8 एही किसम ले, डीकनमन ला घलो आदर के लईक होना चाही। ओमन ईमानदार होवंय अऊ पियक्कड़ अऊ नीच कमई के लोभी झन होवंय। 9 ओमन बिसवास के गहिरा सच ला सही बिबेक के संग थामे रहंय। 10 ओमन पहिली जरूर परखे जावंय अऊ यदि निरदोस निकलंय, त ओमन डीकन के रूप म सेवा करंय।
11 ओही किसम ले, डीकनमन के घरवालीमन[a] ला घलो आदर के लईक होना चाही। ओमन बक-बक करइया झन होवंय, पर संयमी अऊ जम्मो बात म बिसवास के लईक होवंय।
12 डीकन के सिरिप एक घरवाली होवय अऊ ओह अपन लइकामन के अऊ घर के सुघर परबंध करय। 13 जऊन मन बने सेवा करे हवंय, ओमन बने आदरमान पाथें अऊ मसीह यीसू म अपन बिसवास के दुवारा भरोसा के लईक समझे जाथें।
14 हालाकि मेंह तोर करा जल्दी आय के आसा करत हंव, तभो ले तोला ये बात लिखत हवंव, 15 ताकि कहूं मोर आय म देरी होवय, त तोला जानकारी होना चाही कि मनखेमन परमेसर के घराना म कइसने बरताव करंय अऊ ये परिवार ह जीयत परमेसर के कलीसिया ए, अऊ येह सच्चई के खंभा अऊ नीव ए। 16 ये बात म कोनो संका नइं ए कि परमेसर के भक्ति के भेद ह महान ए:
- a यूनानी भासा के सबद “गुनाइका” (डीकन के घरवाली) के मतलब “माईलोगन” या “घरवाली” हो सकथे।
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