1 अऊ समूएल के बचन जम्मो इसरायल देस म हबर गीस।
4 एकरसेति ओमन आदमीमन ला सीलो म पठोईन, अऊ ओमन ओ सर्वसक्तिमान यहोवा के करार के सन्दूक ला वापिस ले आईन, जऊन ह करूबमन के ऊपर बिराजमान हवय। अऊ एली के दू झन बेटा, होपनी अऊ पीनहास, परमेसर के करार के सन्दूक संग उहां रिहिन।
5 जब यहोवा के करार के सन्दूक ह डेरा म आईस, त जम्मो इसरायलीमन अतेक जोर से नरियाईन कि भुइयां ह कांप गीस। 6 ये अवाज ला सुनके पलिस्तीमन पुछिन, “इबरीमन के डेरा म नरियाय के ये का अवाज होवथे?”
10 तब पलिस्तीमन लड़िन, अऊ इसरायलीमन हार गीन अऊ हर एक झन अपन-अपन तम्बू म भाग गीन। बहुंते झन मार डारे गीन; इसरायलीमन के तीस हजार पैदल चलइया सैनिकमन मार डारे गीन। 11 परमेसर के सन्दूक ला कब्जा कर लिये गीस, अऊ एली के दूनों बेटा, होपनी अऊ पीनहास मर गीन।
14 रोये के अवाज ला सुनके एली ह पुछिस, “ये हो-हल्ला के का मतलब ए?”
17 ओ मनखे, जऊन ह संदेस लेके आय रिहिस ओह जबाब दीस, “इसरायलीमन पलिस्तीमन के आघू ले भाग गीन, अऊ सेना के बहुंत नुकसान होय हवय। तोर दूनों बेटा होपनी अऊ पीनहास घलो मर गीन, अऊ परमेसर के सन्दूक ला कब्जा कर लिये गे हवय।”
18 जइसे ही एली ह परमेसर के सन्दूक के बारे म सुनिस, ओह दुवार के बाजू म कुरसी म ले पाछू कोति लुड़कके गिर पड़िस। ओकर गरदन ह टूट गीस अऊ ओह मर गीस, काबरकि ओह डोकरा हो गे रिहिस अऊ भारी सरीर के रिहिस। ओह इसरायलीमन के अगुवई चालीस साल तक करिस।
19 ओकर बहू, पीनहास के घरवाली ह देहें म रिहिस अऊ ओकर छेवारी होय के समय ह लकठा आ गे रिहिस। जब ओह सुनिस कि परमेसर के सन्दूक ला छीन लिये गे हवय अऊ ओकर ससुर अऊ ओकर घरवाला मर गे हवंय, त ओला छेवारी होय के पीरा उठिस अऊ ओह एक लइका ला जनम दीस, पर ओह अपन छेवारी होय के पीरा ला सहे नइं सकिस। 20 जब ओह मरत रिहिस, त ओला छेवारी करइया माईलोगनमन ओला कहिन, “निरास झन हो; तेंह एक बेटा ला जनमे हस।” पर ओह कुछू जबाब नइं दीस या कुछू धियान नइं दीस।
21 ओह ये कहत ओ लइका के नांव ईकाबोद[a] रखिस, “इसरायल म ले महिमा ह चल दीस”—काबरकि परमेसर के सन्दूक ह छीन लिये गे रिहिस अऊ ओकर ससुर अऊ ओकर घरवाला मर गे रिहिन। 22 ओह कहिस, “इसरायल म ले परमेसर के महिमा ह चल दीस, काबरकि परमेसर के सन्दूक ला छीन लिये गे हवय।”
<- 1 समूएल 31 समूएल 5 ->- a ईकाबोद के मतलब होथे महिमा रहित
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