5 एकरसेति यहोवा ओकर परमेसर ह ओला अराम के राजा के हांथ म कर दीस। अरामीमन ओमन ला हरा दीन अऊ ओकर कतको मनखेमन ला बंदी बनाके दमिस्क ले आईन।
9 पर उहां ओदेद नांव के यहोवा के एक अगमजानी रिहिस, अऊ ओह सेना के मनखेमन ले मिले बर गीस, जब ओमन सामरिया लहुंटिन। ओह ओमन ला कहिस, “काबरकि यहोवा, तुम्हर पुरखामन के परमेसर ह यहूदा ले गुस्सा करिस, त ओह ओमन ला तुम्हर हांथ म दे दीस। पर तुमन ओमन ला गुस्सा म मार दे हवव, जऊन ह स्वरग तक पहुंच गे हवय। 10 अऊ अब तुमन यहूदा अऊ यरूसलेम के आदमी अऊ माईलोगनमन ला अपन गुलाम बनाय चाहत हवव। पर का तुमन घलो यहोवा अपन परमेसर के बिरूध पाप के दोसी नइं हवव? 11 अब मोर बात ला सुनव! अपन संगी इसरायलीमन ला वापिस भेज दव, जेला तुमन कैदी के रूप म ले आय हवव, काबरकि यहोवा के भयंकर कोरोध तुम्हर ऊपर हवय।”
12 तब एपरैम के कुछू अगुवा—यहोहानान के बेटा अजरयाह, मसिल्लेमोत के बेटा बेरेकियाह, सल्लूम के बेटा यहिजकियाह, अऊ हदले के बेटा अमासा—येमन ओमन के सामना करिन, जेमन लड़ई ले आवत रिहिन। 13 ओमन कहिन, “तुमन ओ कैदीमन ला इहां झन लानव, नइं तो हमन यहोवा के आघू म दोसी ठहिरबो। का तुम्हर इरादा हमर पाप अऊ दोस ला अऊ बढ़ाय के हवय? काबरकि हमर दोस पहिले ले ही अब्बड़ हवय, अऊ ओकर भयंकर कोरोध इसरायल ऊपर हवय।”
14 एकरसेति सैनिकमन, करमचारी अऊ जम्मो सभा के आघू म कैदीमन ला अऊ लूट के सामान ला दे दीन। 15 जेमन के नांव लिखके निरदेस दिये गीस, ओमन कैदीमन ला ले लीन, अऊ जेमन नंगरा रिहिन ओ जम्मो ला ओमन लूट म के कपड़ा ला पहिराईन। ओमन ला कपड़ा अऊ चप्पल, खाना-पीना अऊ चंगा करे के मलहम दिये गीस। ओ जम्मो, जेमन कमजोर रिहिन, ओमन ला गदहा म बईठाईन। ये किसम ले ओमन अपन संगी इसरायलीमन ला वापिस यरीहो, खजूर के सहर म ले गीन, अऊ सामरिया लहुंट आईन।
16 ओही बेरा, राजा आहाज ह अस्सूर के राजामन ले मदद मांगिस। 17 एदोमीमन फेर आईन अऊ यहूदा ऊपर हमला करिन अऊ मनखेमन ला कैदी बनाके ले गीन, 18 जबकि पलिस्तीमन खाल्हे कोति के सहरमन म अऊ यहूदा के नेगेव म हमला करिन। ओमन बेत-सेमेस, अय्यालोन अऊ गदेरोत, संग म सोको, तिमना अऊ गिमजो ऊपर ओमन के चारों कोति के गांवमन सहित कब्जा कर लीन। 19 यहोवा ह इसरायल[a] के राजा आहाज के कारन यहूदा ला दीन-हीन कर दीस, काबरकि ओह यहूदा म दुस्टता ला बढ़ावा देय रिहिस अऊ यहोवा के बिरूध सबले जादा बिसवासघात करे रिहिस। 20 अस्सूर के राजा तिगलत-पिलेसेर ह ओकर करा आईस, पर ओह ओला मदद देय के बदले ओकर बर परेसानी खड़े करिस। 21 आहाज ह यहोवा के मंदिर अऊ राजमहल अऊ करमचारीमन ले कुछू चीजमन ला लीस अऊ ओ चीजमन ला अस्सूर के राजा ला भेंट म दीस, पर येकर ले ओला कोनो फायदा नइं होईस।
22 अपन मुसीबत के ये बेरा म, राजा आहाज ह यहोवा बर अऊ बिसवासघाती हो गीस। 23 ओह दमिस्क के देवतामन ला बलिदान चघाईस, जऊन मन ओला हराय रिहिन; काबरकि ओह सोचिस, “जब अराम के राजामन के देवतामन ओमन के मदद करे हवंय, एकरसेति मेंह ओमन ला बलिदान चघाहूं, त ओमन मोर घलो मदद करहीं।” पर ओमन ओकर अऊ जम्मो इसरायल के पतन के कारन बनिन।
24 आहाज ह परमेसर के मंदिर के सामान ला संकेलिस अऊ ओमन ला कुटा-कुटा करके काट दीस। ओह यहोवा के मंदिर के कपाटमन ला बंद करवा दीस अऊ यरूसलेम के हर एक गली के कोना म बेदी बनवाईस। 25 यहूदा के हर एक नगर म, ओह आने देवतामन ला बलिदान चघाय बर ऊंच जगहमन ला बनाईस अऊ यहोवा, अपन पुरखामन के परमेसर के कोरोध ला भड़काईस।
26 ओकर राज के आने घटनामन अऊ ओकर जम्मो चालचलन, सुरू ले आखिरी तक, यहूदा अऊ इसरायल के राजामन के किताब म लिखे गे हवंय। 27 आहाज ह अपन पुरखामन संग हमेसा बर सुत गीस अऊ ओला यरूसलेम सहर म माटी दिये गीस, पर ओला इसरायल के राजामन के कबर म नइं रखे गीस। अऊ ओकर बेटा हिजकियाह ह ओकर जगह म राजा बनिस।
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