के आवत देखिस, अऊ ओह दुवारपाल ला आरो लगाके कहिस, “देख, एक अऊ मनखे दऊड़त आवत हे!”
27 पहरेदार ह कहिस, “मोला अइसे लगत हे कि पहिले मनखे ह सादोक के बेटा अहीमास सहीं दऊड़त हे।”
28 तब अहीमास ह आरो लगाके राजा ला कहिस, “सब ठीक हे!” फेर ओह भुइयां म मुहूं के बल गिरके राजा ला दंडवत करिस अऊ कहिस, “यहोवा तोर परमेसर के परसंसा होवय! जऊन मन मोर मालिक राजा के बिरूध हांथ उठाय रिहिन, ओमन ला परमेसर ह तोर अधीन कर दे हवय।”
29 राजा ह पुछिस, “का जवान अबसालोम ह सुरकछित हवय?”
30 तब राजा ह कहिस, “बाजू म ठाढ़े रह अऊ इहां इंतजार कर।” त ओह बाजू म जाके उहां ठाढ़ हो गीस।
31 तब कूसी मनखे ह हबरिस अऊ कहिस, “हे मोर मालिक राजा, तोर बर बने खबर हवय। यहोवा ह तोला ओ जम्मो झन ले छोंड़ाके बचाय हवय, जेमन के हांथ तोर बिरूध उठे रिहिस।”
32 राजा ह ओ कूसी ले पुछिस, “का जवान अबसालोम ह सुरकछित हवय?”
33 तब राजा ह कांपे लगिस। ओह सहर के दुवार के ऊपर बने कमरा म गीस अऊ रोवन लगिस। ओह जावत-जावत कहिस: “हाय मोर बेटा अबसालोम! मोर बेटा, मोर बेटा अबसालोम! बने होतिस कि तोर बदला म, में मर गे रहितेंव—हाय अबसालोम, मोर बेटा, मोर बेटा!”[e]
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