5 तब इसरायल के राजा ह अगमजानीमन ला इकट्ठा करिस—ओमन चार सौ आदमी रिहिन—अऊ राजा ह ओमन ले पुछिस, “का हमन रामोत-गिलाद के बिरूध लड़ई करे बर जावन या नइं?”
6 पर यहोसापात ह पुछिस, “का इहां यहोवा के कोनो अगमजानी नइं अंय, जेकर ले हमन पुछताछ कर सकन?”
7 इसरायल के राजा ह यहोसापात ला जबाब दीस, “इहां अभी भी एक अगमजानी हवय, जेकर जरिये हमन यहोवा ले पुछताछ कर सकत हन, पर मेंह ओकर ले घिन करथंव, काबरकि ओह कभू भी मोर बारे म कोनो बने बात के अगमबानी नइं करय, पर हमेसा खराप बात ही कहिथे। ओह यिमला के बेटा मीकायाह ए।”
8 तब इसरायल के राजा ह अपन एक करमचारी ला बलाके कहिस, “यिमला के बेटा मीकायाह ला अभीचे लेके आवव।”
9 इसरायल के राजा अऊ यहूदा के राजा यहोसापात अपन राजसी कपड़ा पहिरे, सामरिया के प्रवेस दुवार के बगल म एक कोठार म अपन सिंघासन म बईठे रहंय, अऊ जम्मो अगमजानीमन ओमन के आघू म अगमबानी करत रहंय। 10 कनाना के बेटा सिदकियाह ह लोहा के सींग बनाय रिहिस अऊ ओह घोसना करिस, “यहोवा ह ये कहत हे: ‘ये सींगमन ले तुमन अरामीमन ला अइसन मारहू कि ओमन नास हो जाहीं।’ ”
11 आने जम्मो अगमजानीमन घलो येहीच अगमबानी करत रिहिन। ओमन कहिन, “रामोत-गिलाद ऊपर हमला करव अऊ जीत जावव, काबरकि यहोवा ह ओला राजा के हांथ म कर दीही।”
12 जऊन संदेसिया ह मीकायाह ला बलाय बर गे रिहिस, ओह ओकर ले कहिस, “देख, आने अगमजानीमन बिगर कोनो आपत्ति के राजा बर सफलता के अगमबानी करत हवंय। तोर बात ह घलो ओमन के बात ले मेल खावय, अऊ तें राजा के हित म गोठियाबे।”
13 पर मीकायाह ह कहिस, “यहोवा के जिनगी के सपथ, मेंह ओला सिरिप ओही बात बताहूं, जेला मोर परमेसर ह कहिही।”
14 जब मीकायाह ह उहां हबरिस, त राजा ह ओकर ले पुछिस, “हे मीकायाह, का हमन रामोत-गिलाद के बिरूध लड़ई करे बर जावन या नइं?”
15 राजा ह ओला कहिस, “मेंह तोला कतेक बार कसम खवावंव कि यहोवा के नांव म मोला सिरिप सच्चई के छोंड़ अऊ कुछू बात झन बता?”
16 तब मीकायाह ह जबाब दीस, “मेंह जम्मो इसरायल ला पहाड़ीमन म बिगर चरवाहा के बगरे भेड़मन सहीं देखेंव, अऊ यहोवा ह कहिस, ‘ये मनखेमन के कोनो मालिक नइं एं। हर एक जन सांति से अपन घर जावय।’ ”
17 इसरायल के राजा ह यहोसापात ला कहिस, “का मेंह तोला नइं कहे रहेंव कि ओह मोर बारे म कभू बने अगमबानी नइं करय, पर सिरिप खराप बात कहिथे?”
18 मीकायाह ह आगे कहिस, “एकरसेति यहोवा के बचन ला सुनव: मेंह यहोवा ला अपन सिंघासन म बईठे अऊ ओकर संग स्वरग के जम्मो भीड़ ला ओकर जेवनी अऊ डेरी कोति खड़े देखेंव। 19 अऊ यहोवा ह कहिस, ‘कोन ह इसरायल के राजा अहाब ला रामोत-गिलाद ऊपर हमला करे बर अऊ उहां जाके मरे बर बहकाही?’
21 “ओ आतमा ह कहिस, ‘मेंह जाहूं अऊ ओकर जम्मो अगमजानीमन के मुहूं म एक धोखा देवइया आतमा बनहूं।’
22 “एकरसेति अब यहोवा ह तोर ये अगमजानीमन के मुहूं म एक धोखा देवइया आतमा डाल दे हवय। यहोवा ह तोर बिनास के हुकूम दे हवय।”
23 तब कनाना के बेटा सिदकियाह ह ऊपर मीकायाह करा गीस अऊ ओकर गाल म थपरा मारके पुछिस, “कते रसता ले आतमा ह यहोवा करा ले गीस, जब ओह तोर ले गोठियाय बर मोर करा ले निकलके गीस?”
24 मीकायाह ह जबाब दीस, “तोला ओ दिन ये बात के पता चलही, जब तेंह लुकाय बर एक भीतरी कमरा म जाबे।”
25 तब इसरायल के राजा ह हुकूम दीस, “मीकायाह ला ले जावव अऊ ओला सहर के हाकिम आमोन अऊ राजा के बेटा योआस करा वापिस भेज दव, 26 अऊ कहव, ‘राजा ह ये कहत हे: ये मनखे ला जेल म डाल दव अऊ जब तक मेंह सही-सलामत वापिस नइं लहुंटंव, तब तक येला रोटी अऊ पानी के छोंड़ अऊ कुछू झन दव।’ ”
27 मीकायाह ह घोसना करिस, “यदि तेंह सही-सलामत लहुंटके आ जाबे, त फेर यहोवा ह मोर जरिये बात नइं करे हवय।” तब ओह ये घलो कहिस, “तुमन जम्मो मनखेमन, मोर बात ला धियान म रखव!”
30 अराम के राजा ह अपन रथ के सेनापतिमन ला हुकूम देय रिहिस, “इसरायल के राजा के छोंड़, अऊ कोनो छोटे या बड़े मनखे ले लड़ई झन करहू।” 31 जब रथ के सेनापतिमन यहोसापात ला देखिन, त ओमन सोचिन, “येह इसरायल के राजा अय।” एकरसेति ओमन ओकर ऊपर हमला करे बर मुड़िन, पर यहोसापात ह चिचियाईस, अऊ यहोवा ह ओकर मदद करिस। परमेसर ह ओमन ला ओकर से दूरिहा कर दीस, 32 काबरकि जब रथ के सेनापतिमन देखिन कि ओह इसरायल के राजा नो हय, तब ओमन ओकर पीछा करई छोंड़ दीन।
33 पर कोनो मनखे ह बिगर सोचे-बिचारे अपन तीर ला चला दीस अऊ ओ तीर ह इसरायल के राजा के छाती के कवच अऊ कमरबंध के बीच म लगिस। तब राजा ह रथ के सारथी ला कहिस, “मेंह घायल हो गे हवंव। रथ ला एती-ओती घुमाके मोला लड़ई ले बाहिर निकाल।” 34 पूरा दिन भयंकर लड़ई होते रिहिस, अऊ इसरायल के राजा ह अपन रथ के सहारा म संझा तक अरामीमन कोति मुहूं करके ठाढ़े रिहिस। तब बेर बुड़े के बेरा ओह मर गीस।
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